×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मासिक दुर्गाष्टमी: इस दिन करें आदिशक्ति की विशेष पूजा, दूर होंगी सभी बाधाएं और परेशानियां

मासिक दुर्गाष्टमी हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. यह दिन माता भगवती को समर्पित है. मान्यता है कि यदि किसी जातक के जीवन में कोई परेशानियां हैं या फिर कठोर मेहनत के बाद भी विशेष फल की प्राप्ति नहीं हो रही है तो ऐसे में मासिक दुर्गाष्टमी के दिन आदिशक्ति की पूजा और व्रत रखने से आपको लाभ हो सकता है.

मासिक दुर्गाष्टमी: इस दिन करें आदिशक्ति की विशेष पूजा, दूर होंगी सभी बाधाएं और परेशानियां
Advertisement

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी. पौराणिक धर्म ग्रंथों में इसका विशेष उल्लेख है, जिसमें बताया गया है कि इस दिन व्रत रखने और माता रानी की पूजा करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. मासिक दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने का फल नवरात्रि के पूजन के बराबर होता है. इस बार दुर्गाष्टमी 28 नवंबर को है.

 जानें अभिजीत मुहूर्त 

द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार के दिन सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा कुम्भ राशि में रहेंगे. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. 

Advertisement

आदिशक्ति की पूजा और व्रत रखने से लाभ प्राप्त होगा

मासिक दुर्गाष्टमी हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. यह दिन माता भगवती को समर्पित है. मान्यता है कि यदि किसी जातक के जीवन में कोई परेशानियां हैं या फिर कठोर मेहनत के बाद भी विशेष फल की प्राप्ति नहीं हो रही है तो ऐसे में मासिक दुर्गाष्टमी के दिन आदिशक्ति की पूजा और व्रत रखने से आपको लाभ हो सकता है. 

दुर्गाष्टमी के दिन विधि-विधान से पूजा करें

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन विधि-विधान से पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. हो सके तो लाल रंग के वस्त्र पहनें. माना जाता है कि माता को लाल रंग अत्यंत प्रिय है. फिर, मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता की प्रतिमा स्थापित करें, साथ ही कलश की भी स्थापना करें. देवी मां को श्रृंगार का सामान चढ़ाएं, जिसमें लाल चुनरी, सिंदूर, अक्षत (चावल), लाल पुष्प (विशेषकर गुड़हल), चंदन, रोली आदि अर्पित करें.

Advertisement

दुर्गा सप्तशती का पाठ या आरती करें

इसके बाद उन्हें फल, मिठाई, या अन्य सात्विक भोग लगाएं (जैसे खीर या हलवा). मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं और धूपबत्ती जलाएं. आप चाहें तो दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं और अंत में मां दुर्गा की आरती करें.

कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है 

Advertisement

यह भी पढ़ें

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है. 9 कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र, फल, मिठाई और दक्षिणा देकर सम्मानित करें. यदि संभव न हो तो कम से कम एक कन्या का पूजन अवश्य करें. जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करना भी शुभ माना जाता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें