Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

'जरूरत पड़ी तो मैं RSS की रक्षा करूंगा...', संघ के खिलाफ मुखर रहने वाले राहुल गांधी ने ऐसा क्यों कहा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए RSS की अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी और GST से छोटे कारोबारियों को नुकसान हुआ और RSS पर कॉरपोरेट प्रभाव बढ़ा है.

Image Source: Screengrab
Loading Ad...

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने RSS, अभिव्यक्ति की आजादी, छोटे कारोबारियों और सरकार की नीतियों समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. राहुल गांधी के भाषण का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा RSS को लेकर उनका बयान रहा.

RSS की अभिव्यक्ति पर भी करूंगा रक्षा

राहुल गांधी ने कहा कि अगर कभी RSS की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश होती है, तो वह उस दिन संगठन की रक्षा करेंगे, क्योंकि उसे भी अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी की आवाज दबाने के पक्ष में नहीं है और देश में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने की आजादी मिलनी चाहिए. राहुल ने इसी संदर्भ में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं और तकलीफों को सामने रखना चाहते थे, लेकिन सरकार की ओर से व्यवस्था और नियंत्रण की बात कही गई. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब लोग अपनी बात रखना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करने का अवसर क्यों नहीं मिलना चाहिए.

Loading Ad...

छोटे कारोबारियों का मुद्दा भी उठाया

राहुल गांधी ने RSS के पुराने सामाजिक आधार को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि कभी छोटे कारोबारी RSS की ताकत हुआ करते थे, लेकिन नोटबंदी और GST के गलत तरीके से लागू होने का असर इस वर्ग पर पड़ा. राहुल ने आरोप लगाया कि समय के साथ RSS में कॉरपोरेट प्रभाव बढ़ता गया और नरेंद्र मोदी के दौर में यह प्रक्रिया और मजबूत हुई. उन्होंने दावा किया कि आज RSS का पुराना स्वरूप खत्म हो चुका है और संगठन बड़े पूंजीपतियों के हितों से जुड़ गया है. हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर BJP और RSS की ओर से अलग-अलग मौकों पर जवाब दिए जाते रहे हैं.

Loading Ad...

पीएम मोदी और शाह पर भी कसा तंज 

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि सरकार अब यह समझ चुकी है कि देश की आवाज को सिर्फ दबाने से रोका नहीं जा सकता. राहुल ने कहा कि भारत में लोग अब अपनी बात खुलकर रखने लगे हैं और यही बदलाव उन्हें सत्ता के लिए चुनौती देता है. उन्होंने अमित शाह के पुराने राजनीतिक संदर्भों का जिक्र करते हुए भी तंज कसा. राहुल ने कहा कि जिन नेताओं को चाणक्य और सरदार पटेल जैसे नामों से जोड़ा जाता था, वे अब अलग स्थिति में नजर आते हैं. उन्होंने दावा किया कि संसद में हुए घटनाक्रम ने सरकार को पहली बार देश की बदलती अभिव्यक्ति का एहसास कराया है.

सरकार की विदेश नीति का उड़ाया मजाक 

Loading Ad...

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि सरकार को कब लगा कि किसी को गले लगाना ही विदेश नीति का सबसे बड़ा हिस्सा है. अपनी बात समझाने के लिए राहुल ने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया और इसे प्रतीकात्मक अंदाज में पेश किया.

प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी तंज

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि यह कोई मार्केटिंग रणनीति होगी, लेकिन बाद में उनके साथ कमरे में बैठक के बाद उन्हें अलग समझ आया. इस दौरान राहुल ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर कई व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बहरहाल, रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन में राहुल गांधी का भाषण सरकार की नीतियों, अभिव्यक्ति की आजादी और RSS के बदलते स्वरूप पर केंद्रित रहा. उन्होंने एक तरफ RSS की विचारधारा की आलोचना की, तो दूसरी तरफ उसके अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा की बात भी कही. उनके बयान ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस को चर्चा में ला दिया है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...