कैसे पहचाने असली दशहरी आम? इन बातों का ध्यान रखें और केमिकल वाला आम खाने से बचें
दशहरी आम को किसी भी आम के साथ चाहे रख दें, इसे पहचानना बहुत आसान है। इसकी शारीरिक बनावट बाकी आमों से बिल्कुल अलग होती है। असली दशहरी आम पूरी तरह से गोल नहीं होता है। इसकी असली पहचान है इसका थोड़ा लंबा और अंडाकार होना। इसका नीचे का हिस्सा हल्का सा नुकीला होता है और अंदर की तरफ घूमा हुआ होता है।
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गर्मियों का मौसम हो और आम का ज़िक्र न हो ऐसा कैसे हो सकता है। ज़्यादातर लोगों को इस मौसम का इंतज़ार सिर्फ इसलिए होता है ताकि वो आम का मज़ा ले सकें। वैसे तो भारत में आपको कई प्रकार के आम मिलेंगे लेकिन अगर बेहतरीन स्वाद की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद के मशहूर 'दशहरी' आम' का नाम सबसे ऊपर आता है। इसकी मिठास और खुशबू ऐसी की जो एक बार खाएगा इसका दीवाना हो जाएगा।
आम का सीजन शुरू होते ही बाजार में इसकी भरमार हो जाती है। ऐसे में केमिकल से पकाए गए आम और मिलावट से कैसे बचें? आइए जानते हैं की असली और शुद्ध दशहरी आम की पहचान कैसे की जाए।
शारीरिक बनावट बाकी आमों से बिल्कुल अलग
दशहरी आम को किसी भी आम के साथ चाहे रख दें, इसे पहचानना बहुत आसान है। इसकी शारीरिक बनावट बाकी आमों से बिल्कुल अलग होती है। असली दशहरी आम पूरी तरह से गोल नहीं होता है। इसकी असली पहचान है इसका थोड़ा लंबा और अंडाकार होना। इसका नीचे का हिस्सा हल्का सा नुकीला होता है और अंदर की तरफ घूमा हुआ होता है।
छिलके और रंग से भी होती है पहचान
आकर के अलावा इसके छिलके और रंग से भी इस आम की पहचान की जा सकती है। दशहरी आम का छिलका बेहद पतला होता है जिसकी वजह से इसमें भरपूर मात्रा में गूदा निकलता है। इस आम का रंग भी कभी चटक या आर्टिफिशियल पीला नहीं होता। इसका रंग हल्के पीले और हल्के हरे रंग का मिला जुला प्राकृतिक शेड होता है। अगर आपको कोई बिल्कुल चमकता हुआ पीला आम दशहरी बता कर बेच रहा है तो समझ जाना की उसे कार्बाइड से पकाया गया होगा।
मन मोह लेने वाली खुशबू
अगली चीज़ जो दशहरी आम की पहचान करने में मदद करती है वो है इसकी मन मोह लेने वाली खुशबू। इस आम को खरीदते वक़्त इसे उठाकर इसके डंठल के पास सूंघकर देखें। प्राकृतिक रूप से पके असली दशहरी में से एक बेहद मीठी, सोंधी और नेचुरल खुशबू आती है जो आपको दूर से ही अपनी तरफ खींच लाएगी।
इस आम की गुठली बाकी आमों से बिल्कुल अलग
असली दशहरी आम की गुठली काफी पतली, छोटी और चपटी होती है। अक्सर दूसरे आमों में एक बड़ी सी गुठली निकलती है, जिससे उसका गूदा कम हो जाता है लेकिन दशहरी आम की ख़ास बात ये भी है की इसकी गुठली इतनी पतली और छोटी होने की वजह से इसमें आपको भरपूर गूदा मिलेगा जो इसे खाने का मज़ा दोगुना कर देता है।
तो अगली बार आम खरीदने जाएं तो इन बातों को ध्यान में ज़रूर रखें ताकि आप असली मलीहाबादी दशहरी का आनंद ले सकें।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.