बांग्लादेश: काली मंदिर में आरती के बीच जोरदार ब्लास्ट, राक्षसी मुखौटा पहनकर घुसा था हमलावर, पुजारी समेत कई घायल
बांग्लादेश में फिर हिंदूू धार्मिक स्थल कोे निशाना बनाया गया है. मंदिर में शाम की आरती के दौरान धमाकों से दहशत मच गई. भागते हुए बदमाशों ने बौद्ध मंदिर को भी निशाना बनाया.
बांग्लादेश (Bangladesh) में तारिक रहमान (Tarique Rahman) सरकार आने के बाद भी हिंदुओं पर अटैक के मामले नहीं थम रहे. नफरतियों ने बांग्लादेश के काली मंदिर में ब्लास्ट को अंजाम दिया है. घटना के वक्त काली मंदिर में लोगों की भारी भीड़ जमा थी.
बांग्लादेश के कोमिला जिले से ये हैरान कर देना वाला मामला सामने आया. जहां कट्टरपंथियों ने काली मंदिर को निशाना बनाते हुए उसमें धमाका किया. इस घटना में पुजारी समेत तीन लोग घायल हो गए. हमले के बाद भागते हुए बदमाशों ने बौद्ध मंदिर और प्राइवेट दफ्तर पर भी बमबारी की. जिसमें दो लोग घायल हो गए.
राक्षसों का रुप लेकर आए थे बदमाश
जानकारी के मुताबिक, यह मामला कोमिला इलाके के ठाकुरपाड़ा इलाके के कालीगाछ मंदिर का है. जहां शनिवार शाम करीब 6.28 बजे शनि पूजा चल रही थी. मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु जमा थे. तभी एक नकाबपोश शख्स जिसने राक्षस का मुखौटा पहना था, वह मंदिर में बैग लेकर दाखिल हुआ और बैग को वही छोड़कर चला गया. इसके बाद मंदिर में तेज धमाका हुआ. जिसमें पुजारी केशव चक्रवती समेत तीन लोग घायल हो गए.
वहीं, मौके पर अफरा-तफरी मच गई, मौके पर मौजूद लोगों ने पानी डालकर आग को बुझाने की कोशिश की. इस खौफनाक घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है. जिसमें एक संदिग्ध बैग लेकर आता दिखाई दे रहा है. मंदिर में आरती चल रही है लेकिन कुछ ही पलों में एक जोरदार धमाका होता है. जिससे भगदड़ मच जाती है. इस ब्लास्ट में मंदिर का एक हिस्सा जल गया. घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. स्थिति न बिगड़े इसके लिए इलाके में भारी पुलिस तैनात की गई है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि तारिक रहमान सरकार बांग्लादेश में अब तक हिंदुओं की सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित कर पाई. शेख हसीना सरकार के हटने के बाद से ही हिंदू और हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमले हो रहे हैं.
तारिक रहमान ने 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली थी. बांग्लादेश (Bangladesh) में यूनुस की अंतरिम सरकार से किनारा करते हुए जनता ने तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पार्टी को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाया. तारिक रहमान ने गद्दी संभालते ही भारत के साथ रिश्ते वापस पटरी पर लाने के संकेत दे दिए थे. रिश्तों में सुधार की दिशा में पहला कदम उठाते हुए बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए वीजा सेवाएं फिर बहाल की थी, लेकिन हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा अभी तक ठंडे बस्ते में है.
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