साउथ के कोयंबटूर से सीधे जुड़ा ब्लैक डायमंड सिटी धनबाद, PM मोदी ने त्रिची से दो अमृत भारत सहित पांच ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
PM मोदी ने तिरुचिरापल्ली (त्रिची) से कई नई रेल सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई. इसमें प्रमुख है पोदनूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन, जो कोयंबटूर के पोदनूर जंक्शन और धनबाद (झारखंड) के बीच हर हफ्ते चलेगी. यह ट्रेन दक्षिण भारत के औद्योगिक क्षेत्र को पूर्वी भारत के कोयला और खनिज क्षेत्रों से सीधे जोड़ेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से देशवासियों को बड़ी सौगात दी. पीएम मोदी ने इस दौरान एक साथ कई नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई.कहा जा रहा है कि ये दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले जाएंगी. इस दौरान दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन शुरू हुईं. वहीं केरल के एर्णाकुलम से एक पैसेंजर ट्रेन की भी शुरुआत हुई. ये सेवाएं तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएंगी.
प्रधानमंत्री मोदी त्रिची में मौजूद थे, जहां उन्होंने दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस ट्रेनें और कई पैसेंजर सेवाओं का उद्घाटन किया. पोदनूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस साप्ताहिक सेवा है, जो हर शनिवार सुबह पोदनूर से रवाना होकर सोमवार सुबह धनबाद पहुंचेगी. वापसी यात्रा हर सोमवार धनबाद से शुरू होगी. रूट पर सलेम, रेनीगुंटा, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा, रांची और बोकारो स्टील सिटी जैसे महत्वपूर्ण रेल हब शामिल हैं. यह ट्रेन तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और झारखंड को जोड़ेगी.
आपको बताएं कि इससे कोयंबटूर, तमिलनाडु का प्रमुख औद्योगिक शहर, अब पूर्वी भारत के कोयला और इस्पात क्षेत्र से सीधे जुड़ जाएगा. पोदानूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस साप्ताहिक सेवा होगी, जो हर शनिवार सुबह पोदानूर से रवाना होकर सोमवार तड़के धनबाद पहुंचेगी. वापसी सोमवार को धनबाद से होगी. रास्ते में सलेम, रेनिगुंटा, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा और रांची जैसे प्रमुख स्टेशन होंगे.
यह सेवा कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे टेक्सटाइल एवं मैन्युफैक्चरिंग हब में काम करने वाले हजारों प्रवासी मजदूरों के लिए वरदान साबित होगी. पहले इन मजदूरों को घर (झारखंड, ओडिशा) पहुंचने के लिए कई बदलाव और लंबा सफर करना पड़ता था, लेकिन अब सीधी, सस्ती और आरामदायक यात्रा संभव हो गई है.
ये ट्रेन में एलएचबी कोच हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद सुरक्षित माने जाते हैं. इसमें कुशन वाली सीटें, अनारक्षित कोच में भी कुशन, उच्च गुणवत्ता के टॉयलेट, चार्जिंग सॉकेट और आपात स्थिति में क्रू से सीधी बातचीत की सुविधा है. ट्रेन में फायर डिटेक्शन सिस्टम, सीसीटीवी और बेहतर वेंटिलेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं. यह नॉन-एसी ट्रेन है, जो किफायती किराए पर लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाती है.
यह पहल 'अमृत भारत स्टेशन स्कीम' और रेलवे के विस्तार का हिस्सा है, जो दक्षिण-पूर्व भारत के बीच आर्थिक और सामाजिक जुड़ाव बढ़ाएगी. प्रवासी मजदूरों, उद्योगों और आम यात्रियों के लिए यह नई कड़ी महत्वपूर्ण है.
मालूम हो कि कोयंबटूर और तिरुप्पुर के लाखों प्रवासी मजदूर, जिनका परिवार झारखंड, ओडिशा और बिहार में है, अब बिना ट्रेन बदलने के घर जा सकेंगे. पहले चेन्नई या विजयवाड़ा में बदलाव की वजह से सफर में एक पूरा दिन अतिरिक्त लगता था. यह ट्रेन किफायती किराए वाली, बिना डायनामिक फेयर वाली, स्लीपर और जनरल क्लास पर फोकस वाली है. दिव्यांगजनों के लिए दो विशेष कोच भी हैं. यह ट्रेन 'अंत्योदय' की भावना को साकार करती है, जहां आम मजदूर को भी प्रीमियम जैसा अनुभव मिलेगा.
भारत के सबसे दक्षिणी छोर कन्याकुमारी और नागरकोइल क्षेत्र अब तेलंगाना के चारलापल्ली से सीधे जुड़ जाएगा. यह अमृत भारत एक्सप्रेस तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 20 से अधिक जिलों से होकर गुजरेगी. विद्यार्थी, कामगार और परिवार अब बिना बदलाव के सफर कर सकेंगे. यह सेवा उन क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक है, जो लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी के अभाव में थे.
रामेश्वरम-मंगलुरु और तिरुनेलवेली-मंगलुरु ट्रेन तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों को जोड़ेंगी. रामेश्वरम के तीर्थयात्रियों के लिए रामनाथस्वामी मंदिर तक पहुंच आसान होगी. मंगलुरु के तट पर व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. कोयंबटूर गलियारे से होकर जाने वाली ये ट्रेनें पश्चिमी घाट के रास्ते मंगलुरु तक सीधी सेवा देंगी.
मयिलादुथुराई-तिरुवरूर-काराईकुडी पैसेंजर ट्रेन कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लिए यह पैसेंजर ट्रेन मयिलादुथुराई, तिरुवरूर, तंजावुर, पुदुकोट्टई और शिवगंगा जिलों को राहत देगी. कृषि प्रधान और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध इस क्षेत्र में स्थानीय यात्रा अब सुगम होगी.
पालक्काड-पोल्लाची पैसेंजर ट्रेन केरल और तमिलनाडु की सीमा पर पोल्लाची (केले, नारियल और छोटे उद्योगों का केंद्र) अब पालक्काड से सीधे इलेक्ट्रिक ट्रेन से जुड़ेगा. विद्यार्थी, मरीज और दैनिक यात्री लाभान्वित होंगे.
केरल में तीन अमृत भारत स्टेशन, शोरनूर, कुट्टिप्पुरम और चंगनास्सेरी, का उद्घाटन होगा. इनका पुनर्विकास 52 करोड़ रुपए में हुआ है. आधुनिक सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर, वाई-फाई और स्थानीय कला से सजे फेसेड हैं. साथ ही शोरनूर-निलांबुर 65 किमी लाइन का विद्युतीकरण (90 करोड़ रुपए) समर्पित होगा. इससे डीजल इंजन खत्म होंगे, समय बचेगा और पर्यावरण को फायदा होगा.
मालूम हो कि अमृत भारत एक्सप्रेस 'मेक इन इंडिया' का हिस्सा है, जो चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनी है. पुश-पुल सिस्टम से 130 किमी/घंटा स्पीड, आधुनिक कोच और पैंट्री कार हैं. पूरे देश में अब 58 ऐसी ट्रेनें होंगी. ये ट्रेनें सिर्फ सफर नहीं, बल्कि मजदूर की उम्मीद, उद्योग की सप्लाई चेन और युवाओं के सपनों को जोड़ती हैं. प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम दक्षिण भारत को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से मजबूती से जोड़ने वाला है.
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