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पेट्रोल-डीजल की कमी की आशंका पर सीएम फडणवीस की चेतावनी, जमाखोरी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राज्य में बढ़ती ईंधन कीमतों और संभावित कमी की आशंकाओं के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.
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ईंधन की बढ़ती कीमतों और कमी की आशंकाओं के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को चेतावनी दी कि ईंधन की जमाखोरी करते पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री की जनता से अपील, घबराकर न करें जमाखोरी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चार बार की बढ़ोतरी मौजूदा वैश्विक संकट का सीधा परिणाम है.
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राज्य भर में ईंधन की कमी की आशंकाओं के जोर पकड़ने की बात स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से सख्त अपील की. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मैं नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे घबराकर पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी न करें. उन्होंने दोहराया कि सरकार ईंधन की जमाखोरी में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.
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मुख्यमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के प्रबंधन के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पहले ही महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर दिए हैं.
किसानों की जरूरतों पर विशेष ध्यान
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इस बात पर जोर देते हुए कि कृषि कार्यों के लिए कई लोग डीजल पर अत्यधिक निर्भर हैं, उन्होंने जिला कलेक्टरों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और सुविचारित योजना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि जमाखोरी न हो और डीजल का वितरण आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थित रूप से किया जाए.
बढ़ती चिंता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वीकार किया कि यद्यपि कुछ छिटपुट क्षेत्रों में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई है, लेकिन दहशत व्यापक नहीं है. उन्होंने आश्वासन दिया कि कुछ स्थानों पर तनाव की सूचना मिली है, लेकिन यह हर जगह नहीं है. छिटपुट क्षेत्रों में हुई घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. हालांकि, हम यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं कि ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं भी न हों.
संभाजीनगर में कई पेट्रोल पंप बंद
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इस बीच, संभाजीनगर जिले से खबरें आई हैं कि ईंधन की कमी के कारण कथित तौर पर 363 पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं. इस अचानक बंद होने से आम जनता अत्यधिक परेशान है. दूसरी ओर, पेट्रोल पंप मालिक संघ ने स्पष्ट किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले 60 पेट्रोल पंपों ने परिचालन बंद कर दिया है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार आगे और अधिक दहशत को रोकने और आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रख रही है.
इससे पहले, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में ईंधन आपूर्ति में आई बाधा को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की थी.
रोहित पवार ने सरकार को घेरा
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अपने पोस्ट में रोहित पवार ने कहा कि उत्पादन स्रोत से ही डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति न होने के कारण किसानों को पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बुवाई के मौसम की शुरुआत में ही कृषि कार्य ठप्प हो गया है. जलगांव जिले में ईंधन का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो जाने के कारण कल रात से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं.
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उन्होंने आगे कहा कि पूरे राज्य में स्थिति एक जैसी है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक इस पर ध्यान नहीं दे पाई है. कागज लीक, ईंधन की कमी, महंगाई, महिलाओं पर अत्याचार - ऐसी विचित्र परिस्थितियां हर जगह व्याप्त हैं और कुछ भी ठीक नहीं है. केंद्र और राज्य सरकारों की असंवेदनशीलता को देखकर 'रोम के जलने पर नीरो का बांसुरी बजाना' याद आता है.