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भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA पर लगी मुहर, अब ड्यूटी फ्री होगा 70% भारतीय सामान, जानिए दोनों देशों को कौन-कौन से बड़े फायदे मिलेंगे?
न्यूजीलैंड के साथ 27 अप्रैल को FTA पर हस्ताक्षर होने के बाद भारत को कई तरह के बड़े फायदे मिलेंगे. इनमें कपड़ा, प्लास्टिक, चमड़ा और इंजीनियरिंग जैसे लेबर, इंटेंसिव प्रोडक्ट्स यानी श्रम प्रधान उत्पाद अब बिना किसी शुल्क के निर्यात हो सकेंगे. न्यूजीलैंड में रह रहे लोगों के लिए भारतीय सामान और भी ज्यादा सस्ते हो जाएंगे.
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भारत और न्यूजीलैंड ने अपने सामानों और सर्विसेज के व्यापार को बढ़ाने और उसमें निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए FTA पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर होते ही यह लागू भी हो गया है. जानकारी के लिए बता दें कि दोनों देशों के बीच इस समझौते की पहली बातचीत साल 2010 में शुरू हुई थी. उसके बाद करीब नौ दौर की वार्ता के बाद साल 2015 में इस प्रक्रिया पर विराम लग गया था, लेकिन पिछले साल यानी मार्च 2025 में इस वार्ता को दोबारा से शुरू किया गया. ऐसे में 27 अप्रैल 2026 को इस पर ऑफीशियली मुहर लग गई.
इस डील के बाद भारत को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
न्यूजीलैंड के साथ 27 अप्रैल को FTA पर हस्ताक्षर होने के बाद भारत को कई तरह के बड़े फायदे मिलेंगे. इनमें कपड़ा, प्लास्टिक, चमड़ा और इंजीनियरिंग जैसे लेबर, इंटेंसिव प्रोडक्ट्स यानी श्रम प्रधान उत्पाद अब बिना किसी शुल्क के निर्यात हो सकेंगे. न्यूजीलैंड में रह रहे लोगों के लिए भारतीय सामान और भी ज्यादा सस्ते हो जाएंगे. इसके अलावा न्यूजीलैंड ने यह भी वादा किया है कि वह अगले 15 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा. दोनों देशों के बीच हुई इस डील का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. यह भारत के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है. कई अन्य क्षेत्रों में भी भारत को कई बड़े अवसर मिलेंगे. इनमें शिक्षा, पर्यटन, वित्त, प्रोफेशनल सर्विसेज, आईटी और कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं.
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भारतीयों के लिए न्यूजीलैंड में खुलेंगे रोजगार के दरवाजे
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दोनों देशों के बीच हुई इस डील से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. खासतौर से भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा का एक नया रास्ता खुलेगा. प्रत्येक वर्ष 5000 वीजा का कोटा होगा, जिसमें अधिकतम 3 वर्ष तक न्यूजीलैंड में काम करने की अनुमति मिलेगी. इसके अलावा भारत से शराब और स्पिरिटस निर्यात भी ड्यूटी फ्री होगा. कुल मिलाकर देखा जाए, तो सबसे बड़ा फायदा भारतीय समानों को होगा, जहां लगभग 70% सामानों पर न्यूजीलैंड में किसी भी तरह का ड्यूटी नहीं लगेगा.
'एक जिला एक उत्पाद' को भी मिलेगा बढ़ावा
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FTA पर हस्ताक्षर होने के बाद भारत के MSME, हथकरघा, हस्तशिल्प और (एक जिला एक उत्पाद) यानी ODOP जैसे क्षेत्रों को भी खास बढ़ावा मिलेगा. इस समझौते से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और भी ज्यादा मजबूत होंगे. व्यापार को भी तेजी से बढ़ाने का मौका मिल सकेगा.
भारत के फार्मा सेक्टर को भी मिलेगा बड़ा फायदा
आपको बता दें कि भारत की फार्मास्यूटिकल कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है. इनमें अब फार्मास्यूटिकल उत्पादों को किसी भी तरह के लंबे चेकिंग प्रोसेस से नहीं गुजरना पड़ेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूजीलैंड अब अमेरिकी FDA और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) की रिपोर्ट को भी मान्यता देगा. जिसके चलते भारतीय दवाओं को अब न्यूजीलैंड में कम लागत में दिया जाएगा और वहां पहुंचने की प्रक्रिया भी काफी आसान होगी. ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी पश्चिमी देश के साथ भारतीय दवाओं में आयुर्वेद, योग और यूनानी चिकित्सा के लिए अलग से विशेष प्रावधान शामिल किया गया है. इस कदम से भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने का एक खास मौका मिलेगा.
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भारत के साथ हुई डील से न्यूजीलैंड को होने वाले फायदे?
भारत के साथ हुई इस डील से न्यूजीलैंड को भी कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं. इनमें भारत के बड़े मार्केट में पहुंचना न्यूजीलैंड के लिए काफी आसान हो जाएगा. वहीं भारत ने अपने करीब 70.03% टैरिफ लाइनों को न्यूजीलैंड के लिए खोलने पर सहमति दे दी है. न्यूजीलैंड से भारत में आने वाली वाइन, लकड़ी और ताजे फल जैसे कीवी, एवोकाडो और ब्लूबेरी पर आयात शुल्क काफी कम होगा, जिसकी वजह से यह सभी उत्पाद भारतीय बाजार में पहले से ज्यादा सस्ते दाम पर उपलब्ध हो सकेंगे. इसका फायदा खास तौर से भारत के मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा. वर्तमान में यह सभी उत्पाद काफी महंगे दामों पर मिल रहे थे, जो अब किफायती दामों पर भारतीय मार्केट में उपलब्ध हो सकेंगे.
भारतीय किसानों को भी कई बड़े फायदे मिलेंगे
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भारतीय किसानों को भी इससे कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं. इनमें 'न्यूजीलैंड एग्री टेक्नोलॉजी एक्शन प्लान' के तहत न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ भारतीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का प्रशिक्षण देंगे, जिससे भारतीय किसान कीवी और सेब जैसे फसलों की पैदावार और क्वालिटी में सुधार कर सकेंगे. ऐसे में देखा जाए, तो दोनों देशों को कृषि और तकनीकी सहयोग में भी मजबूती मिलेगी.
न्यूजीलैंड भारत में करेगा 20 अरब डॉलर का निवेश
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न्यूजीलैंड ने इस डील के तहत भारत में अगले 15 सालों के अंदर करीब 20 अरब डॉलर का विदेशी निवेश का वादा किया है. वहीं अगर पुराने आंकड़ों को देखा जाए, तो अप्रैल 2000 से लेकर दिसंबर 2025 तक भारत को न्यूजीलैंड से सिर्फ 8.9 करोड़ का ही निवेश मिला था, लेकिन इस समझौते से भारत को एक बड़े बाजार तक पहुंच दिलाने और आर्थिक रणनीति को मजबूती प्रदान करने में बड़ी मदद मिल सकेगी.