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आसमान से जमीं पर आए सोने-चांदी के भाव! सिल्वर 1.75 लाख तक सस्ता तो गोल्ड भी 37 हजार तक टूटा

सोने-चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. अपने रिकॉर्ड स्तर पर रहने के बाद कीमतों में भारी-गिरावट दर्ज की गई है. जानें लेटेस्ट रेट

IANS

Gold-Silver Latest Rate: अपने हाई पर रहने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है. सोने के दाम करीब 37 हजार तक कम हो गए हैं. ग्लोबल मार्केट के रुख, डॉलर की चाल और घरेलू मांग का सीधा असर इन कीमती धातुओं के दाम पर पड़ा है. 

सोने-चांदी के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव जहां इनवेस्टर्स को झटका दे रहा है, तो दूसरी ओर खरीदारों में उत्साह है. देशभर में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. 

जानें सोने-चांदी के लेटेस्ट रेट 

22 कैरेट सोना- 1,43,468/प्रति 10 ग्राम 
24 कैरेट सोना- 1,56,510/ प्रति 10 ग्राम

जानें चांदी के लेटेस्ट रेट

999 फाइन चांदी- 2,46,040/प्रति किलो 

बीते एक महीने से ही सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. पिछले 16 दिन के चांदी की कीमतों की बात करें तो हाई लेवल से अचानक क्रैश होकर रिकॉर्ड स्तर तक टूटी. खासकर 29 जनवरी से 13 फरवरी तक चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. 

यह भी पढ़ें- अमेरिका के साथ ट्रेड डील होते ही लुढ़क गया सोना, चांदी की कीमतों में भी आई भारी कमी, जानें क्यों हो रहे उलटफेर

वहीं, गोल्ड रेट की बात करें तो यह भी अपवे हाई लेवल से काफी सस्ता हो गया है. 29 जनवरी को ही चांदी के साथ सोने के भाव आसमान पर थे. तब सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया. मौजूदा रेट इससे 37,201 हजार तक कम हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल और रुपये की स्थिति से कीमतें प्रभावित हो सकती हैं. जो आगे भी जारी रहेंगी. ऐसे में निवेशकों और खरीदार दोनों की ही नजर बनी हुई है.

बीते दिनों सोने-चांदी के रेट हाई लेवल पर पहुंचने से गोल्ड खरीदना लोगों को सपने जैसा लगने लगा था. नतीजतन खरीद में काफी कमी आई. वहीं, शादी-ब्याह में भी सोने की डिमांड कम हुई. ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद सोना-चांदी आम लोगों के लिए महंगे हो जाते हैं. ऐसे में गहने खरीदने वाले ग्राहक, शादी-विवाह या निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड-सिल्वर लेने वाले लोग खरीद टाल देते हैं. इसके अलावा चांदी का इस्तेमाल इंडस्ट्री में भी होता है. जब इंडस्ट्रियल मांग को लेकर चिंता बढ़ती है, तो उसकी खरीद भी कम हो जाती है.

 

 

 

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