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'वो हिटलर है, सबसे जंग कर रहा है, एक दिन हमें भी', भारत के बड़े बिजनेसमैन ने ट्रंप के मंसूबों से कर दिया आगाह

डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अब पूरी दुनिया धीरे-धीरे खड़ी हो रही है. ग्लोबल साउथ सहित अब कारोबार जगत ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है. इसी बीच भारत के एक बड़े उद्योगपति ने ट्रंप को हिटलर तक कह दिया है.

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08 Jan 2026
( Updated: 08 Jan 2026
07:14 PM )
'वो हिटलर है, सबसे जंग कर रहा है, एक दिन हमें भी', भारत के बड़े बिजनेसमैन ने ट्रंप के मंसूबों से कर दिया आगाह
Trump / Niranjan Hiranandani (File Photo)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की है, ऐसा लगता है कि पूरी दुनिया एक तरफ है और अमेरिका एक अलग ही दिशा में जा रहा है. ट्रंप न सिर्फ एकतरफा और मनमाने टैरिफ व पेनाल्टी लगा रहे हैं, बल्कि ट्रेड को अपनी बात मनवाने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. ट्रंप को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने ट्रेड डील को पूरी तरह वेपनाइज कर दिया है. वहीं भारत जैसे देशों ने ट्रंप की बुली पॉलिटिक्स के सामने झुकने से इनकार कर दिया है. अब बिजनेस जगत भी राष्ट्रहित में खड़ा होने लगा है और खुलकर अमेरिका की हेजेमोनिक नीति का विरोध कर रहा है. इसी कड़ी में हीरानंदानी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर निरंजन हीरानंदानी ने ट्रंप पर बड़ा हमला बोला है.

ट्रंप हिटलर बन गया है: निरंजन हीरानंदानी

मुंबई में एक निजी चैनल के कार्यक्रम ‘मुंबई मंथन’ में बात करते हुए हीरानंदानी समूह के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने डोनाल्ड ट्रंप को एक तरह से तानाशाह करार दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हिटलर बन गए हैं और पूरी दुनिया को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हिटलर की क्या रणनीति थी, उसने पूरी दुनिया से जंग की थी और अब यही काम ट्रंप कर रहे हैं.

‘पूरी दुनिया को कंट्रोल कर रहा ट्रंप’

महाराष्ट्र, मुंबई और देश के विकास पर चर्चा के दौरान निरंजन हीरानंदानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया रुख, फैसलों और बयानों पर कहा कि वह हिटलर की तरह व्यवहार कर रहे हैं. ट्रंप पूरी दुनिया को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने जंग का रास्ता अपनाया था और आज ट्रंप भी उसी दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं.

‘एक दिन हमें भी जंग करनी होगी’

इस दौरान हीरानंदानी ने आगाह किया कि एक न एक दिन हमें भी ट्रंप के साथ ‘जंग’ करनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से आज की तारीख में अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है और ट्रंप उसका राष्ट्रपति है. यह एक तरह की जंग ही है. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ जंग छेड़ी है, आप माने या न माने. हीरानंदानी ने यह भी कहा कि अगले महीने ट्रंप ग्रीनलैंड को ले लेंगे, उसके बाद कोलंबिया को भी अपने प्रभाव में ले सकते हैं.

‘भारत को भी बढ़ानी होगी अपनी शक्ति’

हीरानंदानी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर ने भारत को अपनी ताकत बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि ट्रंप ने यह दिखा दिया है कि शक्ति ही सर्वोच्च है. हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि जिस दिन जंग में लक्ष्मण रेखा पार हो जाएगी, उस दिन सर्वनाश होगा. यह हमारे गीता में भी कहा गया है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले छह महीनों में ऐसा देखने को मिल सकता है और अगली दीवाली तक हालात और बिगड़ सकते हैं. हीरानंदानी ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में मची उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति न सिर्फ कई देशों से टकराव मोल ले रहे हैं, बल्कि दशकों से चले आ रहे वर्ल्ड ऑर्डर को भी तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एक-दो नहीं, बल्कि एक साथ 66 संगठनों से बाहर निकलने का फैसला किया है.

भारत को स्किलिंग का गैप भरना पड़ेगा: हीरानंदानी

भविष्य की चुनौतियों और जॉब सेक्टर पर बात करते हुए निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि 2030 तक देश में करीब 50 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की कमी होगी. उन्होंने कहा कि जहां स्किल्स का गैप है, वहां हम भरपाई नहीं कर पा रहे हैं. हमें स्किलिंग के इस गैप को भरना होगा. लोग पढ़-लिख तो जाते हैं, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती. हमें इन गैप्स की पहचान करनी होगी.

‘AI को अपनाना होगा, नहीं तो बाहर हो जाएंगे’

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AI को लेकर हीरानंदानी ने कहा कि यह एक भ्रम है कि AI खतरा है या रोजगार देने वाला. उन्होंने साफ कहा कि अगर 2026 तक AI को नहीं अपनाया गया, तो बाजार से बाहर हो जाएंगे—चाहे कोई भी बिजनेस क्यों न हो. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मोबाइल और कंप्यूटर से ज्यादा जरूरत AI की होगी. AI हमारे मोबाइल से 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश में कंप्यूटर आए थे, तब भी हड़तालें हुई थीं, लेकिन कंप्यूटर आने के बाद बैंकों की संख्या हजारों में बढ़ गई.

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