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महाकुंभ में भगदड़ मचते ही कांग्रेस पर उठे सवाल, क्यों फंस गए खड़गे और सुप्रिया ?
महाकुंभ में मौनी अमवस्या के स्नान से पहले एक अफ़वाह पर अचानक भगदड़ मच गई. इस दौरान 10 से ज़्यादा लोगों की मौत की ख़बर है और कई लोग घायल हुए हैं.. लेकिन जैसे ही कुंभ में भगदड़ मची कांग्रेस पर सवाल उठने शुरू हो गए, कहा गया एक दिन पहले कांग्रेस ने माहौल बनाया और अग़ले ही दिन कुंभ में भगदड़ मच गई.
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महाकुंभ की दिव्यता भव्यता की चारों तरफ़ चर्चा हो रही थी।योगी सरकार की व्यवस्थाओं से लोग काफ़ी खुश भी थे।लेकिन वक़्त आया मौनी अमावस्या का। उससे पहले महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए भीड़ जुट गई। विपक्ष ने हायतौबा मचाना शुरू कर दिया। भीड़ को लेकर ना सिर्फ फ़र्ज़ी माहौल बनाया गया। बल्कि योगी सरकार की व्यवस्थाओं को कटघरे में भी खड़ा किया गया।और देखिये विपक्ष के माहौल बनाने का असर क्या हुए मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में भगदड़ मच गई। ख़बर है कि पहले अफ़वाह फैलाई गई। और उसके बाद भीड़ बेक़ाबू हुई। भगदड़ मची तो ज़मीन पर बैठे और सो रहे लोग भगदड़ में दबते चले गए। ख़बर है कि अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। क़रीब 35-40 लोगों के घायल होने की ख़बर है। अब ये कहना ग़लत नहीं होगा की विपक्ष ने महाकुंभ को लेकर जो चाहा वो पूरा हुआ। क्योंकि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही कांग्रेसी नई नई वीडियो पोस्ट कर माहौल बनाने बैठ गए थे। सबसे पहले सुप्रिया श्रीनेत मैदान में आई। और कुछ तस्वीरों के साथ तंज कसते हुए एक ट्वीट किया लिखा।आम और ख़ास लोगों के बीच यह खाई। आस्था के महापर्व कुंभ में ठीक नहीं ।इसके साथ सुप्रिया ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा महाकुंभ में दस दस किलोमीटर पैदल चल कर जब लोग संगम पहुँच रहे हैं तब VIP विशिष्ट व्यक्तियों के आने से प्लाटून पुल बंद मिल रहे हैं
जबकि व्यवस्थाए बिलकुल ठीक थी।अचानक भीड़ बड़ी तो प्रशासन ने लोगों को रोककर धीरे धीरे आगे बढ़ने की अपील की। प्रशासन अपने स्तर पर हालात को क़ाबू कर रहा था। ज़ाहिर सी बात है एक साथ 9 से 10 करोड़ लोग पहुँचेंगे तो व्यवस्थाएँ तो थोड़े उपर नीचे होंगी ही। लेकिन कांग्रेस ने श्रद्धालुओं की भीड़ का मुद्दा उठाकर सियासी खेल खेलना शुरू कर दिया।कांग्रेस अध्यक्ष तो कुंभ में डुबकी लगा रहे अमित शाह और श्रद्धालुओं को कहने बैठ गए। क्या गंगा स्नान से करीबी मिल जाएगी ? हालाँकि खड़गे को बीजेपी ने उन्हीं के शब्दों में जवाब भी दिया। अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि गंगा में डुबकी मैंने लगाई है और ठंड खड़गे जी को लग गई। शाही स्नान से पहले कुंभ की भीड़ पर विपक्ष की तरह से जमकर वार पलटवार हो रहा। और अगले ही दिन भगदड़ की ख़बर सामने आ गई।अब ये भगदड़ किसी साज़िश के तहत मची। या कुछ और मामला रहा जाँच पड़ताल तो शुरू हो गई है जल्द खुलासा भी हो गया। लेकिन विपक्ष पर इसीलिए सवाल उठ रहे हैं क्योंकि अभी तक विपक्ष ने कुंभ की भीड़ पर कोई सवाल नहीं उठाए थे। तो 2 स्नान अच्छे से पूरे हो गए। लेकिन तीसरे स्नान से पहले विपक्ष ने योगी मोदी सरकार को घेरते हुए कभी VVIP कल्चर पर सवाल उठाए। तो कभी भीड़ को लेकर चिल्लाते नज़र आए। और अचानक हादसा हो गया। चश्मदीदों का आरोप है कि लोग शाही स्नान के लिए घाट पर मौजूद थे।
तभी भीड़ भागती हुई आई और लोगों में अफ़रातफ़री मच गई। जो लोग नीचे बैठे थे। वो भीड़ के कदमों में दबते चले गए। हालाँकि वक़्त रहते ही पुलिस प्रशासन ने हालातों पर क़ाबू पा लिया है।मृतकों के साथ साथ घायलों को अस्पताल भेजा गया है। वहीं योगी आदित्यनाथ ने तुरंत घटना की जानकारी ली। श्रद्धालुओं से अपील की है कि tweet yogi वो अपने नज़दीकी घाट पर ही स्नान करें और संगम नोट की ओर जाने की कोशिश न करें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें उनका सहयोग करें। किसी भी अफ़वाह पर ध्यान ना दें।
सिर्फ़ सीएम योगी ही नहीं पीएम मोदी भी हालातों पर नज़र बनाए हुए हैं। दो बार पीएम मोदी ने सीएम योगी ने फोन पर बातचीत की है। पीड़ित श्रद्धालुओं तक हर संभल मदद पहुँचाने की बात कही है।फ़िलहाल तो पुलिस प्रशासन से लेकर पुलिस शासन युद्ध स्तर पर काम में जुट गया है। भीड़ को क़ाबू करने के साथ साथ स्तिथि को भी कंट्रोल में कर लिया है।
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