योगी राज में फिर बुलडोजर एक्शन! संभल में अवैध मजार और इमामबाड़े पर चला पीला पंजा
Sambhal Bulldozer Action: प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण ग्राम सभा की बंजर जमीन पर बिना अनुमति के किया गया था. कार्रवाई से पहले संबधित प्रकिया पूरी की गई, नोटिस जारी किए गए और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन तय समय तक कोई भी पक्ष सामने नहीं आया.
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Sambhal Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक बार फिर प्रशासन ने अवैध कब्जो के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस बार सरकारी जमीन पर बने एक मजार और इमामबाडे को बुलडोजर चलाकर हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण ग्राम सभा की बंजर जमीन पर बिना अनुमति के किया गया था. कार्रवाई से पहले संबधित प्रकिया पूरी की गई, नोटिस जारी किए गए और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन तय समय तक कोई भी पक्ष सामने नहीं आया..इसके बाद अदालत के आदेश पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की..
ग्राम सभा की बंजर जमीन पर था निर्माण
प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई संभल के मुकर्रबपुर गांव में की गई. जिस जमीन पर मजार और इमामबाड़ा बना था, वह ग्राम सभा की बंजर भूमि बताई गई है. राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में ग्राम सभा के नाम दर्ज है. इसके बाद लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई और संबंधित मामले में राजस्व कानून की धारा 67 के तहत वाद दर्ज किया गया.
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— NMF NEWS (@NMFNewsNational) July 17, 2026
नोटिस के बाद भी किसी ने नहीं किया दावा
प्रशासन ने बताया कि मामले की जानकारी सार्वजनिक रूप से जारी की गई थी और संबंधित पक्षों को अदालत में अपना पक्ष रखने या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया. लेकिन तय समय सीमा तक कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने दावे के साथ सामने नहीं आई. इसके बाद न्यायालय ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने का आदेश दिया. प्रशासन का कहना है कि अब तक इस आदेश को किसी अदालत में चुनौती भी नहीं दी गई है.
अदालत के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
न्यायालय से आदेश मिलने के बाद प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की. पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो. अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है.
खाली कराई गई जमीन का होगा जनहित में इस्तेमाल
संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि इस कार्रवाई के जरिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. उनका कहना है कि भविष्य में इस जमीन का इस्तेमाल जनहित के कार्यों और जरूरतमंद लोगों के लिए किया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कर उनका सही उपयोग सुनिश्चित करना है.
सीएम योगी के दौरे से पहले तेज हुई कार्रवाई
प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संभल दौरा प्रस्तावित है. अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जिले में करीब 550 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे. इनमें अस्पताल, आंगनवाड़ी भवन और कई अन्य विकास कार्य शामिल हैं. ऐसे में प्रशासन जिले में विकास कार्यों और सरकारी जमीनों से जुड़े मामलों को तेजी से निपटा रहा है.
पहले भी हटाए गए थे अवैध कब्जे
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यह पहली बार नहीं है जब संभल में इस तरह की कार्रवाई की गई हो. इससे पहले भी प्रशासन ने मढ़न गांव में सरकारी और कब्रिस्तान की करीब 10.5 बीघा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया था. उस अभियान के दौरान अवैध रूप से बने ईदगाह, मस्जिद, दो ऊंची मीनारों और दो मकानों को हटाया गया था. यह कार्रवाई कई घंटे तक चली थी और पूरे समय भारी पुलिस बल तैनात रहा था. प्रशासन का कहना है कि आगे भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.