Advertisement
CJP: सौरभ दास की आलीशान कोठी पर उठे सवाल, 1 लाख महीना किराया... जांच में जुटीं एजेंसियां
Saurabh Das: दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में स्थित एक आलीशान कोठी इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चाओं का हिस्सा बनी हुई है. वजह है इस घर से जुड़ा किराया और यहां रहने वाले सौरभ दास को लेकर उठ रहे सवाल..
Advertisement
Saurabh Das: दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में स्थित एक आलीशान कोठी इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चाओं का हिस्सा बनी हुई है. वजह है इस घर से जुड़ा किराया और यहां रहने वाले सौरभ दास को लेकर उठ रहे सवाल.. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कोठी का किराया करीब 12 लाख रुपये सालाना यानी लगभग 1 लाख रुपये महीना बताया जा रहा है. मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि सौरभ दास खुद को छात्र बताते हैं और सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि इतनी महंगी जगह का खर्च आखिर कैसे पूरा किया जा रहा है. इसी को लेकर दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जानकारी जुटाने में लगी हैं.
आलीशान घर, घरेलू स्टाफ और खर्च को लेकर सवाल
बताया जा रहा है कि ग्रेटर कैलाश की यह कोठी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक व्यक्ति की है और सौरभ दास इसे कई सालों से किराये पर ले रहे हैं. हालांकि हाल के समय में आंदोलनों और सार्वजनिक गतिविधियों के बाद वह यहां कम दिखाई दिए हैं. घर की देखभाल के लिए घरेलू सहायकों की व्यवस्था होने की बात भी सामने आई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक सामान्य छात्र जीवन और इतने बड़े खर्चों के बीच का अंतर ही इस पूरे मामले को चर्चा में ला रहा है. जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इस तरह के खर्चों का आर्थिक स्रोत क्या है और क्या इसके लिए कोई वैध वित्तीय व्यवस्था मौजूद है.
वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद
Advertisement
यह मामला तब ज्यादा सुर्खियों में आया जब एक यूट्यूबर ने इस कोठी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं. वीडियो में घर की भव्यता को दिखाते हुए यह सवाल उठाया गया कि एक छात्र इतनी महंगी संपत्ति का किराया किस तरह वहन कर रहा है.
वीडियो वायरल होने के बाद सौरभ दास ने इस पर आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना उनके किराये के घर में प्रवेश कर वीडियो बनाया गया. इसके बाद उन्होंने ग्रेटर कैलाश थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की.
Advertisement
सौरभ दास ने निजता के उल्लंघन का उठाया मुद्दा
Advertisement
सौरभ दास की शिकायत के बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई. उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के निजी स्थान पर बिना अनुमति के वीडियो बनाना गलत है और इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत के साथ-साथ सामने आए अन्य सवालों की भी जांच की जा रही है. यानी मामला सिर्फ वीडियो बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है.
आय के स्रोतों की जांच पर जोर
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसियां अब सौरभ दास की आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों और उनसे जुड़े संगठनों के वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने पर ध्यान दे रही हैं. हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.
कुछ आरोप पहले से लगाए जाते रहे हैं कि संबंधित संगठन की फंडिंग को लेकर सवाल हैं, लेकिन इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतने बड़े खर्चों का स्रोत क्या है और क्या सभी वित्तीय लेन-देन नियमों के अनुसार हैं.
Advertisement
आगे बढ़ सकती है जांच
यह भी पढ़ें
अगर जांच में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो मामला आगे कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ सकता है. फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं.. ग्रेटर कैलाश की यह कोठी अब सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि राजनीति, सोशल मीडिया और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चल रही बहस का केंद्र बन चुकी है. आने वाले दिनों में जांच से ही साफ होगा कि इस पूरे विवाद के पीछे वास्तविक स्थिति क्या है.