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JDU नेता राजीव रंजन का बयान, बिहारियों को गुमराह करने आए राहुल गांधी

बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन की तरफ से लगातार राहुल गांधी की बेगुसराय में की गई पदयात्रा पर लगातार बयानबाज़ी की जा रही है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बिहार दौरे पर तंज कसा।

राहुल गांधी की बिहार यात्रा को लेकर सियासत गर्म है। सत्तारूढ़ गठबंधन की तरफ से लगातार राहुल गांधी की बेगुसराय में की गई पदयात्रा पर लगातार बयानबाज़ी की जा रही है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बिहार दौरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उनकी पदयात्रा से एक चीज तो समझ गई है कि बिहार को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव नहीं चाहिए। बिहार की जनता को एक बार फिर से नीतीश कुमार की सरकार चाहिए। जहां युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सम्मान मिलता है। 


सोमवार को राहुल गांधी बेगूसराय में 'पलायन रोको नौकरी दो' यात्रा में शामिल हुए। लेकिन, राहुल गांधी एक किलोमीटर ही चले और यात्रा समाप्त हो गई। महज 24 मिनट में राहुल की इस यात्रा समाप्त हुई।राहुल की इस यात्रा पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने सोमवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात की। उन्होंने कहा, "देखिए, राहुल गांधी दिल्ली से चलकर आए थे। बिहार के लोगों को पलायन और रोजगार देने के लिए आए। लेकिन, पदयात्रा 24 मिनट में ही खत्म हो गई। राहुल एक किलोमीटर भी नहीं चल पाए। मैं समझता हूं कि वह पलायन रोकने और रोजगार देने के लिए बिहार की जनता को गुमराह करने के लिए आए थे।"


जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा कि बिहार की जनता जान चुकी है कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी कभी पलायन को लेकर गंभीर नहीं हो सकती हैं। क्योंकि, इनकी सरकार में युवाओं को हमेशा निराशा ही मिली है। बिहार में पलायन के लिए आरजेडी और कांग्रेस जिम्मेदार हैं। बिहार को बदलने का काम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। उन्होंने बिहार में 12 लाख नौकरियां दीं। महिलाओं के सम्मान में योजनाएं लाईं। पक्की सड़कों का जाल बुना गया, इसलिए बिहार की जनता को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव नहीं, उन्हें नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री चाहिए।


बेगूसराय पदयात्रा को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "बिहार के युवाओं में जोश है, कुछ कर दिखाने का और सरकार के खिलाफ आक्रोश है, उन्हें अवसर और समर्थन नहीं दिलाने का। 'पलायन रोको, नौकरी दो' यात्रा में आज बेगूसराय की सड़कों पर हजारों युवाओं की भावना, उनका कष्ट और संकल्प साफ दिखा। बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ ये आवाज अब बदलाव की पुकार बन चुकी है। बिहार अब चुप नहीं बैठेगा, युवा और अन्याय नहीं सहेगा। अपने अधिकार, रोजगार और न्याय की लड़ाई डटकर लड़ेगा।"

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