'बारिश नहीं, प्रभु का आशीर्वाद है', रिमझिम बूंदाबांदी के शुभ संकेत के बीच रथयात्रा के लिए पुरी में डटे लाखों श्रद्धालु
Jaganath Rath Yatra 2026: पुरी में रथयात्रा के शुरुआती दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं. इस दौरान जय जगन्नाथ के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा है. पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी सहित पूरे देश से बधाई और शुभकामना संदेश आ रही हैं.
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ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है. रथयात्रा के दिन पुरी में रुक-रुक कर बारिश जारी रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. भारी बारिश के बावजूद लाखों की संख्या में भक्त भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए एकत्रित हुए.
जगन्नाथ यात्रा के लिए पुरी में जुटे लाखों श्रद्धालु
भक्तों का कहना है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में बारिश कोई बाधा नहीं है, बल्कि यह प्रभु का आशीर्वाद है. उनका कहना है कि रथयात्रा के दौरान बारिश होना कोई नई बात नहीं है और वे पहले से ही इसके लिए तैयार रहते हैं. भक्तों के लिए सबसे बड़ा उत्साह भगवान के दर्शन करना और रथ खींचने के पवित्र अवसर का हिस्सा बनना है.
अहमदाबाद में निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, मंगला आरती में शामिल हुए शाह
पुरी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में आज भगवान जगन्नाथ की 149वीं विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह, भक्ति और परंपरा के साथ प्रारंभ हुई. श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलने वाली इस भव्य यात्रा को देखने और भगवान के दर्शन करने के लिए तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर एकत्र हो गए. गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेता-मंत्री भी भगवान के दर्शन करने पहुंचे.
अहमदाबाद: पैर में जंजीरों से बांधकर लाए गए हाथी
वहीं इस बार हाथियों को पैर में जंजीरों से बांधकर लाया गया और खड़िया पोल पर आते ही लोगों को सड़क से हटा दिया गया. यहां पिछले साल हाथी बेकाबू हो गए थे. रथयात्रा के शुभारंभ से पहले सुबह चार बजे मंदिर में पारंपरिक मंगला आरती आयोजित की गई. इस पावन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र तथा देवी सुभद्रा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की. अमित शाह ने मंगला आरती में भाग लेकर भगवान से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की. उनके साथ कई संत-महंत, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे.
रिमझिम बारिश के बीच जगन्नाथ यात्रा
श्री जगन्नाथ मंदिर के चुनरा सेवायत शरत मोहंती ने बताया कि मंदिर के अंदर सभी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान तेजी से पूरे किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि मंदिर की सभी नीतियां इतनी जल्दी पूरी हुई हों. उनके अनुसार ऐसा प्रतीत हो रहा है कि स्वयं भगवान जगन्नाथ की इच्छा है कि वे जल्द से जल्द मंदिर से बाहर निकलकर लाखों भक्तों को रथ पर विराजमान होकर दर्शन दें.
कब होगा रथारोहण?
उन्होंने बताया कि मंगला आरती के बाद भगवान की स्नान पूजा और अन्य विधियां संपन्न हुईं. इसके बाद भगवान का श्रृंगार और विशेष वेश धारण कराया गया. फिर गोपाल वल्लभ भोग और सकाल धूप यानी राजभोग के रूप में खिचड़ी भोग अर्पित किया जाएगा. इसके बाद भगवान को मंगला अर्पण कर रथारोहण की प्रक्रिया दोपहर 2 बजे शुरू होगी. उन्होंने बताया कि इसके बाद पाहांडी बिजे की परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें भगवान के विग्रहों को क्रम से मंदिर से बाहर लाया जाता है. सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, माता सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ रथ पर विराजमान होंगे.
शरत मोहंती ने कहा कि बारिश के बावजूद लाखों भक्त बड़दांड में भगवान के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं. जैसे ही भगवान बाहर आएंगे, घंटों, मृदंग और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज उठेगा. भक्तों की निगाहें उस दिव्य क्षण पर टिकी हुई हैं, जब महाप्रभु रथ पर विराजमान होकर सभी को दर्शन देंगे.
कैलिफोर्निया और साउथ कोरिया से भी रथयात्रा में शामिल हुए भक्त!
