75% नंबर वाले नियम में राहत! IIT रुड़की ने 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए खोले एडमिशन के दरवाजे
IIT: IIT रुड़की ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के अभी 75 प्रतिशत से कम अंक हैं, वे भी JoSAA काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच की चॉइस भर सकते हैं.
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IIT: देशभर के लाखों छात्रों के लिए IIT रुड़की ने बड़ी राहत की घोषणा की है. आमतौर पर IIT और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को 12वीं कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होता है. वहीं, एससी, एसटी और दिव्यांग (PwD) श्रेणी के छात्रों के लिए यह सीमा 65 प्रतिशत तय की गई है. लेकिन इस बार कई छात्रों को राहत देते हुए IIT रुड़की ने विशेष व्यवस्था की है..
CBSE रिजल्ट को लेकर छात्रों में नाराजगी
इस साल CBSE 12वीं बोर्ड के नतीजों को लेकर कई छात्रों ने सवाल उठाए हैं. बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं. कई छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है, जबकि कुछ छात्र दोबारा परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं ताकि वे अपने अंक सुधार सकें. ऐसे छात्रों की परेशानी को देखते हुए IIT रुड़की ने दाखिले की प्रक्रिया में कुछ लचीलापन दिखाया है.
75% से कम अंक होने पर भी भर सकते हैं चॉइस
IIT रुड़की ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के अभी 75 प्रतिशत से कम अंक हैं, वे भी JoSAA काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच की चॉइस भर सकते हैं. इसी तरह आरक्षित वर्ग के जिन छात्रों के 65 प्रतिशत से कम अंक हैं, उन्हें भी फिलहाल आवेदन करने की अनुमति दी गई है. उनकी JEE रैंक के आधार पर सीट आवंटन की प्रक्रिया जारी रहेगी.
हालांकि, अंतिम दाखिले के लिए छात्रों को अपनी श्रेणी के अनुसार जरूरी प्रतिशत हासिल करना होगा. यदि पुनर्मूल्यांकन या अन्य प्रक्रिया के बाद उनके अंक बढ़ जाते हैं और वे निर्धारित पात्रता पूरी कर लेते हैं, तो उन्हें प्रवेश मिल सकेगा.
15 जुलाई तक भेजना होगा नया स्कोर कार्ड
IIT रुड़की ने कहा है कि जिन छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है, उन्हें संशोधित अंकपत्र मिलने के बाद उसे 15 जुलाई 2026 तक orgjee@iitr.ac.in पर ईमेल करना होगा; सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत अंक तथा एससी, एसटी और PwD छात्रों के लिए कम से कम 65 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य रहेगा.
संस्थान के अनुसार, संशोधित स्कोर कार्ड प्राप्त होने के बाद चौथे राउंड के अंत तक छात्रों को उनकी रैंक के आधार पर जो सीट आवंटित होगी, उस पर प्रवेश दिया जाएगा. इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो फिलहाल कम अंकों की वजह से चिंता में थे लेकिन पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक बढ़ने की उम्मीद है.
JoSAA ने बढ़ाई सीटों की संख्या
इस बीच Joint Seat Allocation Authority (JoSAA) ने भी छात्रों के लिए अच्छी खबर दी है. वर्ष 2026 में इंजीनियरिंग संस्थानों की सीटों में लगभग 4,470 सीटों की बढ़ोतरी की गई है. इससे अधिक छात्रों को IIT, NIT, IIIT और अन्य सरकारी तकनीकी संस्थानों में दाखिले का मौका मिलेगा.
JoSAA काउंसलिंग के लिए ऐसे करें आवेदन
JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी और पसंदीदा कॉलेजों व ब्रांचों का चयन करना होगा. सभी जरूरी जानकारी भरने के बाद काउंसलिंग शुल्क जमा करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फॉर्म को सबमिट करें और उसका प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख ले. यह भविष्य में जरूरत पड़ने पर काम आएगा.
छात्रों के लिए राहत भरा फैसला
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IIT रुड़की का यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है जो पुनर्मूल्यांकन के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं. अब ऐसे छात्र बिना घबराए JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं और अगर उनके अंक निर्धारित सीमा तक पहुंच जाते हैं तो उन्हें IIT सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला पाने का मौका मिलेगा.