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2025 के महाकुंभ में 93 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, स्टीव जॉब्स की पत्नी छाई मीडिया में

13 जनवरी से महाकुंभ शुरु हो चुका है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी महाकुंभ के चर्चे जोरों-शोरों से हो रहे हैं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान करने प्रयागराज में आ रहे हैं। ऐसे ही, एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी महाकुंभ के शुरुआती दिनों में प्रयागराज त्रिवेणी संगम में स्नान करने आई थीं, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह महाकुंभ संगम में आस्था की डुबकी नहीं लगा पाईं। हालांकि, उनके आने से 93 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। क्या है पूरा माजरा जानने के लिए देखते रहें धर्म ज्ञान…

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प्रयागराज की पावन धरा पर एक बार फिर महाकुंभ शुरु हो चुका है। ये महाकुंभ इतना खास है कि देश से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग यहां त्रिवेणी संगम में स्नान करने आ रहे हैं और अपने तन मन को भी शुद्ध कर रहे हैं। महाकुंभ की धरा की खुशबू दुनिया भर में फैल रही है, तभी तो विदेशी भी भारत आकर नतमस्तक हो रहे हैं। ऐसी ही एक महिला हैं एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन जॉब्स। जिन्होंने संगम नगरी में कदम रख कर 93 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। आखिर क्या है पूरा मामला, कौन सा है वो रिकॉर्ड। जानने के लिए देखते रहें धर्म ज्ञान।

दरअसल महाकुंभ की भव्यता देख कर देश विदेश से श्रद्धालु संगम नगरी प्रयागराज खिंचे चले आ रहे हैं। महाकुंभ के शुरुआती दिनों में एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल भी महाकुंभ की भव्यता को देख अपने आपको रोक नहीं पाई और महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने आ गईं। लेकिन उनकी अचानक तबीयत खराब हो जाने की वजह से वह संगम में स्नान नहीं कर पाईं। हालांकि, उनकी हवाई यात्रा ने 93 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। जी हां, सही सुना आपने, उन्होंने इस आध्यात्मिक यात्रा के कारण काफी सुर्खियां बटोरी। 


आपको बता दें कि लॉरेन भूटान एयरवेज के प्लेन से प्रयागराज के महाकुंभ में शामिल होने आई थीं और उसी से वापस भी चली गईं। उनके आने से प्रयागराज हवाई अड्डे के लिए ये एक ऐतिहासिक क्षण रहा क्योंकि ये उड़ान 93 साल में प्रयागराज हवाई अड्डे की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि 1932 के बाद प्रयागराज हवाई अड्डे से कोई भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं भरी गई। लेकिन 2025 में लॉरेन के आने से 93 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। इसके साथ ही लॉरेन का महाकुंभ में आने के पीछे स्टीव जॉब्स को भी बताया जा रहा है। दरअसल, स्टीव ने एक चिट्ठी में लिखा था।“मैं कुंभ मेले के लिए भारत आना चाहता हूं, जो अप्रैल में शुरु होता है। मैं मार्च में किसी समय जाऊंगा, अभी तय नहीं है।”


आप स्टीव के इस पत्र से अंदाजा लगा सकते हैं कि स्टीव को भारत और भारतीय संस्कृति से कितना जुड़ाव था। स्टीव जॉब्स की ये चिट्ठी कुछ ही दिनों पहले 4 करोड़ में नीलाम हुई है और इस चिट्ठी में प्रयागराज महाकुंभ ही नहीं, बल्कि उनके जीवन को बदलने वाले कैंची धाम के बारे में भी बात की गई है। और अब उनकी पत्नी ने महाकुंभ की धरती पर कदम रख कर एक तरफ से स्टीव जॉब्स की इच्छा पूरी की। 

स्टीव जॉब्स तो कभी महाकुंभ नहीं आए लेकिन उनकी पत्नी लॉरेन पॉवेल जरूर संगम आईं हालांकि बीमार होने की वजह से डुबकी नहीं लगा सकीं।और जिस प्लेन से वो प्रयागराज आईं। उस प्लेन के प्रयागराज में उतरते ही 93 साल का रिकॉर्ड टूट गया। 

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