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पूर्व मंत्रियों पर एक्शन के बाद बालेन शाह का एक और बड़ा कदम, Gen-Z आंदोलन से जुड़ा मामला

PM की कुर्सी पर काबिज होते ही नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह लगातार एक्शन मोड़ में हैं. उन्होंने कैबिनेट की पहली बैठक में ही एक और बड़ा फैसला ले लिया जिसका वादा उन्होंने चुनावों में किया था.

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29 Mar 2026
( Updated: 29 Mar 2026
03:18 PM )
पूर्व मंत्रियों पर एक्शन के बाद बालेन शाह का एक और बड़ा कदम, Gen-Z आंदोलन से जुड़ा मामला
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नेपाल (Nepal) की सत्ता पर काबिज होने के तुरंत बाद ही प्रधानमंत्री बालेन शाह एक के बाद एक ताबड़तोड़ एक्शन ले रहे हैं. पहले उन्होंने नेपाल के पूर्व PM केपी ओली और पूर्व उर्जा मंत्री दीपक खड़का को अरेस्ट किया, अब जेन जी आंदोलन में हुई छात्रों की मौत मामले में एक्शन लिया है. 

PM बालेन शाह ने आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों के परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. उन्होंने जेन जी आंदोलन के बाद ये वादा किया था. जिसे अब जमीन पर भी उतार दिया है. 

पहली बैठक में ही दी प्राथमिकता 

बालेन शाह ने PM बनने के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में ही छात्रों के इस मुद्दे पर प्राथमिकता से काम किया. बैठक में तय किया गया कि मृतक छात्रों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी, ताकि उनके परिवारों को आर्थिक संबल और सहारा मिल सके. 

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बालेन शाह के निर्देशानुसार नेपाल के उर्जा मंत्रालय के तहत आने वाले विद्युत प्राधिकरण ने आधिकारिक नोट जारी किया. इस सूचना नोट में प्राधिकरण ने 27 छात्रों के परिवार के लिए सदस्यों की योग्यता के आधार पर नौकरी देने की बात कही है. यानी नेपाल में इस फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है. 

उर्जा प्राधिकरण की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि जिन परिवारों के सदस्यों को नौकरी दी जानी है, उन्हें 35 दिनों के अंदर अपना ब्यौरा, मृतक से संबंध और योग्यता के बारे में जानकारी देनी होगी. इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपा जाएगा. बालेन शाह ने सत्ता संभालते ही जेन जी आंदोलन के प्रभावितों को इस फैसले से बड़ी राहत दी है. उन्होंने तुरंत प्रभाव से इस फैसले को लागू किया. 

नेपाल में कब हुआ था Gen z आंदोलन? 

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नेपाल में 8 सितंबर 2025 को बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवा सड़कों पर उतर आएे थे. इस आंदोलन को जेन जी आंदोलन का नाम दिया गया था. युवाओं के इस विरोध को काबू करने के लिए प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर दी थी. जिसमें 27 छात्रों की मौत हो गई थी. 

यह भी पढ़ें- रैपर से PM की कुर्सी तक- बालेन शाह बने नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति भवन में ली शपथ

आंदोलन के वक्त नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली थे. आरोप है कि उन्होंने ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए थे. इस उग्र आंदोलन की आंच उनकी कुर्सी तक भी आई और आनन-फानन में उन्हें PM पद से इस्तीफा देना पड़ा. 

पूर्व PM समेत तीन मंत्री अरेस्ट 

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जेन जी आंदोलन में युवाओं की मौत मामले में पूर्व PM केपी ओली और उनके साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को अरेस्ट किया गया था. इसके एक दिन बाद पूर्व उर्जा मंत्री दीपक खड़का को भी अरेस्ट कर लिया गया. नेपाल में नई सरकार बनते ही प्रधानमंत्री बालेन शाह ने ताबड़तोड़ फैसलों से राजनीति में हलचल मचा दी है. 

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