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महाशिवरात्रि पर काशी में आस्था का जनसैलाब, अखाड़ों की निकली शोभायात्रा

धर्म नगरी काशी में आधी रात से ही मंदिर के बाहर 3 किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं और बाबा विश्वनाथ लगातार 46 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्म नगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस बार करीब 25 लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पार कर रहा है। आधी रात से ही मंदिर के बाहर 3 किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं और बाबा विश्वनाथ लगातार 46 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्चाधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लेते दिखे।


काशी में सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम 

महाशिवरात्रि का यह उत्सव काशी में उस समय और भी खास हो गया, जब महाकुंभ का पलट प्रवाह यहां देखने को मिला। महाकुंभ और महाशिवरात्रि का यह संयोग वर्षों बाद बना है, जिसने श्रद्धालुओं की संख्या को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है।  सीएम योगी के निर्देश पर मंदिर न्यास और जिला प्रशासन ने इस अपार जनसमूह को संभालने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। काशी विश्वनाथ धाम परिक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल, एटीएस कमांडो और एसटीएफ तैनात हैं। उच्चाधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा करके हालात का जायजा ले रहे हैं।


अखाड़ों की निकली शोभायात्रा 

काशी में महाशिवरात्रि पर अखाड़ों की शोभायात्रा भी इस बार भव्यता के साथ निकली। जूना अखाड़े के नागा साधु त्रिशूल, तलवार और गदा लेकर 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकले। पेशवाई का स्वागत फूलों की वर्षा और माल्यार्पण के साथ किया गया।  सीएम योगी के निर्देश पर काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार पर मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी एस राजलिंगम सहित आला अधिकारियों ने नागा साधुओं का अभिनंदन किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वीआईपी और प्रोटोकॉल को निरस्त कर दिया गया है, ताकि हर भक्त को बाबा के दर्शन का समान अवसर मिले। मंगलवार रात 2:15 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खोले गए और बाबा को दूल्हे की तरह सजाया गया। वहीं, काशी के गंगा घाटों पर महाशिवरात्रि के पर्व पर बड़ी संख्या में स्नानार्थियों ने पहुंचकर पुण्य की डुबकी लगाई।


सीएम योगी के निर्देश पर वरिष्ठ अफसरों की देखरेख में किए गए इंतजाम न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव बना रहे हैं, बल्कि काशी की वैश्विक पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। भक्तों का कहना है कि योगी सरकार की सक्रियता से यह महाशिवरात्रि ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बन गई है।
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