×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

गाजियाबाद में गरजा बुलडोजर...25 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जाकर बनाया गया अवैध मदरसा ध्वस्त, CM योगी के निर्देश पर ताबड़तोड़ एक्शन

यूपी में सीएम योगी के सरकारी जमीनों पर से कब्जा मुक्ति अभियान के आदेश के मद्देनजर गाजियाबाद में प्रशासन ने करीब 1 एक हैक्टेयर सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसे पर बुलडोजर चलाकर खाली करा लिया है, जिसकी बाजार में माली कीमत करीब 25 करोड़ रुपए है.

Author
04 Jun 2026
( Updated: 04 Jun 2026
03:05 PM )
गाजियाबाद में गरजा बुलडोजर...25 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जाकर बनाया गया अवैध मदरसा ध्वस्त, CM योगी के निर्देश पर ताबड़तोड़ एक्शन
गाजियाबाद में अवैध मदरसे पर बुलडोजर एक्शन / तस्वीर: IANS (Screengrab)
Advertisement

यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने के दो टूक आदेश के तहत गाजियाबाद के डासना में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के तहत बने मदरसे पर बुलडोजर चला दिया और इसे मिट्टी में मिला दिया है. ये कार्रवाई तहसीलदार सदर की कोर्ट से बेदखली के आदेश के बाद की गई है.

गाजियाबाद के डासना में अवैध मदरसे पर गरजा बुलडोजर

डासना के कल्लूगढ़ी में ग्राम समाज की भूमि पर बने इस मदरसे की बाजार की माली कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है. कोर्ट ने इस अवैध मदरसे पर 1.23 करोड़ रुपये का जुर्माना भी ठोका था, जो कि अब भी बकाया है, राशि अदा नहीं की गई है.

Advertisement

इस मामले में मदरसे का निर्माण कराने में मुख्य भूमिका में रहने वाले दिल्ली के फारूक के खिलाफ मसूरी थाने में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जा रही है. इसके अलावा सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा किस तरह से बन गया, उस वक्त अधिकारियों ने निर्माण कार्य क्यों नहीं रुकवाया, इसको लेकर जिलाधिकारी ने जांच भी शुरू कराई है. जिससे कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके.

अवैध मदरसे के निर्माण को लेकर एक्शन में जिलाधिकारी

इतना ही नहीं इस मदरसे के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाने वाले दिल्ली के फारूक पर भी कार्रवाई की जा रही है. उसके खिलाफ मसूरी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है. इसके अलावा जिलाधिकारी के निर्देश पर इस बात की भी जांच की जा रही है कि कैसे एक सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा बना दिया गया और उस वक्त जिम्मेदार अधिकारियों, विभाग द्वारा निर्माण कार्य को क्यों नहीं रुकवाया गया. DM इस मामले के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त एक्शन के मूड में हैं, जिन पर जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्रवाई तय है.

क्या है सरकारी जमीन पर अवैध मदरसे के निर्माण का मामला?

तहसीलदार सदर रितेश सिंह के मुताबिक, डासना के कल्लूगढ़ी में खसरा संख्या 1548 (ख) में लगभग पांच हेक्टेयर जमीन ऊसर के नाम दर्ज है, जिसमें से एक हेक्टेयर पर अवैध रूप से मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम का निर्माण और पार्क बनाकर अतिक्रमण किया गया था, जो कि एक सरकारी भूमि है. इस संबंध में स्थानीय लेखपाल संजीव ने 24 जनवरी 2023 को तहसीलदार न्यायिक की कोर्ट में वाद दायर कर रिपोर्ट पेश की थी.

Advertisement

तहसीलदार न्यायिक कोर्ट ने जारी किया था बेदखली का आदेश

रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि जमीन पर वर्ष 2021 से अतिक्रमण किया गया था. इसके बाद तहसीलदार न्यायिक की कोर्ट से मदरसा जामिया अरबिया इशातुल को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया, लेकिन मदरसा इंतजामिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया, कोई पैरवी नहीं की गई. इसके बाद कोर्ट ने तथ्यों और सबूतों के मद्देनजर बेदखली का नोटिस जारी किया और सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर मदरसा जामिया अरबिया इशातुल पर 1.23 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोक दिया.

दिल्ली के फारूक की थी मदरसे के निर्माण में सक्रिय भूमिका

खबर के मुताबिक इस मदरसे के निर्माण में दिल्ली के रहने वाले एक फारूक की सक्रिय भूमिका सामने आई. प्रशासन द्वारा उसी से जुर्माने की राशि वसूलने की कोशिश की गई, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. इसी के बाद प्रशासन ने मदरसे को तोड़कर कब्जा मुक्ति का अभियान चलाने का फैसला किया और पुलिस बल की मांग की.

CM योगी ने दे रखा है अवैध कब्जों को मुक्त कराने का आदेश

Advertisement

इस संबंध में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि कैसे CM योगी आदित्यनाथ द्वारा सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के साफ-साफ आदेश के मद्देनजर ये कार्रवाई की गई है. उन्होंने आगे कहा कि तहसीलदार न्यायिक की कोर्ट से सरकारी जमीन पर बने मदरसे को हटाने और कब्जामुक्त कराने का आदेश जारी हो चुका था. इसी सिलसिले में बुधवार को पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स मिलने पर अवैध निर्माण कर बनाए गए मदरसे पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है.

यह भी पढ़ें

जिलाधिकारी ने आगे कहा कि ये कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से की गई है. पुलिस टीम इस दौरान काफी सतर्क रही. इसके अलावा जिले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किए गए अवैध निर्माण को भी चिह्नित करने के निर्देश तीनों तहसील प्रशासन को दिए गए हैं. जहां पर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है, उसमें न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें