Advertisement

Loading Ad...

हरियाणा में 60 दिन में मिलेगा शादी का शगुन, श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला

Haryana CM: हरियाणा सरकार का यह फैसला श्रमिकों के लिए भरोसे की नई व्यवस्था लेकर आया है. अब योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि तय समय में लाभार्थियों तक पहुंचेंगी.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

Haryana marriage Gifts: हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के हित में एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है. सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाओं को अब ‘हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014’ के तहत शामिल कर लिया है. इसका मतलब यह है कि अब श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाएं तय समय-सीमा के भीतर देना अनिवार्य होगा. यदि किसी सेवा में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार माने जाएंगे. इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.

सरकार का उद्देश्य, पारदर्शी और आसान व्यवस्था

इस फैसले के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बन सकें. अब श्रमिकों को अपनी सुविधाओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. तय समय के भीतर सेवा न मिलने पर अधिकारी से जवाब मांगा जा सकेगा, जिससे व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और आम श्रमिकों को राहत मिलेगी.

Loading Ad...

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सहायता

Loading Ad...

नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों के बच्चों को पहली से 12वीं कक्षा तक वर्दी, किताबें और कॉपियां तय समय में उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा छात्रवृत्ति, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कोचिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी. यूपीएससी और एचपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों को दी जाने वाली मदद भी अब अधिकतम 60 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा. खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को मिलने वाली वित्तीय सहायता भी इसी समय सीमा में दी जाएगी.

महिलाओं और परिवारों के लिए योजनाएं

Loading Ad...

महिला श्रमिकों और उनकी बेटियों के लिए कन्यादान सहायता योजना को भी सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है. इसके साथ ही पुरुष श्रमिकों और उनके पुत्रों के लिए शगुन योजना तथा महिला श्रमिकों और उनकी पत्नियों के लिए प्रसूति सहायता भी अब समय पर दी जाएगी. इन योजनाओं का लाभ तय समय सीमा में मिलने से श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.

स्वास्थ्य और दिव्यांग सहायता भी होगी समयबद्ध

सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य और दिव्यांग सहायता से जुड़ी सेवाओं को भी इस अधिनियम में शामिल किया है. दांतों के इलाज, चश्मा, साइकिल, महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन, निःशक्तता सहायता, कृत्रिम अंग, तिपहिया साइकिल और श्रवण यंत्र जैसी सुविधाएं अब 60 दिनों के भीतर उपलब्ध कराना जरूरी होगा. दिव्यांग बच्चों के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता भी इसी समय सीमा में मिलेगी.

Loading Ad...

मृतक श्रमिकों के परिवार को 15 दिन में सहायता

सरकार ने कुछ संवेदनशील सेवाओं के लिए कम समय सीमा तय की है. मृतक श्रमिकों के आश्रितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना और दाह संस्कार सहायता को अब 15 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा. इसके अलावा सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिकों के लिए पुनर्वास सहायता, पेंशन, पारिवारिक पेंशन, बच्चों की पढ़ाई और विवाह सहायता को भी ‘राइट टू सर्विस’ के तहत समयबद्ध कर दिया गया है.

श्रमिकों के लिए भरोसे की नई व्यवस्था

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

हरियाणा सरकार का यह फैसला श्रमिकों के लिए भरोसे की नई व्यवस्था लेकर आया है. अब योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि तय समय में लाभार्थियों तक पहुंचेंगी. इससे न सिर्फ श्रमिकों का सरकारी तंत्र पर भरोसा बढ़ेगा, बल्कि कल्याण योजनाओं का असली लाभ भी सही लोगों तक पहुंचेगा.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...