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'टपोरी की तरह बर्ताव, तू-तड़ाक कर बात...', BJP सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, VIDEO वायरल

BJP सांसद कंगना रनौत ने संसद में राहुल गांधी के व्यहार को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं और तू-तड़ाक बातें कर महिलाओं को असहज करते हैं.

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BJP सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल का व्यवहार महिलाओं, महिला सांसदों को असहज करता है. उन्होंने आगे कहा कि उनमें शिष्टाचार की कमी है, जबकि प्रियंका गांधी में शालीनता है. राहुल के व्यवहार की तुलना उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से की जाती है. 

राहुल गांधी टपोरी की तरह बात करते हैं: कंगना रनौत

कंगना रनौत ने संसद में राहुल गांधी के आचरण को लेकर होने वाले विरोध और उसको लेकर हुए सवाल पर उन्हें (राहुल गांधी को) टपोरी तक कह दिया. रनौत ने कहा, "हम महिलाओं को बहुत ज्यादा उनको देखकर असहज महसूस होता है, क्योंकि एकदम जैसे टपोरी की तरह वो आते हैं और किसी को भी 'ए तू' ऐसे करके, 'तू तड़ाक' करके बात करते हैं. (महिलाएं उन्हें देखकर बहुत असहज महसूस करती हैं. वह बहुत अनियंत्रित तरीके से व्यवहार करता है, 'टपोरी' की तरह, आक्रामक तरीके से बोलते हैं और दूसरों को बीच में रोक देते हैं.) जिस तरह से वह खुद को पेश करते हैं वह बहुत असहज है. उन्हें अपनी बहन को देखना चाहिए, उनका व्यवहार और शिष्टाचार बहुत शालीन है.''

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'सनातन', जिसका न कोई आदि है और न ही अंत: कंगना

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बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा हाल ही में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सुनाए गए फैसले और अभिनेत्री सारा पर एफिडेविट भरवाए जाने पर भी उन्होंने टिप्पणी की.  रनौत ने कहा कि सारा को यह कहने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि वे भी सनातन धर्म में विश्वास रखती हैं और अगर बद्रीनाथ और केदारनाथ में दर्शन करना चाहती हैं, तो वे लिखित रूप में दें. यहां पर सभी लोग सनातनी हैं, क्योंकि जन्म से ही हम इस परंपरा से जुड़े हुए हैं.

'सनातन' का अर्थ है, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत. कंगना ने आगे कहा कि सारे अन्य धर्म कुछ ही साल पुराने हैं, लेकिन सनातन ही सत्य है और अनादि-अनंत है, तो मुझे लगता है कि सारा को शपथ पत्र देने में कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए.

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क्या है गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित करने वाला मंदिर समित का फैसला

आपको बताएं कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अनुसार, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत कई मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश को वर्जित किया जाएगा. अब केवल वही गैर-हिंदू मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे, जो प्रवेश से पहले सनातन धर्म में आस्था का औपचारिक शपथ पत्र जमा करते हैं, जिससे मंदिर में दर्शन की अनुमति मिलेगी.

फैसले को लेकर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उदाहरण देते हुए अभिनेत्री सारा अली खान का नाम जोड़ा. उन्होंने कहा कि अगर सारा अली खान जैसी हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था जताती हैं और अगर एफिडेविट देती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा. अभिनेत्री अक्सर केदारनाथ के दर्शन के लिए जाती रहती हैं. साल 2018 में उन्हें अपनी पहली फिल्म 'केदारनाथ' की शूटिंग के दौरान इस स्थान से विशेष लगाव हो गया था.

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राहुल गांधी के खिलाफ कई नौकरशाहों ने लिखी चिट्ठी

आपको बताएं कि कंगना के बयान से पहले मंगलवार को 200 से अधिक पूर्व नौकरशाहों, राजनयिकों और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने एक खुला पत्र लिखकर उनके व्यवहार पर चिंता व्यक्त की. पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शनों, जिनमें सीढ़ियों पर प्रदर्शन और इधर-उधर मीटिंग की आलोचना करते हुए उन्हें अनुचित और स्थापित मानदंडों के विरुद्ध बताया. 

पत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि संसद भारत का सर्वोच्च संवैधानिक मंच है, जहां जनता की सामूहिक इच्छा व्यक्त की जाती है और कानून बनाए जाते हैं. इसमें कहा गया है कि संसद परिसर में मर्यादा बनाए रखना केवल परंपरा की बात नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की संवैधानिक भावना का एक अनिवार्य हिस्सा है. 

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राहुल गांधी से माफी की मांग!

पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने तर्क दिया कि विचाराधीन आचरण अध्यक्ष द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन है और राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की. इस पूरे घटनाक्रम ने सियासी बहस छेड़ दी है. बीजेपी ने भी संवैधानिक और संसदीय मर्यादा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. वहीं विपक्षी नेता अपने विरोध प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार करार दे रहे हैं.

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