वाराणसी में ‘वोट जिहाद’ के दावों की खुली पोल, 4500 की जांच में मिले सिर्फ 9 डुप्लीकेट वोटर, यूपी के 1 करोड़ लोगों को नोटिस जारी
यूपी के मंत्री रवींद्र जायसवाल द्वारा वाराणसी में लगाए गए ‘वोट जिहाद’ के आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है. दिए गए हजारों नामों में से पहले चरण में केवल 9 वोटर ही डुप्लीकेट पाए गए हैं.
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ‘वोट जिहाद’ का मामला तब गरमाया जब यूपी सरकार के मंत्री रवींद्र जायसवाल ने दावा किया कि बड़ी संख्या में फर्जी वोटर मौजूद हैं और उन्होंने करीब 1 लाख वोट काटने का आरोप लगाया था. इस आरोप ने सियासत को हवा दी. जब मामला गरमाया तो जांच भी शुरू हुई. वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने इन दावों सिरे से ख़ारिज कर दिया है.
CEO नवदीप रिणवा ने क्या कहा?
नवदीप रिणवा ने बताया कि मंत्री द्वारा दी गई 9000 नामों की लिस्ट की जब जांच की गई, तो पहले चरण में 4500 लोगों के वेरिफ़िकेशन में सिर्फ 9 वोटर ही डुप्लीकेट मिले. सीईओ ने साफ किया कि पूरे प्रदेश में वोटरों की लिस्ट को शुद्ध करने का अभियान चल रहा है. इसके तरह राज्य के करीब 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होने हैं, जिनमें से 1.09 करोड़ नोटिस दिए जा चुके हैं. सुनवाई के बाद ही किसी का नाम लिस्ट से हटाया जाएगा.
10 अप्रैल को जारी होगी फाइनल लिस्ट
आपको बता दें 10 अप्रैल को निर्वाचन विभाग की ओर से फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. नवदीप रिणवा ने कहा कि, यह वोटर लिस्ट भविष्य के सभी चुनावों के लिए स्थायी रिकॉर्ड के रुप में इस्तेमाल होगा. मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगती और आगामी चरणों का पूरा होमवर्क कर लिया गया है. आगे उन्होंने कहा कि, अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर फर्जी जानकारी दी है, तभी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
CEO ने लोगों से की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और दी गई जानकारी को अच्छे से जाँच लें. अगर इसमें किसी तरह की कोई गलती है, तो उसमें सुधार करवा लें. सीईओ ने आगे कहा कि राज्य में लगभग एक करोड़ चार लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी है, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. गड़बड़ी के मामले में धारा 31 के तहत एक्शन होगा.
मंत्री ने क्या लगाया था आरोप?
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यूपी सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने 12 फरवरी को वाराणसी में एक प्रेस कांफ्रेंस किया था, जिसमें उन्होंने SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए काशी में वोट जिहाद का आरोप लगया था. उन्होंने एक लाख वोट कम होने का दावा किया था. डीएम सत्येंद्र कुमार को सौंपे गए ज्ञापन में 90 हजार नामों में 9200 फर्जी वोटरों को पकड़ने की बात कही. वहीं, अब उत्तर प्रदेश के सीईओ ने इस पर स्थिति साफ कर दी है.
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