सोना-चांदी ने मचाया धमाल, दामों में बढ़ी बढ़त, आज भी बने नए रिकॉर्ड, जानिए आपके शहर में क्या है नया भाव!
Gold And Silver Rate: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया. अमेरिका में बढ़ते राजनीतिक तनाव और ईरान में उभरते हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बन गया, जिसका सीधा फायदा सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी को मिल.
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Gold And Silver Price: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया. अमेरिका में बढ़ते राजनीतिक तनाव और ईरान में उभरते हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बन गया, जिसका सीधा फायदा सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी को मिल. वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं ने बाजारों में डर बढ़ाया और निवेशकों का रुझान जोखिम भरे एसेट्स से हटकर कीमती धातुओं की ओर चला गया.
एमसीएक्स पर सोना-चांदी की जोरदार छलांग
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना खबर लिखे जाने तक 2,333 रुपये यानी 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,41,152 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान इसने 1,41,250 रुपये प्रति 10 ग्राम का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर भी छुआ. वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और यह 10,598 रुपये यानी 4.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,63,323 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी. सत्र के दौरान चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए 2,63,996 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर हासिल किया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं का जलवा
केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई. वैश्विक बाजार में सोना 1.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,575.82 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि कारोबार के दौरान इसने 4,601.17 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ. वहीं चांदी की कीमतों में 4.85 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली और यह 83.19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. सत्र के दौरान चांदी ने भी 83.88 डॉलर प्रति औंस का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर दर्ज किया.
अमेरिकी फेड और ट्रंप के बीच बढ़ता टकराव
बाजार की चिंता को और बढ़ाने वाला एक बड़ा कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) से जुड़ा घटनाक्रम रहा. फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल ने जानकारी दी कि केंद्रीय बैंक को न्याय विभाग की ओर से ग्रैंड जूरी के समन मिले हैं, जो फेड मुख्यालय में हुए निर्माण कार्य से संबंधित हैं. इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेड के बीच तनाव और गहरा गया है. राजनीतिक दबाव और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर सवालों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
क्यों बढ़ रही है सुरक्षित निवेश की मांग?
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटीज उपाध्यक्ष राहुल कलांत्री के अनुसार, वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे हालात, अमेरिकी केंद्रीय बैंक पर राजनीतिक दबाव और अमेरिका में उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों के चलते निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके अलावा ईरान में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने भी बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है. निवेशकों को आशंका है कि अगर वहां राजनीतिक हालात और बिगड़े तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा.
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार को समर्थन
पिछले सप्ताह अमेरिका से आए रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे यह संभावना मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिलता है, क्योंकि कम ब्याज दरों के माहौल में कीमती धातुएं निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाती हैं.
सोना-चांदी के तकनीकी स्तर क्या कहते हैं?
विश्लेषकों के मुताबिक, सोने को 1,34,550 से 1,32,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ऊपर की ओर 1,41,350 से 1,43,670 रुपये के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है. वहीं चांदी के लिए 2,48,810 से 2,44,170 रुपये प्रति किलोग्राम का सपोर्ट लेवल अहम माना जा रहा है, जबकि 2,55,810 से 2,59,470 रुपये के बीच रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है.
पिछले हफ्ते भी दिखी जबरदस्त तेजी
पिछले सप्ताह भी कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली थी. सोने की कीमतों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी 7 प्रतिशत से अधिक चढ़ी थी. रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरें और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के बयान जैसे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों ने भी सोने-चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई है.
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