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वक्फ संशोधन कानून मामलें में सुप्रीम कोर्ट में टल गई सुनवाई, नए सीजेआई के हाथ में गया केस

वक्फ संशोधन कानून पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फ़िलहाल के लिए केंद्र सरकार को राहत दिया है. आज तीन जजों की बेंच फिर एक बार आज बैठी पर मामला अगले हफ्ते के लिए टल गया. कोर्ट ने अगली सुनवाई तक वक्फ सम्पत्ति को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है.

वक्फ संशोधन कानून की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को फिलहाल के लिए राहत मिल गई है. क्योंकि सोमवार को अदालत ने इसको लेकर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया. अब इस मामले की अगली सुनवाई नए मुख्य न्यायधीश की बेंच करेगी. बता दें कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

दरअसल, वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के संसद के दोनों सदन से पास होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून के रूप में पूरे देश में लागू हुआ. इसके बाद कुछ मुस्लिम संगठन और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस कानून के विरोध में देश की सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. इन सभी याचिकाओं पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए वक्फ की सम्पत्ति को यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश देने के साथ ही सरकार से जवाब मांगा था. इस मामलें में आज यानी सोमवार को सुनवाई होनी थी लेकिन मौजूदा मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने इस मामले को सुना, और अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 मई की नई तारीख दी है. आज कोर्ट ने कहा इस मामले में विस्तृत सुनवाई की जरूरत है इसलिए इस मामले को अब जस्टिस बीआर गवई की अगुवाई वाली बेंच के सामने सूचीबद्ध कर मामले की सुनवाई होगी.


यथास्थिति रहेगी बरकरार

बताते चलें कि इस मामले नें सुप्रीम कोट में पिछली सुनवाई 17 अप्रैल को हुई थी. उस वक़्त कोर्ट ने कहा था कि 5 मई तक न तो वक्फ बोर्ड और ना ही काउंसिल में नई नियुक्तियां होंगी और न ही वक्फ बाय यूजर सहित किसी वक्फ संपत्ति को डिनोटिफाई किया जाएगा. कोर्ट ने इसी बात को सोमवार को भी बरकरार रखने का आदेश दिया है.   इसका मतलब है कि अगली सुनवाई और कोर्ट के फैसले तक वक्फ सम्पत्तियों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा. गौरतलब है कि इस मामले में अब तक 73 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं जिनमें AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन जैसे नेता शामिल हैं.

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