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बांग्लादेश में कभी भी हो सकता है तख्तापलट, यूनुस पर राजनीतिक माहौल खराब करने के आरोप, आम चुनाव की मांग तेज

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के हाल ही में जापान में दिए गए चुनाव संबंधी बयान को लेकर देश के कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बांग्लादेश के राजनीतिक दलों ने झूठा, भ्रामक और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने वाला बयान करार दिया है.

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बांग्लादेश में इन दिनों राजनीतिक हलचल काफी तेज है. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस जो शेख हसीना का तख्तापलट कर देश चला रहे है, अब उनके दिन लदते हुए दिखाई दे रहे हैं. देश के राजनीतिक दल, छात्रों के संगठन और आर्मी सभी मोहम्मद यूनुस पर अब देश में राजनीतिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया जा रहा है. चौतरफा घिरे मोहम्मद यूनुस पर आम चुनाव को दिसंबर तक करवाए जाने का दबाव बढ़ने लगा है. बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के हाल ही में जापान में दिए गए चुनाव संबंधी बयान को लेकर देश के कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. 
 
दरअसल, मोहम्मद यूनुस ने जापान में कहा था, "दिसंबर में चुनाव चाहने वाला सिर्फ एक ही दल है." बस इसी बयान ने मोहम्मद यूनुस के विरोध की आवाज को और बुलंद कर दिया. बांग्लादेश के राजनीतिक दलों ने झूठा, भ्रामक और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने वाला बयान करार दिया है. गणो फोरम, लेफ्ट डेमोक्रेटिक अलायंस समेत दर्जनों राजनीतिक दलों ने यूनुस के बयान को खारिज करते हुए दोहराया कि राष्ट्रीय चुनाव दिसंबर तक हर हाल में कराए जाएं. इन दलों ने एक संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि सरकार समर्थित एक नया राजनीतिक दल और 1971 के युद्ध अपराधों में लिप्त कट्टरपंथी गुट देश को अस्थिर करने और चुनाव को विफल करने की साजिश कर रहे हैं.

बांग्लादेश में अस्थिरता 
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 से अधिक पंजीकृत और गैर-पंजीकृत दलों ने दिसंबर में चुनाव कराने की मांग की है और यूनुस के बयान को "स्पष्ट रूप से झूठा और भ्रामक" बताया है. गणो फोरम ने यूनुस के बयान को "गलत" बताया और कहा कि इससे विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच भ्रम और विभाजन फैल रहा है. शुक्रवार को हुई प्रेसीडियम काउंसिल की बैठक में तत्काल एक स्पष्ट चुनावी रोडमैप की घोषणा की मांग की गई. पार्टी नेताओं ने कहा कि पिछले नौ महीनों में अंतरिम सरकार ने न तो कानून-व्यवस्था बहाल की, न ही प्रशासन में कोई स्थिरता ला सकी है.

राजनीतिक चालबाज हैं यूनुस 
मोहम्मद यूनुस को लेकर 12 पार्टियों के अलायंस ने अपने बयान में कहा कि यूनुस अपनी अवधि बढ़ाने के लिए "राजनीतिक चालबाजी" कर रहे हैं और कट्टरपंथी, अलोकप्रिय और स्वतंत्रता-विरोधी समूहों से गठजोड़ कर रहे हैं. प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर चुनावी रोडमैप घोषित नहीं किया गया, तो जुलाई से सड़क आंदोलन शुरू किया जाएगा. बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाउद्दीन अहमद ने कहा, “हम थोड़े दिन और इंतजार करेंगे, ताकि सरकार होश में आए. जितनी जल्दी चुनाव होंगे, उतना ही देश के लिए बेहतर होगा.” बीएनपी के वरिष्ठ नेता मिर्जा अब्बास ने गुरुवार को अंतरिम सरकार को "पूरी तरह सड़ी-गली" करार दिया। उन्होंने कहा, “यह सरकार ऊपर से लेकर नीचे तक सड़ चुकी है. ये लोग कभी सुधार नहीं कर सकते। इन लोगों को देश से माफी मांगनी चाहिए और सत्ता छोड़ देनी चाहिए.”

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सेना प्रमुख ने भी दी हैं चेतावनी 
इसके अलावा बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मां ने भी स्पष्ट किया है कि अगला राष्ट्रीय चुनाव दिसंबर तक होना चाहिए और 1 जनवरी 2026 तक एक निर्वाचित सरकार को सत्ता में आना चाहिए. यूनुस की विवादास्पद फैसलों और नीतियों को लेकर लगातार आलोचना हो रही है. बीते हफ्ते यूनुस ने कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की थी, लेकिन बैठक बेनतीजा रही. सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते दबाव के बीच यूनुस ने पद छोड़ने की इच्छा भी जताई थी, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी.

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