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हर ट्रैवलर की बकेट लिस्ट में होना चाहिए यह शहर, जानिए क्या ख़ास है मध्य प्रदेश के ओरछा में
बुंदेला राजाओं की रियासत और गौरवशाली राजधानी रहा यह शहर आज अपने भव्य किलों, विशाल महलों, प्राचीन मंदिरों और बेतवा के तट पर बनी छतरियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. अगर आप इतिहास, spirituality, वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता का एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो ओरछा आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है.
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मध्य प्रदेश में बेतवा नदी के शांत किनारों पर बसा ओरछा एक ऐतिहासिक शहर है. जैसे ही आप यहाँ कदम रखेंगे आपको यहाँ के हर कोने में इतिहास से जुड़ी कहानी मिल जाएगी. बुंदेला राजाओं की रियासत और गौरवशाली राजधानी रहा यह शहर आज अपने भव्य किलों, विशाल महलों, प्राचीन मंदिरों और बेतवा के तट पर बनी छतरियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है.
अगर आप इतिहास, spirituality, वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता का एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो ओरछा आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है.
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इस शहर की स्थापना 16वीं शताब्दी में बुंदेला राजपूत शासक रुद्र प्रताप सिंह ने की थी. स्थापना के बाद से ओरछा धीरे-धीरे कला, संस्कृति और सत्ता का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा. यहाँ की गलियों और इमारतों में आज भी राजपूत और मुग़ल इतिहास की झलक देखने को मिलती है. बेतवा नदी का खूबसूरत परिदृश्य, ऐतिहासिक इमारतें और धार्मिक महत्व दूर दूर से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.
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यहाँ घूमने की जगहें
ओरछा फोर्ट
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अगर आप इतिहास के पन्नों में झांकना चाहते हैं और बुंदेला राजवंश के समृद्ध शाही वैभव को करीब से देखना चाहते हैं तो आपको ओरछा फोर्ट ज़रूर जाना चाहिए. बेतवा नदी के पास स्थित ये फोर्ट इस शहर का मुख्य आकर्षण है. इस विशाल फोर्ट के अंदर कई महल, courtyard और ऐतिहासिक संरचनाएं मौजूद हैं. इस किले के पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी, पत्थर के विशालकाय द्वार और नक्काशीदार खंभे देख आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे.
राम राजा मंदिर
ओरछा आएं तो राम राजा मंदिर के दर्शन ज़रूर करें. इस मंदिर की सबसे अनोखी बात ये है की यहाँ भगवान श्री राम को केवल देवता के रूप में नहीं, बल्कि एक राजा के रूप में पूजा जाता है. यह भारत का एकमात्र पवित्र धाम है जहाँ ऐसा होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ओरछा में आज भी भगवान राम का ही शासन माना जाता है. यहाँ किसी भी वीआईपी या नेता को 'राजा' का दर्जा या विशेषाधिकार नहीं दिए जाते. इसके अलावा मंदिर परिसर में भगवान श्री राम को 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया जाता है. यह दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु ओरछा पहुँचते हैं.
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ओरछा की छतरियां
बेतवा नदी के घाट पर बनी शाही छतरियां इस जगह की खूबसूरती में चार चाँद लगाती हैं. ये ऐतिहासिक स्मारक बुंदेला राजवंश की वैभवशाली विरासत के प्रतीक हैं, जो बुंदेला शासकों की याद में बनवाए गए थे. इसके अलावा ये उस दौर के स्थापत्य कला का एक शानदार नमूना भी पेश करते हैं.
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अगर आप मध्य प्रदेश के इस खूबसूरत शहर को देखने का प्लान बना रहे हैं तो अक्टूबर से मार्च तक का समय यहाँ घूमने के लिए सबसे अच्छा है. इस दौरान यहाँ का मौसम बेहद आरामदायक रहता है. ना बहुत ज़्यादा ठंड होती है, ना ही तपती गर्मी, इसलिए आप आराम से बिना किसी परेशानी के sightseeing का लुत्फ़ उठा सकते हैं.