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अयोध्या में मकान में ब्लास्ट से 5 लोगों की मौत, डेढ़ साल पहले भी इसी घर में हुआ था धमाका

अयोध्या से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर दिल दहल उठेगा. यहां एक ही घर में 18 महीनों में 8 लोगों की मौत हो गई. मामला भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव का है. जहां सिलेंडर ब्लास्ट से एक मकान जमींदोज हो गया.

Representative Image(Meta AI)

अयोध्या से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर दिल दहल उठेगा. यहां एक ही घर में 18 महीनों में 8 लोगों की मौत हो गई. मामला भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव का है. जहां सिलेंडर ब्लास्ट से एक मकान जमींदोज हो गया. मलबे में दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में पिता, दो बेटे, एक बेटी और एक रिश्तेदार शामिल हैं. बचाव टीम मौके से मलबे को हटा रही है. पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है.

क्या कह रहे है प्रत्यक्षदर्शी ?

दर्दनाक घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों  ने शोक व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि, धमाके से सिर्फ पगलाभारी गांव ही नहीं, कई किलोमीटर दूर तक के गांव दहल उठे. उन्होंने कहा जब सिलेंडर ब्लास्ट हुआ तब लोग आनन-फानन में घर से बाहर निकले, आसमान में धूल का गुबार छा गया था. एक झटके में ही पूरा का पूरा मकान मिट्टी में तब्दील हो गया. गांव में अफरातफरी का माहौल था. रातभर, पुलिस की टीमें, डॉग स्क्वायड के साथ, मलबे को खंगालती रहीं. मृतकों में रामकुमार गुप्ता (मकान मालिक) , उनके 2 बेटे लव (8) और यश, बेटी इशी और साली वंदना शामिल हैं.

अप्रैल 2024 में भी मकान में हुआ था ब्लास्ट

हालांकि, इस गांव में ऐसी घटना कोई पहली बार नहीं घटी है. पिछले साल, अप्रैल 2024 में भी इसी रामकुमार के पुराने मकान में एक ऐसा ही विस्फोट हुआ था. वह हादसा इतना भयानक था कि रामकुमार की मां और पत्नी दोनों ही गंभीर रूप से झुलस गईं, इलाज के दौरान दोनों ने ही दम तोड़ दिया था. इस घटना में गांव की एक लड़की भी मलबे में दब गई थी जिससे उसकी भी मौत हो गई थी.

अवैध पटाखों का कारोबारी था रामकुमार

गांववालों ने रामकुमार को लेकर बताया कि उसका अवैध पटाखों का कारोबार था. वह बड़ी मात्रा में विस्फोटक घर में रखता था. हालांकि, 2024 में जो हादसा हुआ था, उसका भी कारण सिलिंडर ब्लास्ट ही बताया गया था. उस हादसे के बाद रामकुमार गांव छोड़कर, मधुपुर मार्ग पर बाहर मकान बनाकर रहने लगा था. लेकिन इस बार फिर उसी तरह का हादसा हुआ. हालांकि, गांववाले अब भी दबी जुबान में पटाखों की वजह से विस्फोट की बात कर रहे हैं.

DM ने घटना को लेकर दी पूरी जानकारी 

इस घटना पर DM निखिल टीकाराम फुंटेस ने बताया कि ब्लास्ट की सूचना उन्हें रात करीब सवा सात बजे मिली. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. मलबा हटाकर सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया, जिनमें बाद में पांच लोगों की मौत हो गई. विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं.

DM ने कहा कि शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि धमाका किचन एरिया में हुआ होगा, क्योंकि वहां बर्तन पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल प्रारंभिक अनुमान है और विस्फोट के वास्तविक कारण का पता फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. 

वहीं, SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि रामकुमार ने एक साल पहले गांव के बाहर नया मकान बनवाया था और तब से वह अपने पूरे परिवार के साथ वहीं रह रहा था. उनके मकान के आसपास कोई दूसरा घर नहीं था. ब्लास्ट की जांच की जा रही है.

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