इस दौरान रथ यात्रा में शामिल होने के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया से शामिल होने आए एक विदेशी भक्त ने कहा कि "मैं इस पूरे अनुभव का आनंद लेना चाहता हूं, सड़क पर आते हुए रथ, उन्हें खींचते हुए लोग, भीड़ का उत्साह और बाकी सब कुछ... मैं पिछले 10 सालों से इसका इंतज़ार कर रहा हूँ. मैंने 126 देशों की यात्रा की है और तीन बार भारत आ चुका हूँ. मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूँ. मैं खास तौर पर इसी मौके के लिए यहाँ आया हूँ..."
इसके अलावा दक्षिण कोरिया से आई एक भक्त ने कहा कि "यह जगह अद्भुत है... भारत के लोग बहुत श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान की प्रार्थना करते हैं. यह सचमुच कमाल का है और मेरे दिल को छू जाता है. यहाँ इतने सारे लोग जमा हुए हैं..."
'जगन्नाथ रथयात्रा भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति', पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री जगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कामना की कि महाप्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी पर सदैव बना रहे. उनकी दिव्य कृपा से सभी देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो. साथ ही, कहा कि यह रथयात्रा भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक अनूठी अभिव्यक्ति है.
गृह मंत्री शाह ने भी दी रथ यात्रा की शुभकामनाएं
इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पोस्ट किया, "समस्त देशवासियों को श्री जगन्नाथ रथयात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं. विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा अटूट आस्था, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है. यह पवित्र रथयात्रा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों को सहेजने और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाती है. महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र व माता सुभद्रा से सभी की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना करता हूं."
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई और मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "श्री जगन्नाथ जी की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो. जय जगन्नाथ."
जगन्नाथ रथयात्रा के शुभारंभ पर राष्ट्रपति मुर्मु समेत कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने दीं शुभकामनाएं
श्री जगन्नाथ की रथयात्रा के शुभारंभ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने शुभकामनाएं दी हैं. राष्ट्रपति ने प्रार्थना की कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ की कृपा से देश और देशवासियों की सुख-समृद्धि में निरंतर वृद्धि होती रहे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "महाप्रभु की रथयात्रा के पावन अवसर पर मैं देश-विदेश में श्री जगन्नाथ के सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं. लोकमान्यता है कि इस पवित्र यात्रा की महान परंपरा के दौरान चक्रराज सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा सहित महाप्रभु श्री जगन्नाथ भक्तों से मिलते हैं. भक्तों और भगवान के मिलन का यह भावपूर्ण अवसर अद्वितीय होता है. मेरी प्रार्थना है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ की कृपा से हमारे देश और देशवासियों की सुख-समृद्धि में निरंतर वृद्धि होती रहे. जय जगन्नाथ."
सीएम योगी ने सबके सुख, शांति और कल्याण की की कामना
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "सनातन संस्कृति की अगाध आस्था, सामाजिक समरसता व लोकमंगल की पावन प्रतीक, महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की 'रथ यात्रा' के शुभारंभ की सभी श्रद्धालुओं को हृदय से बधाई और शुभकामनाएं. महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी और माता सुभद्रा जी की कृपा-दृष्टि चराचर जगत पर बनी रहे, सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का वास हो, यही प्रार्थना है."
उत्तराखंड के सीएम सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी शुभकामनाएं
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "समस्त श्रद्धालुओं को आस्था, भक्ति और श्रद्धा के दिव्य आलोक से आलोकित महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. यह पावन रथ यात्रा समरसता, सेवा, सद्भाव और लोकमंगल की भावना का पावन प्रतीक है. महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना करता हूं."
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा, "महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का संचार हो. यह पावन यात्रा हम सभी के जीवन में श्रद्धा, सेवा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है."
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पोस्ट किया, "महाप्रभु श्री जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के शुभारंभ पर सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं. महाप्रभु की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और मंगल का वास हो. यह पवित्र यात्रा हमें सेवा, समरसता और लोककल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहे."
Pahandi rituals begin at Puri Jagannath temple ahead of grand Rath Yatra; chariot pulling at 2 PM
— ANI Digital (@ani_digital) July 16, 2026
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मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. आस्था, सेवा और लोककल्याण का यह महापर्व समाज को एकता, अपनत्व और श्रद्धा के सूत्र में जोड़ता है. प्रभु श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी और माता सुभद्रा की असीम कृपा से प्रत्येक परिवार सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि से परिपूर्ण हो, यही मंगलकामना है."
