कौन हैं स्क्वाड्रन लीडर सान्या, जिन्होंने एयरफोर्स की रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कर रचा इतिहास, जानें क्यों है ये खास
सान्या की इस कामयाबी को इंडियन एयरफोर्स ने शेयर किया है. वायुसेना ने इसे पूरे देश के लिए गर्व की बात की कही. जिससे युवा पायलटों औैर जो पायलट बनना चाहते हैं वह प्रेरित होंगे.
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Squadron Leader Sanya: भारतीय वायु सेना की महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने इतिहास रच दिया. सान्या भारतीय वायुसेना की पहली ऐसी महिला अधिकारी बन गई हैं. जिनके नाम क्लास-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) की उपलब्धि दर्ज हो गई है.
क्लास-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर सेना के पायलटों को मिलने वाली ट्रेनिंग में सर्वोच्च रेटिंग है. सान्या की ये उपलब्धि IAF की रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई. सान्या की इस कामयाबी को इंडियन एयरफोर्स ने शेयर किया.
Excellence takes flight.
Sqn Ldr Saanya achieved a historic first by becoming the first woman officer to earn the coveted Cat-A Qualified Flying Instructor (QFI) qualification. Her achievement embodies dedication and relentless pursuit of excellence.
A proud milestone for the… pic.twitter.com/K6hWya0iUi— Indian Air Force (@IAF_MCC) May 18, 2026Advertisement
IAF ने X पोस्ट पर सान्या की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, यह भारतीय वायु सेना के लिए एक गौरव का क्षण है. सान्या की यह कामयाबी उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है. एयरफोर्स ने इसे पूरे देश के लिए गर्व की बात की कही. जिससे युवा पायलटों औैर जो पायलट बनना चाहते हैं वह प्रेरित होंगे.
‘कैटेगरी-ए क्यूएफआई’ रेटिंग वायु सेना में विमान सिखाने वाले इंस्ट्रक्टर को मिलने वाली सबसे बड़ी रैंक है. इस खास रेटिंग के बाद वह न सिर्फ नए पायलटों को ट्रेनिंग दे सकती हैं. बल्कि वायु सेना के दूसरे विमान इंस्ट्रक्टर्स की काबिलियत को भी परखने के काबिल हैं.
कौन हैं स्क्वाड्रन लीडर सान्या?
स्क्वाड्रन लीडर सान्या भारतीय वायु सेना की बेहद कुशल और स्पेशल पायलट हैं. इसके साथ ही वह एयरफोर्स के पायलटों को ट्रेनिंग देने वाली देश की सबसे बेहतरीन ट्रेनर भी बन गई हैं. जो खुद तो आसमानी करतब दिखाती ही हैं, साथ ही सेना के पायलटों को भी हवाई गुर सिखा रही हैं.
सान्या ने जून 2015 में कमीशन हासिल किया और फ्लाइंग ब्रांच में पायलटों के लिए आयोजित 42वें शॉर्ट सर्विस कमीशन कोर्स (वुमेन) की सदस्य बनीं. सान्या के साथ इसमें 6 अन्य महिलाएं भी शामिल थी. इसके बाद जून 2021 में सान्या को स्क्वाड्रन लीडर के पद पर प्रमोशन मिला.
सान्या ने कैसे हासिल की ये बड़ी उपलब्धि?
सान्या के 11-12 साल के करियर और एक्सपीरियंस के साथ-साथ यह उनकी हार्ड ट्रेनिंग और मेहनत का नतीजा है. उन्होंने इंस्ट्रक्टर बनने के लिए चेन्नई के तांबरम वायु सेना स्टेशन में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल से 22 हफ्ते की ट्रेनिंग ली थी. इन 22 हफ्तों में 200 घंटों से ज्यादा की पढ़ाई और एक दिन में कई घंटों की ट्रेनिंग मिली. इस कोर्स को पूरा करने के बाद इंडियन एयरफोर्स ने सान्या को 4 कैटेगरी में से सर्वोच्च कैटेगरी A Qualified Flying Instructor दी. QFI सबसे ऊंचे स्तर के टॉप शिक्षक या ट्रेनर होते हैं. जो पुराने पायलटों को गाइड करते हैं और नए पायलटों को ट्रेनिंग देते हैं. जबकि दूसरे इंस्ट्रक्टर का टेस्ट लेते हैं.
इंडियन एयरफोर्स में कब हुई महिलाओं की तैनाती?
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भारतीय वायु सेना ने 1994 में पहली बार महिलाओं के लिए मौके बने. सबसे पहले महिलाओं को हेलिकॉप्टर और सामान ले जाने वाले विमान उड़ाने की परमिशन मिली. दूसरी उपलब्धि साल 2016 में मिली जब महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने की अनुमति मिली और हल्के विमानों के बाद अब देश की महिला पायलट राफेल और सुखोई-30 जैसे भारी विमान से आसमानी उड़ान भर रही हैं.
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