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'मोदी मस्ट रिजाइन!', पहले शिक्षा मंत्री पर हमला, अब PM मोदी पर निशाना; CJP ने उठाई इस्तीफे की मांग

CJP Protest: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद आंदोलन से जुड़े संगठनों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की.

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18 Jul 2026
( Updated: 18 Jul 2026
01:01 PM )
'मोदी मस्ट रिजाइन!', पहले शिक्षा मंत्री पर हमला, अब PM मोदी पर निशाना; CJP ने उठाई इस्तीफे की मांग
Image Source: IANS/Video Grab
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CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस जबरन अस्पताल ले गई. पुलिस का कहना है कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह कदम उठाया गया, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके. हालांकि, वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने के बाद उनके समर्थकों और आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिस तरह से पुलिस ने कार्रवाई की, वह लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने जैसा है. इसके साथ ही जंतर मंतर से हटाने के बाद कॉक्रोच जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर ले लिया है और उनके इस्तीफे कि मांग कर दी है.

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर साधा निशाना

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद आंदोलन से जुड़े संगठनों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की. सीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, ''मोदी मस्ट रिजाइन''
CJP की ओर से कहा गया कि सरकार को पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर जवाबदेही तय करनी चाहिए. संगठन पहले से ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था. अब सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद विरोध और तेज हो गया है.

NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहा था आंदोलन

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सोनम वांगचुक का यह अनशन NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में चल रहा था. उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
28 जून से शुरू हुए इस अनशन के दौरान सोनम वांगचुक की सेहत लगातार कमजोर होती गई. डॉक्टरों ने भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उनकी मेडिकल जांच और स्वास्थ्य का ध्यान रखने के निर्देश दिए थे.

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आंदोलन से जुड़े नेता बोले- यह कार्रवाई गलत

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को जिस तरीके से धरना स्थल से हटाया गया, वह सही तरीका नहीं था. दीपके ने कहा कि वांगचुक को इस तरह से हटाना 'तानाशाही' है, जिसका विरोध करना जरुरी है.
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की आवाज सुनी जानी चाहिए. उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे बिना किसी हिंसा और कानून तोड़े अपनी बात रखें.

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सोनम वांगचुक के बाद अभिजीत दीपके अनशन पर बैठे

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सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद अब आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने अनशन शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है. फिलहाल सोनम वांगचुक की सेहत, पुलिस कार्रवाई और आंदोलन की आगे की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर टकराव बढ़ता नजर आ रहा है.

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