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बरेली हिंसा: मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 17 दुकानें सील

बरेली उपद्रव मामले में अब तक की जांच में पुलिस ने 126 नामजद लोगों पर केस दर्ज किया है, जिनमें से 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस की ओर से अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश डाली जा रही है.

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बरेली हिंसा मामले में प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने उपद्रव के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर बड़ी कार्रवाई की. पीलीभीत बाईपास रोड पर स्थित अवैध दुकानों और शोरूम को सील कर दिया गया. बताया गया कि ये सभी कारोबार बिना नक्शा स्वीकृति के संचालित हो रहे थे.

मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर हुई कार्रवाई

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया. बरेली विकास प्राधिकरण के एक कर्मचारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति के चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ की गई है. अधिकारी ने आगे कहा कि हमने मौलाना तौकीर रजा के करीबी मोहम्मद आरिफ की कुल 17 दुकानों को सील कर दिया है.

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बरेली हिंसा में शामिल लोगों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई जारी 

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इससे पहले, हिंसा के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के एक अन्य करीबी डॉ. नफीस खान के अवैध बारातघर पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया था. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हिंसा और उपद्रव में शामिल लोगों की अवैध संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

पुलिस ने बरेली उपद्रव मामले 126 नामजद लोगों पर दर्ज किया केस

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बरेली उपद्रव मामले में अब तक की जांच में पुलिस ने 126 नामजद लोगों पर केस दर्ज किया है, जिनमें से 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस की ओर से अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश डाली जा रही है.

गौरतलब है कि 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी. बड़ी संख्या में लोग 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर जमा हुए थे. इस दौरान कुछ लोगों के विरोध के बाद माहौल बिगड़ गया और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई थी. स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.

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घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे.

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