‘मुर्दाबाद…’ ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का विरोध, महिलाओं ने ‘मौत’ के नारे लगाए, Video वायरल
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लाख विरोध करने के बावजूद ईरान में मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया. हालांकि उनकी ताजपोशी के बीच ईरानी महिलाएं उनकी ‘मौत’ के नारे लगा रही हैं.
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Iran New Supreme Leader Mojtaba Khamenei: ईरान ने अपना नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है. अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे अयातुल्लाह मोजतबा को ईरान का सर्वोच्च नेता बनाया गया है. यानी ईरान में खामेनेई के जाने के बाद भी खामेनेई राज ही रहेगा. हालांकि मोजतबा के गद्दी संभालने से पहले ही ईरान में महिलाएं उनका विरोध करने लगी हैं.
मोजतबा की ताजपोशी के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें कुछ महिलाएं मोजतबा मुर्दाबाद के नारे लगा रही हैं. महिलाएं फारसी भाषा में मोजतबा की मौत की दुआ मांग रही हैं.
देखें Video
People chanted “Death to Mojtaba” from their windows in Tehran’s Ekbatan neighborhood early Monday shortly before Iran's Assembly of Experts announced Mojtaba Khamenei as the country’s new supreme leader, according to a video shared on social media. pic.twitter.com/nEiM7x7AbM
— Iran International English (@IranIntl_En) March 8, 2026
17 सेकेंड के इस वीडियो में ऊंची इमारतों के बीच लाउडस्पीकर से धार्मिक नारे गूंज रहे हैं. इस बीच महिलाओं की आवाज आती है. वह फारसी में कह रही हैं ‘मोजतबा की मौत हो’. वीडियो में केवल आवाज रिकॉर्ड की गई है. ऐसे में वीडियो की पुष्टि का दावा नहीं किया जा सकता. हालांकि ऐसा लग रहा है वीडियो अपार्टमेंट की खिड़की से बनाया गया है.
ईरान में महिलाएं और युवा खामेनई का विरोध करते रहे हैं. अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर भी ईरान में महिलाओं ने जश्न मनाया था. अब दावा है कि मोजतबा के खिलाफ भी विरोध की लहर उठ रही है.
ट्रंप के बिना चुना गया नया सुप्रीम लीडर
ईरान को जंग का मैदान बनाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ये बात नागवार गुजर रही है. खामेनई की मौत के बाद ट्रंप ने कहा था कि उनके बिना ईरान में नया सर्वोच्च नेता नहीं चुना जा सकता. उधर इजरायल ने भी नए उत्तराधिकारी को खत्म करने की धमकी दी थी. तमाम धमकियों के बीच ईरान में मोजतबा को शीर्ष पर बैठाया गया है.
ट्रंप की बात पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने मजाक भी बनाया था. उन्होंने कहा था, ईरान का भविष्य जेफ्री एपस्टीन के गिरोह नहीं, बल्कि ईरानी जनता तय करेगी.
कैसे हुई मोजतबा की नियुक्ति?
ईरान में सुप्रीम लीडर चुनने वाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर चुने जाने की घोषणा की थी. 88 धर्मगुरुओं की इस परिषद ने निर्णायक वोट के बाद मोजतबा खामेनेई को देश की इस्लामिक व्यवस्था का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना. परिषद की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘यह फैसला देश की स्थिरता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है’. ईरान में सुप्रीम लीडर का पद बेहद शक्तिशाली माना जाता है, क्योंकि वही देश की सेना, विदेश नीति और कई महत्वपूर्ण संस्थाओं पर अंतिम निर्णय लेते हैं.
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
8 सितंबर 1969 को ईरान के मशहद में जन्में मोजतबा खामेनेई का पूरा नाम मोजतबा हुसैनी खामेनेई है. वह अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. वह काफी लो प्रोफाइल रहे हैं. उन्हें ईरानी शासन में कभी कोई पद नहीं लिया, लेकिन धार्मिक और सैन्य हलकों में उनका प्रभाव लंबे समय से मजबूत रहा है. विशेष रूप से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ उनके करीबी संबंधों की चर्चा होती रही है. माना जाता है कि पिछले कई साल से वह पर्दे के पीछे से सत्ता संचालन में अहम भूमिका निभा रहे थे. इसी कारण उनका नाम पहले से ही संभावित उत्तराधिकारी के रूप में चर्चा में था.
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