×
जिस पर देशकरता है भरोसा

फिर से दिखा ट्रंप का दोगलापन...भारत पर "टैरिफ" विस्फोट कर रूस से एनर्जी डील की बड़ी तैयारी, अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बार फिर से दोगलापन दिखा है. भारत को लगातार टैरिफ दर बढ़ाने की धमकी देकर खुद रूस से बड़ी एनर्जी डील करने में लगे हुए है.

फिर से दिखा ट्रंप का दोगलापन...भारत पर "टैरिफ" विस्फोट कर रूस से एनर्जी डील की बड़ी तैयारी, अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा अमेरिका
Advertisement

अमेरिका ने दोगलेपन की हद पार कर दी है. एक तरफ भारत पर लगातार रूस से तेल न खरीदने को लेकर दबाव डाल रहा है, दूसरी तरफ खुद अपने रिश्तों को मजबूत करने में लगा हुआ है. खबरों के मुताबिक, अमेरिका खुद रूस के साथ एनर्जी डील करने की तैयारी में है. इस बात का खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है. 

रूस से एनर्जी डील करने की तैयारी में अमेरिका 

खबरों के मुताबिक, अमेरिका और रूस के अधिकारियों ने इस महीने यूक्रेन की शांति को लेकर हुई बातचीत के दौरान ऊर्जा समझौतों पर चर्चा की है. अमेरिका ने यूक्रेन में शांति समझौते पर मनाने के लिए रूस को इस डील की पेशकश कर रहा है. इस समझौते के बाद अमेरिका रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में भी ढील दे सकता है.

यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगाए थे कड़े प्रतिबंध

2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए थे. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है. वहीं अब तक रूस-यूक्रेन युद्ध को रुकवाने में अमेरिका को कोई भी सफलता नहीं मिल पाई है. यही वजह है कि ट्रंप बिजनेस का रास्ता निकालकर रूस को मनाने में लगे हैं. 

Advertisement

क्या है सीक्रेट एनर्जी डील में?

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और रूस के बीच होने वाले एनर्जी डील में कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हो सकते हैं. इसमें अमेरिका की कई प्रमुख कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं. वहीं रूस ने अपनी LNG परियोजनाओं के लिए अमेरिकी उपकरण खरीदने की संभावना भी जताई है.

परमाणु ऊर्जा से चलने वाली जहाज पर भी हो सकती है बड़ी डील 

अमेरिका भी रूस से कई बड़ी खरीददारी करने की तैयारी में है. इनमें परमाणु ऊर्जा से चलने वाले आइसब्रेकर जहाज की खरीददारी पर बड़ी डील हो सकती है. यह बातचीत इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के रूस दौरे के दौरान हुईं. इस दौरान विटकॉफ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके दूत किरिल दिमित्रिव से मुलाकात की थी. वहीं ट्रंप और पुतिन के बीच 15 अगस्त को अलास्का में हुए शिखर सम्मेलन के दौरान इन सौदों पर संक्षिप्त चर्चा हुई थी. 

Advertisement

अमेरिका की डील का मकसद रूस-यूक्रेन युद्ध पर रोक लगाना

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप और उनकी टीम रूसी-यूक्रेनी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए बड़ी तैयारी कर रही है, ताकि जंग पर विराम लगाया जा सके. अधिकारी ने बताया कि इन मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बातचीत करना राष्ट्रीय हित में नहीं है. वहीं रूस ने इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी से इनकार किया है.

अमेरिका ने दोगलेपन की हद पार की

Advertisement

यह खबर उस समय आ रही है, जब डोनाल्ड ट्रंप भारत पर मोटा टैरिफ लगा चुके हैं और आगे भी इसे बढ़ाने पर धमकी दे रहे हैं. वहीं खुद रूस से व्यापार कर दोगलेपन वाली हरकत कर रहे हैं. वहीं चीन पर भी वह रियायत बरतते नजर आ रहे हैं, लेकिन जब भारत रूस से तेल भारी मात्रा में खरीद रहा है, तो उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत रूस को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है. 

50 प्रतिशत का टैरिफ दर आज से लागू

यह भी पढ़ें

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ दर आज से लागू हो गया है. वहीं भारत ने टैरिफ मामले पर स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा और अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा. 

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें