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‘इस अद्भुत नजारे को…’, सोनू निगम की बरसों की मुराद हुई पूरी, पहली बार सामने से देखी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
सोनू निगम ने आगे बताया कि वे सालों से भगवान के भजन तो गा रहे थे और उन्हें इस रथ यात्रा के बारे में सब कुछ पता भी था, लेकिन इसे सामने से देखने का सौभाग्य उन्हें आज पहली बार मिला है.
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विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत गुरुवार से हो रही है. आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग गुंडिचा मंदिर अपनी मौसी के घर में प्रस्थान करेंगे.
भगवान जगन्नाथ गर्भगृह से बाहर आकर सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हैं
जगन्नाथ मंदिर के वरिष्ठ सेवक जगन्नाथ स्वाईं महापात्र ने कहा कि वार्षिक रथ यात्रा एक अनोखा अवसर होता है, जब भगवान जगन्नाथ गर्भगृह से बाहर आकर सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हैं. यह यात्रा समानता और पूरे विश्व में भाईचारे की भावना का प्रतीक मानी जाती है.
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‘आज मेरा वह सपना सच में पूरा हो गया है’
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इस अवसर पर कई बड़ी हस्तियों मशहूर गायक सोनू निगम और बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने शिरकत कर आईएएनएस के साथ बातचीत की.गायक सोनू निगम ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि वे कई समय से पुरी आने सोच रहे थे, और आज उनकी यह इच्छा पूरी हो गई. उन्होंने कहा, "मुझे जीवन में पहली बार यहां आने का मौका मिला है. मैंने अपने करियर में भगवान के लिए कई भजन गाए हैं, लेकिन इस अद्भुत नजारे को अपनी आंखों से देखने का मौका मुझे अब मिला है. मुझे इसके लिए बुलाया भी गया और मेरी खुद भी इच्छा थी कि मैं जगन्नाथ रथ यात्रा के दर्शन कर सकूं. आज मेरा वह सपना सच में पूरा हो गया है.”
‘इसे सामने से देखने का सौभाग्य आज पहली बार मिला’
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सोनू निगम ने आगे बताया कि वे सालों से भगवान के भजन तो गा रहे थे और उन्हें इस रथ यात्रा के बारे में सब कुछ पता भी था, लेकिन इसे सामने से देखने का सौभाग्य उन्हें आज पहली बार मिला है.
‘यह एक अद्भुत और दिव्य दृश्य है’
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बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने भी आईएएनएस के साथ बातचीत करते हुए अपना उत्साह जाहिर किया. उन्होंने बताया, "आज भगवान जगन्नाथ अपने परिवार के साथ अपनी मौसी के घर जाने के लिए निकल पड़े हैं. यह एक अद्भुत और दिव्य दृश्य है. इस समय पुरी की सड़कों पर 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद हैं. इस नजारे को देख इंद्रदेव भी प्रसन्न हैं. यह बहुत ही प्राचीन यात्रा है, जिसमें शामिल होने के लिए मैं अपनी माता जी के साथ आया हूं. यहां बहुत आनंद आ रहा है. ऊपर से बरसात का पानी भगवान के दर्शन अद्भुत अध्यात्मिक वातावरण है. 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आने के बावजूद भी सभी जगहे व्यवस्थाएं अच्छी है और श्रद्धालु में इतनी भक्ति है कि वे इतनी बारिश में भी भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा में भी शामिल हो रहे हैं.”