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पोस्ट किया, "महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और मंगलमय शुभकामनाएं. प्रभु श्री जगन्नाथ जी की असीम कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वास हो. यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में श्रद्धा, सेवा और सद्भाव का संचार करे."
#WATCH | Puri, Odisha | On #RathYatra, a foreign devotee says, "I want to experience the whole thing, the chariots coming down the road, the men pulling them, the enthusiasm of the crowd, and everything else...I’ve been waiting for this for 10 years. I have travelled to 126… pic.twitter.com/7DvTVxUZ0I
— ANI (@ANI) July 16, 2026
रथयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु क्या बोले?
रथयात्रा में शामिल एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से उन्हें बचपन से ही पुरी आने और रथयात्रा देखने का सौभाग्य मिलता रहा है. उन्होंने बताया कि बचपन में जब वह लोगों को भगवान का रथ खींचते हुए देखती थीं, तो उनके मन में भी इच्छा होती थी कि एक दिन उन्हें भी यह अवसर मिले. कक्षा 10वीं के बाद भगवान की कृपा से उन्हें हर साल रथ खींचने और दर्शन करने का अवसर मिल रहा है.
#WATCH | Odisha | Nandighosha, Darpadalana, and Taladhwaja - the three chariots of Lord Jagannath, Lord Balabhadra and Goddess Subhadra at Singhadwara of Puri Jagannath temple for the Rath Yatra, which begins today. pic.twitter.com/9cKdLG8BBR
— ANI (@ANI) July 16, 2026Advertisement
उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि जीवन की अंतिम सांस तक भगवान जगन्नाथ उन्हें रथयात्रा से दूर न करें और हमेशा अपना आशीर्वाद बनाए रखें. बारिश और भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि वह भीड़ देखने नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने आती हैं. उनके लिए यह कोई मेला नहीं, बल्कि भगवान और भक्तों का दिव्य मिलन है.
उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि रथयात्रा में आने वाला हर व्यक्ति भगवान की कृपा से यहां पहुंचता है. चाहे पुलिसकर्मी हों, कर्मचारी हों या सेवा में लगे अन्य लोग, सभी को यह अवसर भगवान के आशीर्वाद से ही मिलता है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि देवी-देवता भी अलग-अलग रूपों में यहां उपस्थित रहते हैं और भगवान जगन्नाथ की सेवा करते हैं.
मुंबई से आए एक भक्त ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के प्रति प्रेम और आस्था ही उन्हें यहां खींच लाई है. वहीं कई अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि पहली बार पुरी आकर उन्हें बेहद आनंद और आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो रहा है. कुछ भक्त परिवार के साथ दूसरी बार यहां पहुंचे हैं और उन्होंने बताया कि उनका आने का कोई निश्चित कार्यक्रम नहीं था, लेकिन भगवान की कृपा से वे रथयात्रा में शामिल हो सके.
#WATCH | Puri, Odisha | Artists gathered at Singhadwara of Puri Jagannath temple.
— ANI (@ANI) July 16, 2026
Nandighosha, Darpadalana, and Taladhwaja - the three chariots of Lord Jagannath, Balabhadra and Subhadra have been placed at Singhadwara of Puri Jagannath temple ahead of the annual Rath Yatra,… pic.twitter.com/zUdWwyLxsS
रथयात्रा में शामिल ओडिसी नृत्य कलाकारों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. एक कलाकार ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के सामने सेवा करने का अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है. उन्होंने कहा कि प्रभु की उपस्थिति में नृत्य करना उनके लिए अनमोल अनुभव है और इससे बड़ा आनंद जीवन में कुछ नहीं हो सकता.
एक अन्य कलाकार ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद भगवान जगन्नाथ की दिव्यता के सामने यह बारिश बहुत छोटी लगती है. उन्होंने कहा कि वह भगवान जगन्नाथ मंदिर की पारंपरिक देवदासी नृत्य परंपरा से जुड़ी हैं और उसी परंपरा के अनुरूप पारंपरिक वेशभूषा पहनकर भगवान की सेवा कर रही हैं.
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लगातार बारिश के कारण पुरी शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए. सुरक्षा कर्मी, स्वयंसेवक और प्रशासनिक अधिकारी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहे.
राहुल कांग्रेस ने रथयात्रा की शुभ कामनाएँ दी या नहीं ?