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भारत पर जहर उगल रहे ट्रंप का अमेरिका में ही विरोध, पूर्व राजदूत ने चेताया, पाकिस्तान से ‘प्यार’ पर सुनाई खरी-खरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी ही विरोध कर रहे हैं. पाकिस्तान से नजदीकियां और भारत पर तल्खी को लेकर अब उनकी आलोचना हो रही है.
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ईरान पर दबाव की कोशिश नाकाम रही तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बौखला गए. पश्चिमी देशों की दो टूक और मिडिल ईस्ट के देशों से घेरे जाने के बाद अब वह भारत पर जहर उगल रहे हैं. ऐसे में ट्रंप के विरोध में अमेरिका के अंदर से ही आवाज उठ रही है.
पूर्व अमेरिकी राजदूत रेहम इमैनुएल ने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की है. भारत के साथ US की कमजोर पड़ती दोस्ती पर भी उन्होंने ट्रंप को आईना दिखाया. रेहम इमैनुएल ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने कई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों की मेहनत पर पानी फेर दिया है.
रेहम इमैनुएल ने ट्रंप को सुनाई खरी-खरी
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दरअसल, एक इंटरव्यू में रेहम इमैनुएल ने ट्रंप पर जमकर निशाना साधा. इस इंटरव्यू में उनसे भारत-अमेरिका के रिश्तों पर सवाल किया गया था. इस पर उन्होंने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका ने सचमुच भारत को दूर किया है, कह सकते हैं कि ट्रंप प्रशासन ने भारत के मुंह पर 'थूक' दिया है. भारत को करीब लाना बीते 30 साल में हर अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रोजेक्ट रहा है. ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट को डिस्टर्ब किया है. मैं वह बिल्कुल नहीं करूंगा, जो ट्रंप ने किया है.’
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माना जा रहा है रेहम अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा, वह पावर में आते हैं तो भारत से रिश्ते सुधारेंगे. रेहम इमैनुएल ने कहा,
‘डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के समय में भारत से पूरी तरह मुंह मोड़ा है. भारत को अमेरिका के करीब लाना बीते 30 साल में आए सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों का एक मिशन रहा प्रोजेक्ट रहा लेकिन ट्रंप ने एकदम उल्टा रास्ता अपनाया है.
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ट्रंप के पाकिस्तान के पाले में जाने पर क्या कहा?
इंटरव्यू में रेहम इमैनुएल ने अमेरिका के पाकिस्तान को लेकर रुख पर भी सवाल पूछा गया. जिसे उन्होंने ट्रंप का गलत फैसला करार दिया. उन्होंने कहा, भारत के मुकाबले पाकिस्तान के पाले में खड़ा होना ट्रंप का गलत फैसला है. इससे अमेरिका पर बुरा असर पड़ेगा.
कौन हैं रेहम इमैनुएल?
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रेहम इमैनुएल ट्रंप की विरोधी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं. वह अगले राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवारी पेश करने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने डेमोक्रेटिक लीडर के तौर पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में इलिनोइस का प्रतिनिधित्व किया था.
रेहम इमैनुएल ने ट्रंप की कई नीतियों की कड़ी आलोचना की. उनका मानना है कि ट्रंप की वजह से अमेरिका के सहयोगी देश उससे दूर हो रहे हैं. न केवल रेहम बल्कि अमेरिका के बड़े संगठन और लीडर्स भारत के लिए ट्रंप के रुख पर आपत्ति जता चुके हैं. रेहम ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की भाषा और रवैये की वजह से भारत, जापान, कोरिया और दूसरे सहयोगी देश आज उससे दूर हो रहे हैं. ट्रंप की वजह से ये देश अमेरिका से कन्नी काट रहे हैं.
लगातार भारत विरोधी रुख अपना रहे हैं ट्रंप
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रूस से तेल न खरीदने का दबाव बनाते हुए ट्रंप ने भारत के खिलाफ लगातार आक्रामक रवैया अपनाया है. कभी टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की तो कभी पाकिस्तान के आर्मी चीफ को पसंदीदा फील्ड मार्शल बताया. पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम पर कई बार क्रेडिट भी लिया.
ताजा मामला भारत के खिलाफ एक पोस्ट से जुड़ा है, जिसे ट्रंप ने रिपोस्ट कर समर्थन दिया है. दरअसल, रेडियो होस्ट माइकल सेवेज ने एक लेटर शेयर किया था, जिसमें उन्होंने भारत और चीन को 'नरक का द्वार' बताया. उन्होंने अपने पोस्ट में नस्लीय टिप्पणी करते हुए अमेरिका के बर्थराइट सिटिजनशिप कानून पर सवाल उठाए. सेवेज का दावा था कि एशियाई देशों से लोग अमेरिका आते हैं और बच्चे के जन्म के जरिए नागरिकता हासिल कर लेते हैं. उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया का बड़े पैमाने पर फायदा उठाया जा रहा है और इससे अमेरिका को नुकसान हो रहा है.
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माइकल सेवेज के इसी लेटर को डोनाल्ड ट्रंप ने रीपोस्ट कर दिया, जिसके बाद यह मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील हो गया. खास बात यह है कि ट्रंप ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है, जब वह पहले से ही महंगाई और नागरिकता कानून को लेकर अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं. ट्रंप का यह रुख उनके राजनीतिक एजेंडे और विचारधारा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है.
व्यापार समझौतों से लेकर वैश्विक मुद्दों तक, ट्रंप के बयानों में बदलाव साफ दिखता है. हाल ही में ईरान से जुड़े मामलों में भी अमेरिका की रणनीति में भारत की भूमिका सीमित नजर आई है.