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चाय के हैं शौक़ीन? इन फूलों की हर्बल टी से शरीर को मिलेगी ठंडक! अब दूध वाली चाय को कहें अलविदा
21 मई को 'अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस' मनाया जाता है। आमतौर पर ज़्यादातर घरों में बनने वाली पारंपरिक दूध वाली चाय तनाव और थकान को दूर करने में काफी कारगर मानी जाती है। लेकिन क्या आपको पता है की गर्मियों में दूध की चाय पीने से सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है? ऐसे में चाय प्रेमियों के लिए इस मौसम में पीने के लिए एक बेहतरीन, रिफ्रेशिंग और सेहतमंद विकल्प है फूलों से बनी हर्बल टी।
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दुनिया भर में चाय के दीवाने आपको बहुत मिल जाएंगे। अगर सिर्फ भारत की बात करें तो यहाँ चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं बल्कि एक भावना है। चाहे जैसा भी मौसम हो, चाय का साथ ज़रूर बना रहता है। सर्दी हो, बारिश हो या फिर शरीर को झुलसा देने वाली भीषण गर्मी, इसे पीने वाले कोई कोताही नहीं करते। इसका इतिहास पांच हज़ार साल से भी ज्यादा पुराना है, लेकिन समय के साथ लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती ही गई है।
21 मई को 'अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस' मनाया जाता है। आमतौर पर ज़्यादातर घरों में बनने वाली पारंपरिक दूध वाली चाय तनाव और थकान को दूर करने में काफी कारगर मानी जाती है। लेकिन क्या आपको पता है की गर्मियों में दूध की चाय पीने से सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है? ऐसे में चाय प्रेमियों के लिए इस मौसम में पीने के लिए एक बेहतरीन, रिफ्रेशिंग और सेहतमंद विकल्प है फूलों से बनी हर्बल टी।
हर्बल टी पीने के फायदे
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कमल, गुड़हल, गुलाब, मौलश्री और पारिजात जैसे फूलों से बनी चाय न सिर्फ गर्मी की थकान और जलन से राहत देती है, बल्कि पूरे दिन ताजगी और एनर्जी भी बनाए रखती है। गर्मियों में गरम चाय पीने से पसीना बढ़ता है और शरीर और गर्म हो जाता है। वहीं, आयुर्वेद फूलों को औषधीय गुणों का खजाना मानता है। इन फूलों से बनी चाय एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है, जो इम्युनिटी बढ़ाती है, तनाव कम करती है और शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करती है।
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इन फूलों की चाय में कमल, मौलश्री, विष्णुप्रिया, गुड़हल, गुलाब, पारिजात, कृष्ण कमल, लैवेंडर, तेजपत्ता, तुलसी की चाय भी शामिल है।
मौलश्री की चाय - बुखार, पुरानी खांसी और त्वचा की समस्याओं में रामबाण है और तनाव दूर करने में भी कारगर है।
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कमल की चाय - गर्मी में बुखार, प्यास और जलन से राहत देती है। मन को शांत रखती है और अच्छी नींद लाती है।
गुड़हल की चाय - विटामिन-सी से भरपूर होती है। ब्लड प्रेशर कंट्रोल करती है, इम्युनिटी बूस्ट करती है और त्वचा को चमकदार बनाती है।
गुलाब की चाय - मूड अच्छा रखती है, तनाव कम करती है, पाचन सुधारती है और थकान दूर करती है।
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पारिजात या हरसिंगार की चाय - जोड़ों के दर्द, सूजन और सर्दी-जुकाम से बचाव करती है।
कृष्णकमल की चाय - चिंता, अनिद्रा और तनाव दूर कर अच्छी नींद लाती है।
लैवेंडर की चाय - रिलैक्सेशन के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। यह थकान मिटाती है और त्वचा निखारती है।
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कैसे बनाएं फूलों की चाय?
घर पर फूलों की चाय बनाने के लिए एक कप गर्म पानी में 1-2 चम्मच ताजे या सूखे फूल डालें। 5 से 10 मिनट ढककर रखें, फिर छान लें। इसमें स्वाद के अनुसार शहद और नींबू भी मिला सकते हैं। रोजाना 1-2 कप पीने से गर्मी में भी शरीर ठंडा, मन शांत और एनर्जी बनी रहती है।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, इन चायों का नियमित सेवन गर्मी से होने वाली समस्याओं जैसे बुखार, थकान, तनाव और कमजोर इम्युनिटी से बचाता है। हालांकि, अगर किसी फूल से एलर्जी हो तो आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.