एलपीजी की किल्लत से हरियाणा में हाहाकार, घंटों कतार में खड़े लोग, कुंभ कर्ण नींद में बीजेपी सरकार : अनुराग ढांडा

अनुराग ढांडा ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे या दूसरे विकल्पों का सहारा लेने लगे हैं. गैस की कमी के कारण छोटे-छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा में बढ़ती एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण पूरे प्रदेश में रसोई गैस का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

हरियाणा में एलपीजी गैस संकट पर अनुराग ढांडा का सरकार पर हमला

अनुराग ढांडा ने कहा कि प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. लोगों को कई-कई घंटे इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. पानीपत, करनाल, हिसार और आसपास के जिलों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई जगहों पर 7 से 9 घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा. कई जगहों पर गैस एजेंसियों के शटर बंद कर दिए जाते हैं और लोग परेशान होकर वापस लौट जाते हैं.

सप्लाई बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने की मांग

उन्होंने कहा कि खबरों के अनुसार कई जिलों में गैस की डिलीवरी सामान्य दिनों की तुलना में भारी गिरावट के साथ हो रही है. कुछ स्थानों पर एक एजेंसी से कुछ ही मिनटों में 200 सिलेंडर खत्म हो जा रहे हैं जबकि सैकड़ों लोग लाइन में लगे रह जाते हैं. अनुराग ढांडा ने प्रदेशभर में गैस सिलिंडरों की कालाबाज़ारी पर भी सरकार को घेरते हुए कहा है कि अम्बाला में कमर्शियल सिलिंडर 1450 की जगह 2800 रूपए का मिल रहा है और पानीपत में कमर्शियल सिलिंडर की 2500 रूपए में लेने को लोग मजबूर हैं. वहीं घरेलू सिलिंडर 990 की बजाए 1500 से 1800 रूपए तक मिल रहा है, इसके अलावा कई जगहों पर लोगों को बिना गैस बुकिंग के ही डिलीवरी के भी मैसेज आ गए हैं जिसका सीधा मतलब है कि एलपीजी गैस के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, ढाबा, चाय स्टॉल और छोटे व्यापारियों का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

अनुराग ढांडा ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे या दूसरे विकल्पों का सहारा लेने लगे हैं. गैस की कमी के कारण छोटे-छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं. कई जगहों से सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जहां एक सिलेंडर के लिए 2500 से 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. यह सीधे-सीधे सरकार की विफलता को दर्शाता है

गांवों में महिलाएं सुबह से शाम तक काट रही है गैस एजेंसियों के चक्कर

उन्होंने कहा कि हरियाणा के कई गांवों में महिलाएं सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों के चक्कर काट रही हैं. बुजुर्ग और मजदूर वर्ग के लोग रोज़गार छोड़कर लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस देश में “उज्ज्वला योजना” का ढोल पीटा जाता है, वहीं आज गरीब और मध्यम वर्ग के घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है.

अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार केवल प्रचार और जुमलों की राजनीति करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत पूरी तरह अलग है. अगर सरकार के पास सही योजना और प्रबंधन होता तो हरियाणा में इस तरह की गैस संकट की स्थिति पैदा ही नहीं होती. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिखाया है कि ईमानदार नीयत और बेहतर व्यवस्था से जनता को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता.

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत गैस सप्लाई बढ़ाने, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने और सभी जिलों में एजेंसियों को पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी हरियाणा की जनता के साथ खड़ी है और जब तक लोगों को राहत नहीं मिलती, तब तक पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी.

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