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PM Modi की तस्वीर के सामने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सुनाया गौभक्तों का दर्द, पुरान बयान भी याद दिलाया !

पिछले कई सालों से गौहत्या पर रोक लगाने के साथ ही गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिये जाने के लिए मुहिम चला रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब PM Modi की तस्वीर के सामने सुनाया गौभक्तों का दर्द, पुरान बयान भी याद दिलाया !

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सनातन धर्म में शंकराचार्यों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, और जब भगवान का दर्जा दिया जाता है, तो उनकी एक-एक मांग भगवान की मांग बन जाती है, एक-एक सलाह भगवान की सलाह बन जाती है। लेकिन इसके बावजूद, साल 2014 से देश की सत्ता संभाल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मांग को ठुकरा रहे हैं। ठुकरा रहे हैं, जबकि उनकी मांग भी कोई निजी मांग नहीं है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तो बस यही मांग कर रहे हैं कि गौहत्या पर रोक लगे और हमारी गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। लेकिन इसके बावजूद लगातार तीन बार से सत्ता संभाल रहे पीएम मोदी उनकी यह मांग ठुकरा रहे हैं। यहां तक कि उनसे मुलाकात का मौका भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लगता है अब शंकराचार्य का भी धैर्य जवाब दे गया। इसीलिए पीएम मोदी की तस्वीर के सामने ही लाखों-करोड़ों गौभक्तों की पीड़ा बताने लगे।

पिछले कई सालों से गौहत्या पर रोक लगाने के साथ ही गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिये जाने के लिए मुहिम चला रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सात मार्च को गौ प्रतिष्ठा संवाद नाम से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की, जिसमें वह पीएम मोदी की तस्वीर के सामने ही गौभक्तों की पीड़ा बताते नजर आए। वह भी ऐसे, जैसे मानो खुद पीएम मोदी उनके सामने मौजूद हों।

साल 2014 में पहली बार देश की सत्ता संभालने वाले पीएम मोदी को लगातार तीसरी बार देश की जनता ने सत्ता सौंप दी, लेकिन इसके बावजूद खुद को सबसे बड़ा गौ सेवक बताने वाले पीएम मोदी आज तक गौहत्या पर पूरी तरह से बैन नहीं लगा पाए और ना ही गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिला पाए। यहां तक कि इसके लिए मुहिम चला रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मांग पर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया, और ना ही उन्हें मुलाकात का कोई समय दिया गया। यही वजह है कि उनकी तस्वीर के सामने ही शंकराचार्य ने गौ भक्तों का दर्द बयां करना शुरू कर दिया।

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बात यहीं खत्म नहीं होती। आपको याद होगा साल 2012 में जब मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे, और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, उस दौर में नरेंद्र मोदी कांग्रेस की यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर पिंक रिवॉल्यूशन यानी गुलाबी क्रांति को बढ़ावा देने के आरोप लगाया करते थे।

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करीब तेरह साल पहले नरेंद्र मोदी ने जैन समाज के एक कार्यक्रम में गुलाबी क्रांति का जिक्र छेड़कर कांग्रेस पर गौहत्या के आरोप लगाया करते थे। और आज खुद पीएम मोदी करीब 11 साल से देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद ना तो गौहत्या पर रोक लगा सके और ना ही गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दे पाए, जिस पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सुनिए क्या कहा।

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ये कोई पहली बार नहीं है जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मोदी सरकार से गौहत्या पर रोक लगाने के साथ ही गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की हो। इससे पहले भी वह कई बार इसकी मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार इस मामले में कोई फैसला नहीं ले सकी। वैसे भी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की यह कोई व्यक्तिगत मांग नहीं है, यह तो हर सनातनी हिंदू की मांग है। और अब तो पिछले 11 साल से केंद्र में भी हिंदुत्व को बढ़ावा देने वाली सरकार है, लेकिन इसके बावजूद सनातनी हिंदुओं को गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिये जाने का इंतजार करना पड़ रहा है।

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