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‘अपने कफन की तैयारी कर लो’, ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ सीरीज का विरोध करने वालों को मिली धमकी, मोदी सरकार ने लिया ऐसा फैसला, सब हुए दंग

लॉरेंस ऑफ पंजाब सीरीज़ पर सरकार द्वारा बैन लगाने के फैसले के बाद इस Documentary सीरीज़ का विरोध करने वालों को धमकी मिलने का सामने आया है, जिससे हर तरफ़ हड़कंप मच गया है. दरअसल पंजाब के कई बड़े चेहरों को विदेशी Whatsapp नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है.

Image Credits:IANS/PMO/zee5/Instagram
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर बनी Documentary Series ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ का जब ट्रेलर रिलीज हुआ है, तभी से इसे लेकर विवाद हो रहा है, हालांकि केंद्र सरकार से अब इस सीरीज पर बैन लगा दिया है. 

'लॉरेंस ऑफ पंजाब' पर मचा बवाल 

बताया जा रहा है कि सरकार की तरफ़ से ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म जी5 को औपचारिक रुप से सलाद दी गई है कि वो अपनी आने वाली Documentary Series रोक दे. ये फैसला इस वजह से लिया गया है कि क्योंकि सीरीज का कटेंट गैंगस्टर ल़ॉरेंस बिश्नोई का महिमामंडन करता है. इस सीरीज के ट्रेलर के बाद से ही इसे लेकर विरोध हो रहा था. 

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किन लोगों को मिली जान से मारने की धमकी?

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वहीं लॉरेंस ऑफ पंजाब सीरीज़ पर सरकार द्वारा बैन लगाने के फैसले के बाद इस Documentary सीरीज़ का विरोध करने वालों को धमकी मिलने का सामने आया है, जिससे हर तरफ़ हड़कंप मच गया है. दरअसल पंजाब के कई बड़े चेहरों को विदेशी Whatsapp नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है. जिनमें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया शामिल हैं. सूत्रों की मानें तो इन सभी को एक जैसे मैसेज भेजे गए हैं. जिसमे कहा गया है कि अपने कफन की तैयारी कर लो. 

केंद्र सरकार ने सीरीज़ पर लगाया बैन

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बता दें कि ये Documentary Series 27 अप्रैल को जी5 पर रिलीज होने वाली थी. बीते शुक्रवार को ही केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर बनी सीरीज ल़ॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज पर रोक लगा दी थी. केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने जी5 को इस सीरीज को प्रसारित ना करने के आदेश दिए थे. जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निटपारा कर दिया था. 

पंजाब सरकार ने भी जताया था विरोध

केंद्र सरकार द्वारा की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कोर्ट को बताया मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म को इस सीरीज़ को जारी ना करने की सलाह दी थी. जिसके बाद पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने सीरीज़ पर रोक लगाने वाली अपनी याचिका वापस ले ली. वहीं पंजाब सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ऐसे कंटेंट के ख़िलाफ़ है, जो अपराध को महिमामंडित करता है और युवाओं को ग़लत दिशा में लेकर जाता है. 

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कांग्रेस नेता अमरिंदर ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र

इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, “ जब राज्य का नाम गैंगस्टर के महिमामंडन में घसीटा जा रहा हो, तो मैं चुप नहीं रह सकता. मैंने सीरीज पर बैन लगाने की मांग करते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. पंजाब गैंगस्टर संस्कृति वाला राज्य नहीं है. पंजाब तो साहस, कड़ी मेहनत और आत्म-सम्मान का प्रतीक है. मेरी यह कानूनी चुनौती राज्य के 'युवाओं, पहचान और आत्मा' के लिए लड़ी जा रही लड़ाई है.”

