विधान परिषद में सीएम योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर प्रहार, विरासत, राम मंदिर और कानून-व्यवस्था पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ. यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यहां सब चंगा है. महिलाओं को सुरक्षा व व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण दिया गया. 8-9 वर्ष में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई, इसमें 20 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया.

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16 Feb 2026
( Updated: 16 Feb 2026
07:16 PM )
विधान परिषद में सीएम योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर प्रहार, विरासत, राम मंदिर और कानून-व्यवस्था पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया. उन्होंने कांग्रेस और सपा को निशाना साधते हुए पुलिस एवं कानून व्यवस्था पर भी अपनी बातें रखीं. 

सीएम योगी ने विधान परिषद में गिनाईं उपलब्धियां

सीएम योगी ने कहा कि देश व प्रदेश विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है. विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है. जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और आस्था को रौंदा, उन आक्रांताओं का महिमामंडन कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए करे, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश यह स्वीकार नहीं करेगा. देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है.

सीएम योगी ने कहा कि वंदे मातरम का 150वां वर्ष चल रहा है. पीएम मोदी ने राष्ट्रगीत को देश में अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कराया. राष्ट्रगीत भारत की आन, बान व शान का प्रतीक है. इन प्रतीकों व राष्ट्रनायकों का सम्मान भारतीयों का दायित्व बनता है. आक्रांताओं का महिमा मंडन और राष्ट्र प्रतीकों (तिरंगा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत व महापुरुषों) का अपमान करने वाले संविधान की अवहेलना कर रहे हैं.

महाराज सुहेलदेव और सांस्कृतिक धरोहर

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व सपा एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंक रही है तो दूसरी तरफ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का विरोध कराया करा रही है. इनके सदस्य कह रहे हैं कि हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे. हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा. यह संविधान निर्माताओं और बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर का अपमान है. वंदे मातरम को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता मिली थी. हर भारतीय का दायित्व है कि इन प्रतीकों को सम्मान दे. सीएम ने कहा कि गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने आया था, सपा के लोग इस गाजी के मेले का समर्थन करते हैं. श्रावस्ती के तत्कालीन नरेश महाराज सुहेलदेव के नेतृत्व में हिंदू राजाओं ने उसे रौंद डाला. डबल इंजन सरकार ने महाराज सुहेलदेव को सम्मान दिया. बहराइच के चित्तौड़ा में उनका भव्य स्मारक और उनके नाम पर विश्वविद्यालय भी बनाया.

राम मंदिर और आस्था

सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर को सम्मान दिया. पीएम मोदी ने लोकमाता की भव्य प्रतिमा काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित कराई. समाजवादी पार्टी लोकमाता के नाम पर गुमराह कर रही है. यह लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर का विरोध और ऐसे तत्वों को प्रश्रय देते हैं. उनकी यह प्रवृत्ति दिखाती है कि आस्था के प्रति इनके मन में सम्मान नहीं है. सपा सरकार ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था. प्रतिपक्ष के दलों ने अपने समय में दीपोत्सव और रंगोत्सव कार्यक्रम को रोका था.

कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा

कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे. सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं. मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधा पैदा करने के लिए अधिवक्ता तैयार किए थे, लेकिन हम लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान में भारत की आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है. आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है. देश-प्रदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं. धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र हैं.

सीएम योगी ने कहा कि भारत की आत्मा के प्रति सम्मान का भाव रखना और कार्य करना गौरव की बात है. डबल इंजन सरकार ने विरासत पर गौरव की अनुभूति के साथ ही प्रेरणा, सम्मान व बेहतर भविष्य की ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य किया है. प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के समय विकसित भारत के लिए पंच प्रण की बात की थी, उसी से प्रेरणा लेकर हम लोगों ने सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए आस्था को बढ़ाया है. प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य समेत बौद्ध, जैन, सिख व पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व से जुड़े तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया है.

उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव से होती है. यह केवल आयोजन नहीं है, बल्कि इसने भारत के आध्यात्मिक गौरव के वैश्विक उत्सव के रूप में पहचान बनाई है. आज हर भारतीय अयोध्या के दीपोत्सव, काशी के देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन के रंगोत्सव से आत्मिक भाव से जुड़ा है.

"2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ"

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ. यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यहां सब चंगा है. महिलाओं को सुरक्षा व व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण दिया गया. 8-9 वर्ष में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई, इसमें 20 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया. जब हम लोग आए थे, तब यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, आज यह संख्या 44 हजार से अधिक हो गई है. पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. 2017 में हमें पुलिस भर्ती करनी थी, लेकिन राज्य के पास ट्रेनिंग क्षमता नहीं थी. मिलिट्री, पैरा मिलिट्री व अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर हायर किए थे. इस बार 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती हुई और इनका प्रशिक्षण यूपी के ट्रेनिंग सेंटर में ही हो रहा है. पुलिस की अवस्थापना सुविधा में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है. खपरैल के बैरक की जगह पुलिस कार्मिकों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाई गई है.

उन्होंने कहा कि 7 पुलिस कमिश्नरेट मॉडर्न पुलिसिंग का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है. साइबर थाना व साइबर सेल इनकी पहचान को और तेजी से बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस ईकोसिस्टम आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिकों के साक्ष्यों के लिए अनिवार्य है. तीन नए कानून लागू होने के बाद पूरे देश के अंदर सात वर्ष से अधिक की सजा के लिए फॉरेंसिक एविडेंस अनिवार्य किया गया है. प्रदेश में पहले केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं. आज ए ग्रेड के 12 लैब प्रारंभ हो चुके हैं, जबकि छह निर्माणाधीन हैं. सभी 75 जनपदों में फॉरेंसिक एविडेंस कलेक्ट करने के लिए दो-दो फॉरेंसिक वैन भी संचालित हैं.

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सीएम योगी ने कहा कि 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी की परियोजना लागू है. प्रदेश में यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स की छह वाहिनी कार्यरत हैं. दंगाइयों की काल पीएसी को पिछली सरकारों ने अपने स्वार्थ के कारण बंदी के कगार पर पहुंचा दिया था, लेकिन हमने पीएसी की 34 कंपनियों को फिर से पुनर्जीवित किया है. यूपी पीएसी में पहली बार तीन महिला बटालियन (वीरांगना झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी) गठित हुई हैं. तीन नई पीएसी बटालियन के गठन के लिए तेजी से कार्य हो रहा है.

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