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मेहुल चोकसी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 310 करोड़ की संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंपीं
प्रवर्तन निदेशालय ने इन फ्लैट्स को 21 नवंबर को हैंडओवर किया है. अब लिक्विडेटर इन संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा, जिससे बैंकों, घोटाले के पीड़ितों और दूसरे हकदारों को उनका पैसा वापस किया जा सकेगा.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पंजाब नेशनल बैंक स्कैम के आरोपी मेहुल चोकसी पर लगातार शिकंजा कस रहा है. इस क्रम में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है.
बोरीवली की चार फ्लैट्स ईडी ने किए हैंडओवर
ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने मेहुल चोकसी की कुर्क की गई संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंप दी हैं. इन संपत्तियों में बोरीवली पूर्व स्थित प्रोजेक्ट तत्व, ऊर्जा-ए विंग में बने चार फ्लैट्स शामिल हैं.
310 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां सौंप चुका है ईडी
प्रवर्तन निदेशालय ने इन फ्लैट्स को 21 नवंबर को हैंडओवर किया है. अब लिक्विडेटर इन संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा, जिससे बैंकों, घोटाले के पीड़ितों और दूसरे हकदारों को उनका पैसा वापस किया जा सकेगा. इस तरह से ईडी मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब 310 करोड़ रुपए की कीमत वाली चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर को सौंप चुकी है.
2014-2017 के बीच पीएनबी को हुआ 6,097 करोड़ का नुकसान
मेहुल चोकसी के मामले में पीएमएलए के तहत जांच से पता चला है कि उसने 2014 से 2017 के दौरान अपने सहयोगियों और पीएनबी के अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट जारी करवाए, जिससे पीएनबी को 6,097.63 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. उसने आईसीआईसीआई बैंक से भी लोन लिया था और उस लोन को भी चुकाने में असफल रहा.
ईडी ने किए 597.75 करोड़ रुपए के कीमती सामान जब्त
जांच के दौरान ईडी ने पूरे भारत में 136 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली और मेहुल चोकसी के गीतांजलि ग्रुप से संबंधित 597.75 करोड़ रुपए मूल्य के कीमती सामान जब्त किए. इसके अलावा मेहुल चोकसी की 1,968.15 करोड़ रुपए की अचल और चल संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें भारत और विदेशों में अचल संपत्तियां, वाहन, बैंक खाते, फैक्ट्री, सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर, आभूषण आदि शामिल हैं. कुल मिलाकर इस मामले में 2,565.90 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त या कुर्क की गईं हैं.
बता दें कि ईडी और बैंक मिलकर मुंबई की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक जॉइंट एप्लिकेशन दाखिल की थी. कोर्ट ने आदेश दिया कि ईडी लिक्विडेटर्स और बैंकों को संपत्तियों की वैल्यूएशन और नीलामी की प्रक्रिया में मदद करे.
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