'अहंकार सब नष्ट कर देगा…', राष्ट्रपति के अपमान को लेकर PM मोदी ने ममता सरकार पर साधा निशाना, कहा- जनता माफ नहीं करेगी
दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने 33,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि यह राष्ट्रपति के साथ-साथ संविधान का भी अपमान है.
देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को एक बड़े कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस कार्यक्रम में जहां दिल्ली के विकास से जुड़े कई अहम ऐलान हुए, वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी तेज नजर आई. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ जो व्यवहार हुआ, वह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे देश और संविधान का अपमान है.
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भावुक अंदाज में कहा कि इस घटना से दिल को गहरी चोट लगी है. उन्होंने कहा कि जब पूरा देश अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, उसी समय पश्चिम बंगाल में देश की राष्ट्रपति का अपमान किया गया. पीएम मोदी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल आदिवासी समाज के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं. यह कार्यक्रम आदिवासी समाज के गौरव और संस्कृति से जुड़ा हुआ था. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम के दौरान जिस तरह की व्यवस्थाएं होनी चाहिए थीं, वह नहीं की गईं. उन्होंने कहा कि यह केवल प्रोटोकॉल की कमी नहीं बल्कि एक तरह से आदिवासी समाज और देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी महिला का अपमान है.
राष्ट्रपति के साथ हुए व्यवहार पर उठे सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संघर्ष और मेहनत से देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया है. ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की लापरवाही लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि यह घटना देश के संविधान की भावना के साथ-साथ लोकतंत्र की मर्यादा को भी आहत करती है. पीएम मोदी ने कहा कि जिन्होंने संघर्ष से ऊंचाइयां हासिल की हैं, ऐसी हर बहन और बेटी के सम्मान से यह मामला जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार किसी भी लोकतंत्र में ज्यादा समय तक टिक नहीं सकता और अंत में उसका पतन निश्चित होता है.
बंगाल की जनता माफ नहीं करेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता इस घटना को आसानी से नहीं भूलेगी. उन्होंने कहा कि एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति के अपमान को राज्य की जनता, देश का आदिवासी समाज और नारी शक्ति कभी स्वीकार नहीं करेगी. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सत्ता का घमंड बहुत जल्द टूटेगा और जनता इसका जवाब देगी.
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल के बागडोगरा हवाईअड्डे के पास आयोजित एक आदिवासी कार्यक्रम में शामिल हुई थीं. बताया गया कि कार्यक्रम में अपेक्षित संख्या में लोग मौजूद नहीं थे और आयोजन को लेकर कई सवाल भी उठे. राष्ट्रपति ने खुद इस बात पर निराशा जताई कि कार्यक्रम की तैयारियां पर्याप्त नहीं थीं. इसके अलावा यह भी चर्चा में रहा कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कई मंत्री कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे. इसी वजह से यह मामला राजनीतिक विवाद का रूप लेता गया.
इस पूरे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा है. जानकारी के अनुसार प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़े संभावित उल्लंघनों पर राज्य सरकार से जवाब देने को कहा गया है. इस घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली से अपने संबोधन में इस मुद्दे को उठाते हुए टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे राष्ट्रपति तथा संविधान के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया.
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