जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दर्श अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम, घर में आएगी सुख-शांति और खुशहाली, पितृ दोष से मिलेगी शांति

दर्श अमावस्या के दिन पितर धरती पर आते हैं. यह दिन पितृ तर्पण और पिंडदान के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन दान और तर्पण करने से पितरों को शांति मिलती है और साथ ही पितृ दोष भी कम होने लगते हैं.

दर्श अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम, घर में आएगी सुख-शांति और खुशहाली, पितृ दोष से मिलेगी शांति
Advertisement

पौष माह के कृष्ण पक्ष पर दर्श अमावस्या शुक्रवार को पड़ रही है. इस दिन सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा रात 10 बजकर 51 मिनट तक वृश्चिक राशि में रहेंगे. इसके बाद धनु राशि में विराजमान रहेंगे.

जानें अभिजीत मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय सुबह 11 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.

क्या होती है 'दर्श अमावस्या'?

हर माह की अमावस्या को 'दर्श अमावस्या' के रूप में मनाया जाता है. 'दर्श' शब्द का अर्थ है 'देखना' या फिर 'दर्शन करना,' और 'अमावस्या' उस दिन को कहते हैं, जब चंद्रमा आसमान में अदृश्य होता है.

Advertisement

इस दिन पितृ तर्पण और पिंडदान किया जाता है

पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि अमावस्या के दिन पितर धरती पर आते हैं. यह दिन पितृ तर्पण और पिंडदान के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन दान और तर्पण करने से पितरों को शांति मिलती है और साथ ही पितृ दोष भी कम होने लगते हैं.

नहाते समय अपने पितरों का ध्यान करें

इस तिथि पर सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और यदि कोई नदी में स्नान नहीं कर सकता है, तो वह घर पर ही बाल्टी में नदी का जल मिला ले. नहाते समय अपने पितरों का ध्यान करें. ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं. इसके साथ ही साबुत उड़द और कंबल का दान करना भी शुभ होता है. इससे पितृ अपने स्थान पर सुखी और प्रसन्न रहते हैं और राहु और केतू का नकारात्मक प्रभाव भी कम होता है.

पक्षियों को दाना खिलाना बहुत शुभ 

Advertisement

अमावस्या के दिन पक्षियों को दाना खिलाना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्षियों के रूप में आकर दाना ग्रहण करते हैं. ऐसा करने से पितरों को शांति मिलती है. पितृ की कृपा से घर-परिवार सुखी रहता है, करियर में सफलता मिलती है, और वंश वृद्धि भी होती है.

क्या करने से पितृ दोष से शांति मिलती है?

हमारे ग्रंथों में कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिनमें इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करना और पीपल के वृक्ष पर कच्चा दूध और काला तिल चढ़ाना शामिल हैं,

यह भी पढ़ें

जिससे पितृ दोष शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें