पाकिस्तान को ट्रंप का झटका! ईरान के साथ चर्चा के बीच इस्लामाबाद यात्रा का उड़ाया मजाक, बोले- अब नहीं जाएंगे
America-Iran Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से वार्ता के लिए पाकिस्तान की 18 घंटे की लंबी यात्रा पर सवाल उठाते हुए इसका मजाक उड़ाया है.
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अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान मीडिएटर की भूमिका निभा रहा है. अभी हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति ईरान के साथ बातचीत में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान गए थे. हालांकि, नतीजा अब तक कुछ नहीं निकला है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के लिए 18 घंटे की यात्रा पर पाकिस्तान जाने को लेकर मजाक उड़ाया है.
ट्रंप का पाकिस्तान जाने से साफ इनकार
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी टीम ‘महज कागज का टुकड़ा देखने के लिए 18 घंटे की यात्रा कर पाकिस्तान नहीं जाएगी’. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है लेकिन यह वार्ता पाकिस्तान जाकर जाकर नहीं बल्कि अब फोन पर की जा रही है. राष्ट्रपति ने ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये सारी बातें कहीं.
अमेरिका-ईरान के बीच अब फोन पर बातचीत
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच चर्चा का तरीका अब बदल गया है. उन्होंने कहा, “हम अब हर बार सिर्फ एक कागज का टुकड़ा देखने के लिए 18 घंटे की लंबी उड़ान नहीं भर रहे हैं. अब हम टेलीफोन के जरिए बातचीत कर रहे हैं, और यह तरीका बहुत अच्छा काम कर रहा है”.
ट्रंप ने पाकिस्तान यात्रा का उड़ाया मजाक
लंबे सफर और उसके नतीजे का मजाक उड़ाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि किसी बैठक के लिए 18 घंटे का सफर तय करना पूरी तरह से हास्यास्पद है, खासकर तब जब आपको पहले से पता हो कि उस बैठक का विषय क्या है. हालांकि, ट्रंप ने इस बात को माना को ईरान के साथ उनकी बातचीत अब काफी आगे बढ़ चुकी है.
पाकिस्तान की लंबी यात्रा को बताया गैर-जरूरी
आपको बता दें कि ईरान के साथ बातचीत के लिए ट्रंप प्रशासन के दूत पाकिस्तान जाने वाले थे. वहीं, ऐन मौके पर राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दौरा रद्द कर दिया. उन्होंने तर्क दिया कि जब अमेरिका पूरी तरह से मजबूत स्थिति में है, तो केवल बातचीत के लिए अमेरिकी अधिकारियों को 18 घंटे की लंबी यात्रा पर जाने का कोई औचित्य नहीं है.
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए भेजा संदेश
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हालांकि, भले ही अमेरिका ने बातचीत में शामिल होने के लिए अपनी टीम को इस्लामाबाद भेजने से इनकार कर दिया हो, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची हाल ही में कूटनीतिक चैनलों को खुला रखने के लिए पाकिस्तान दौरे पर गए और अमेरिका तक अपने संदेश पहुंचाए.
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