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Twisha Sharma Case: मौत से पहले जिस पार्लर में गई थी ट्विशा, उसकी CCTV फुटेज लेने पहुंचे थे सास गिरिबाला के 5 वकील
भोपाल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ट्विशा शर्मा मौत मामले की सुनवाई चल रही है. वहीं, CBI ने भी केस को अपने हाथ में ले लिया है. इस बीच बड़ा खुलासा हुआ है कि मौत वाले दिन ट्विशा जिस पार्लर में गई थी. उसी दिन गिरिबाल ने अपने वकीलों को पार्लर में भेजकर उसकी CCTV फुटेज मंगवाई.
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ट्विशा शर्मा मौत मामले में ये तमाम सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बहुत कुछ है जो छुपाया गया, बहुत कुछ है जो मिटाया गया, बहुत कुछ ऐसा है जो असलियत से परे है. इस मामले की जांच भोपाल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट कर चल रही है. ट्विशा की रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह की भूमिका सवालों के घेरे में है. पहले उनकी कॉल डिटेल और अब पार्लर वाली थ्योरी सामने आई है.
बताया जा रहा है 12 मई की दोपहर 3-4 बजे ट्विशा पार्लर गई थी. वहां जाकर उसने हेड मसाज करवाई, पार्लर के स्टाफ का कहना है कि ट्विशा अक्सर यहां हेड मसाज करवाने आती है, उस दिन भी वही करवाने आई थी. पार्लर का CCTV भी सामने आया है जिसमें देखा गया कि ट्विशा हेड मसाज करवाते हुए दिखी.
ट्विशा के पार्लर से निकलने के करीब 4 घंटे बाद ही उसकी मौत की खबर आई. इसी बीच एक वाकए ने पार्लर की मैनेजर और स्टाफ को भी हैरान कर दिया. 12 मई जिस रात ट्विशा की मौत हुई थी. उसी रात गिरिबाला सिंह का कॉल पार्लर की मैनेजर के पास आया. गिरिबाल ने ट्विशा से जुड़ी हर एक डिटेल पूछी. जैसे वह कितने बजे पार्लर आई थी, कितने बजे निकली? पार्लर की मैनेजर ने ट्विशा से जुड़ी हर एक डिटेल शेयर की.
हालांकि तब तक पुलिस केस की जांच में जुड़ी भी नहीं थी. तब तक को FIR भी दर्ज नहीं हुई थी. इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए. एक तरफ बहू की लाश पड़ी है दूसरी ओर सास गिरिबाला सिंह को पार्लर में वकीलों की टीम भेजने की क्यों सूझी? आखिर वह CCTV लेकर क्या करना चाहती थीं? क्या वह अहम सबूतों को नष्ट कर रही थीं? उन्होंने ऑथोरिटी बनाकर वकीलों को पार्लर में भेजा. जिसकी गवाही पार्लर स्टाफ और मैनेजर ने दी. उनके बयान बकायदा मीडिया रिपोर्ट्स में हैं.
ट्विशा केस की टाइमलाइन और बड़े अपडेट
- 12 मई: मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का शव देर रात घर में फांसी पर लटका हुआ मिला
- 13 मई: AIIMS भोपाल में सुबह ट्विशा का पोस्टमार्टम हुआ
- 14 मई: ट्विशा के परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर ऑफिस में हंगामा किया
- परिजनों के देर रात पुलिस ने ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की
- 15 मई: गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया अदालत ने मंजूर भी कर ली
- इसी दिन परिजनों ने ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग की
- 16 मई: परिवार ने भोपाल पुलिस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए दिल्ली पुलिस को जांच सौंपने की मांग की
- 17 मई: परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम और CBI जांच की मांग करते हुए CM हाउस के बाहर धरना दिया
- 18 मई: पति समर्थ सिंह ने तीसरी बार अग्रिम जमानत दायर की जो खारिज कर दी गई
- परिवार ने सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए राज्यपाल को लेटर लिखा
- 20 मई: मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया, DG से रिपोर्ट मांगी
- जबलपुर हाईकोर्ट ने समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया
- 22 मई: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम करने के आदेश दिए
- 23 मई: समर्थ को कोर्ट में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की तारीख दी
- 24 मई: दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंची और ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ
- भोपाल के भदभहा श्मशान घाट में ट्विशा का 12 दिन बाद अंतिम संस्कार हुआ
- 25 मई: सुप्रीम कोर्ट और भोपाल कोर्ट में सुनवाई हुई, सास गिरिबाल और पति समर्थ सिंह पर CBI ने FIR दर्ज की
- 26 मई: CBI ने मामले की जांच शुरू करते हुए DSP निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी नियुक्त किया
दावा है कि यह सभी कॉल्स ट्विशा की मौत के अगले दिन किए गए. परिवार का दावा है कि 13 मई को ही CCTV फुटेज इंस्टॉल करने वाले युवकों को भी गिरिबाला के नंबर से फोन किए गए हैं.
ट्विशा ने मां को बयां किया था दर्द
ट्विशा ने बताया था कि पति उस पर शक करता है. सास उसे कैरेक्टर पर सवाल उठाती थी. उसने कहा था कि' ये बहुत घटिया और निर्दयी लोग हैं, आप लोग मुझे आकर ले जाओ. समर्थ मुझसे पूछता है कि मेरे पेट में किसका बच्चा है.' 9 दिन से ट्विशा का शक मोर्चरी में ही रखा हुआ है, परिवार अपनी बेटी को मुखाग्नि तक नहीं दे पा रहा. इस मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.
CBI ने ट्विशा शर्मा केस की जांच अपने हाथ में ली
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ट्विशा मामले की जांच शुरू कर दी है. एजेंसी ने भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज FIR को दोबारा पंजीकृत करते हुए जांच की शुरूआत की. CBI की DSP निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है. एजेंसी ने FIR के तहत 25 मई 2026 को मामला दर्ज किया.
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