हरे रंग का ये दाना वजन भी घटाएगा, दिल को भी स्वस्थ रखेगा, अगर इस तरह से करेंगे सेवन

हरा चना त्रिदोष संतुलन में सहायक माना जाता है. खासतौर पर यह पित्त और कफ दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह पेट में जमी अतिरिक्त नमी और चिपचिपेपन को कम करता है. यही कारण है कि हरा चना खाने से पेट साफ रहता है और आंतों की गतिविधि बेहतर होती है.

हरे रंग का ये दाना वजन भी घटाएगा, दिल को भी स्वस्थ रखेगा, अगर इस तरह से करेंगे सेवन

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सबसे ज्यादा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ा है. गलत समय पर खाना, तला-भुना, फाइबर की कमी और तनाव की वजह से गैस, अपच, कब्ज और पेट का भारीपन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. इसका समाधान हमारी रसोई में ही मौजूद है. हरा चना पाचन के लिए बेहद लाभकारी है. 

 पाचन को रखे दुरुस्त

आयुर्वेद के अनुसार, हरा चना त्रिदोष संतुलन में सहायक माना जाता है. खासतौर पर यह पित्त और कफ दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह पेट में जमी अतिरिक्त नमी और चिपचिपेपन को कम करता है. यही कारण है कि हरा चना खाने से पेट साफ रहता है और आंतों की गतिविधि बेहतर होती है. आयुर्वेद मानता है कि हरा चना अग्नि यानी पाचन शक्ति को धीरे-धीरे मजबूत करता है, जिससे भोजन सही तरह से पचता है और शरीर को पूरा पोषण मिलता है. 

कब्ज की समस्या होगी दूर 

वैज्ञानिकों की मानें तो हरा चना डाइटरी फाइबर का बेहतरीन स्रोत है. फाइबर पाचन प्रक्रिया के लिए बेहद अहम है. यह आंतों में भोजन को आगे बढ़ाने में मदद करता है और मल को नरम बनाता है, जिससे कब्ज की समस्या दूर रहती है. हरे चने में मौजूद घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं, जो पाचन को दुरुस्त रखते हैं और गैस व सूजन जैसी परेशानियों को कम करते हैं.

वजन कंट्रोल करने में असरदार

हरा चना धीरे-धीरे पचने वाला भोजन है, इसलिए यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है. यही वजह है कि वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी हरा चना फायदेमंद होता है।

ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मददगार

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन इंसुलिन के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे पाचन के साथ-साथ ब्लड शुगर कंट्रोल में भी सहायता मिलती है. 

एसिडिटी या जलन वालों के लिए भी फायदेमंद 

हरे चने में आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं. ये तत्व आंतों की अंदरूनी परत को मजबूत बनाते हैं और सूजन को कम करते हैं. जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी या जलन की शिकायत रहती है, उनके लिए हरा चना पेट को ठंडक देने वाला साबित हो सकता है.

कमजोरी को दूर करने में मददगार

हरा चना कई दूसरी समस्याओं में भी राहत देता है. इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को ताकत देता है और कमजोरी को दूर करता है. आयरन की अच्छी मात्रा खून की कमी में सहायक होती है.

दिल की सेहत के लिए लाभकारी 

हरे चने में  फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होने से ये दिल की सेहत के लिए लाभकारी माने जाते हैं और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैंय इसके अलावा, हरा चना शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है. 

किस तरह से करें सेवन 

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हरे चने को सब्जी, सूप, सलाद, पुलाव या हल्के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है. ऐसा करने से आपका पेट सही रहेगा. 

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