पंजाब पुलिस ने भी जताया विरोध

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वहीं इस मामले को लेकर पंजाब पुलिस ने विशेष पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी. नीरजा को एक पत्र भेजकर डॉक्यूमेंट्री सीरीज के कंटेंट को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं.उन्होंने कहा था,  इस तरह का कंटेंट गैंगस्टरिज्म को महिमामंडित करता है, जो पुलिस के चल रहे प्रयासों को कमजोर करता है और एक ऐसे राज्य में 'कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने' का जोखिम पैदा करता है जो पहले से ही इन मुद्दों को लेकर संवेदनशील है. पंजाब पुलिस ने केंद्र को सूचित किया कि इस बात की 'पूरी आशंका' है कि यह डॉक्यूमेंट्री तनाव बढ़ाएगी और संज्ञेय अपराधों को बढ़ावा देगी.”

लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश ने जताया विरोध

रिपोर्ट्स की मानें तो लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश ने भी डॉ़क्यू सीरीज़ पर लोग लगाने की माँग की थी. साथ ही उन्होंने इस सीरीज के डायरेक्टर पर भी निशाना साधा. मीडिया एजेंसी से बातचीत में लॉरेंस के चचेरे भाई ने कहा था, “बिश्नोई परिवार लॉरेंस से प्रेरित बताई जा रही डॉक्यू-सीरीज का कड़ा विरोध करता है. पंजाब को 'गुरुओं और योद्धाओं की धरती' कहा जाता है. मैं डायरेक्टर राघव डर से पूछना चाहता हूं कि अपने प्रोजेक्ट के लिए लॉरेंस का नाम इस्तेमाल करने की इजाजत उन्‍हें किसने दी? न परिवार से इजाजत है, न सरकार से इजाजत है. ऐसे बनाकर वो क्या साबित करना चाहते हैं?”

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रमेश ने आगे कहा था, “जब लॉरेंस पर प्रोजेक्ट के बारे में परिवार से बात की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर इजाजत देने से मना कर दिया. पंजाब पुलिस और अधिकारी भी लॉरेंस ऑफ पंजाब पर बैन लगाने की वकालत कर रहे हैं. मुझे मीडिया से पता चला है कि हाई कोर्ट तक जाने की तैयारी है, तो मैं तो मांग कर रहा हूं कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से कि तुरंत बैन लग जाए.”

सिद्धु मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने भी उठाए सवाल

वहीं इस मामले को लेकर सिद्धु मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने इस सीरीज़ को पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है. उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया है कि समाज में प्रेरणादायक लोगों की जगह अपराधियों पर फ़ोकस क्यों किया जा रहा है. 

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सांसद सुखजिंदर रंधावा ने भी जताया था विरोध

सांसद सुखजिंदर रंधावा ने भी इसे देशविरोधी बताते हुए कड़ा विरोध जताया था. उनका कहना था कि ऐसा कंटेंट गन कल्चर को बढ़ावा देती है और पंजाब की छवि को नुक़सान पहुंचाती है. 

धमकी मिलने वालो की बढ़ाई गई सुरक्षा

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अब इन सभी को एक साथ धमकी मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है. पुलिस हर एंगल से जाँच कर रही है और इन सभी लोगों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. ये मामला अब सिर्फ सीरीज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क़ानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा तक पहुंच गया है.हालांकि केंद्र सरकार ने सीरीज़ पर बैन लगाकर उन लोगों को सबक सिखाया है, जो विदेश में बैठकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. 

डॉक्यू-सीरीज के डायरेक्टर राघव डार ने अपने शो का किया बचाव 

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भले ही सरकार ने अब इस सीरीज को बैन कर दिया है, लेकिन डॉक्यू-सीरीज के डायरेक्टर राघव डार ने अपने शो का बचाव किया.  उन्होंने एक लीडिंग वेबसाइट से बातचीत में कहा,” लॉरेंस ऑफ पंजाब को हमेशा सिर्फ एक क्राइम स्टोरी से कहीं ज्यादा समझा गया था. हमारा मकसद ऐसी पहचान बनाने के पीछे के ‘क्यों’ को समझना था. माहौल, असर और उन्हें बनाने वाले सिस्टम. साथ ही, यह सोचना भी उतना ही जरूरी था कि ये सफर अपने पीछे क्या छोड़ते हैं. इस सीरीज के जरिए हमने एक ऐसी कहानी पेश करने की कोशिश की, जो जानकारी देने वाली और इंसानी पहलु दोनों के बारे में है.”

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