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आतंकी हमजा के जनाजे में 'अज्ञात' का खौफ, AK-47 के साथ घेरा बनाकर हिजबुल के कमांडर की हुई हिफाजत
पुलमावा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा के जनाजे में हमलावर का खौफ साफ दिखा. जनाजे में शरीक हुए दशहतगर्द खुद AK-47 के सुरक्षा घेरे में खुद को बचाते दिखे.
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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमला बुरहान उर्फ अरजमंद गुलजार डार को कब्र में दफना दिया गया. जनाजे में वो ही लोग शरीक हुए जिन्होंने हमजा को भारत के खिलाफ ट्रेंड किया था, लेकिन इस दौरान अज्ञात शख्स (Aknown Man) का खौफ साफ दिखा.
21 मई को PoK में हमजा की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर हमजा की लहूलुहान तस्वीरें सामने आईं. इनके साथ दावा किया गया कि हमजा को ‘धुरंधर’ स्टाइल में मारा गया. हमजा ने कश्मीर से निकलकर कश्मीर को ही दहलाया. जनाजे में भी आतंकी और ISI के अधिकारी शामिल हुए. हमजा के शव को कड़ी सुरक्षा में दफनाया गया, ताकि अज्ञात हमलावर जनाजे में शामिल होने वाले लोगों को न निशाना बना सके.
जनाजे में AK-47 से लैस दिखे आतंकी
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आतंकी हमजा बुरहान को इस्लामाबाद में दफनाया गया. जहां आतंकी संगठन और भारत का मोस्ट वॉन्टेड हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन भी पहुंचा. उसके अलावा आतंकी संगठन अल-बदर का टॉप कमांडर और चीफ भी वहां नजर आया. इस दौरान कई आतंकी AK-47 जैसे हथियारों से लैस थे. यहां तक कि अल बदर के चीफ की रखवाली करने के लिए हथियारबंद आतंकियों ने सुरक्षा घेरा भी बना रखा था.
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इससे साफ है कि हमजा की हत्या के बाद आतंक के आकाओं में किस तरह से ‘अननॉन मैन’ का खौफ है. हमजा से पहले अज्ञातों ने कई आतंकियों को चुन-चुन कर निशाना बनाया और जहन्नुम की राह दिखाई. इसके चलते पाकिस्तान में दहशतगर्दों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.
कौन था हमजा बुरहान?
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हमजा बुरहान का असली नाम- अरजमंद गुलजार डार था. वह एक पाकिस्तान-समर्थित आतंकवादी था, जो अल-बद्र (Al-Badr) नाम के प्रतिबंधित आतंकी संगठन का प्रमुख कमांडर था. हैरत की बात ये है कि पुलवामा हमले की पूरी प्लानिंग करने वाला हमजा पुलवामा के ही रत्नीपोरा का रहने वाला था. यहीं जन्म लिया और इसी धरती को खून से रंगने की साजिश रची.
साल 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने हमजा बुरहान पाकिस्तान गया. वहां जाकर उसने आतंकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई. आतंकी ग्रुप्स में बड़ी जिम्मेदारियां संभाली, जैसे लोकल युवाओं की भर्ती, फंडिंग और घुसपैठ नेटवर्क को हैंडल करना. साल 2019 के पुलवामा हमले के बाद हमजा ने 2020 में पुलवामा में CRPF पर ग्रेनेड अटैक भी करवाया. इसके बाद साल 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित कर दिया.
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बताया जा रहा है हमजा को डॉक्टर कोड नेम से भी जाना जाता था. वह पाकिस्तान में छिपकर आतंकी नेटवर्क चलाता था. खुद को कभी शिक्षक तो कभी डॉक्टर की तरह दिखाता था, लेकिन पाकिस्तान में बैठकर ही वह भारत समेत कई देशों में आतंकी घटनाएं करवाता था. उसे ISI ने न केवल शरण दी थी. बल्कि भारत के खिलाफ अपने मिशन के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल किया. बकायदा पोषित किया और फंडिंग दी. इतना ही नहीं ISI ने उसे सुरक्षा के लिए हथियारों के लैस गार्ड भी दिए थे, हालांकि भारत के इस दुश्मन का अंत बेहद दर्दनाक रहा.