×
जिस पर देशकरता है भरोसा

'भारत-अमेरिका दो महान देश... विवाद सुलझा लेंगे', ट्रंप के वित्त मंत्री के बदले सुर, SCO बैठक पर बड़ा बयान

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत के साथ तनातनी कम करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि दोनों देश के लोकतंत्रों की नींव मजबूत है और वे अपने मतभेदों को सुलझाने में सक्षम हैं.

'भारत-अमेरिका दो महान देश... विवाद सुलझा लेंगे', ट्रंप के वित्त मंत्री के बदले सुर, SCO बैठक पर बड़ा बयान
Advertisement

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत के साथ तनातनी कम करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका आखिरकार इस समस्या का समाधान निकाल लेंगे. ट्रंप के मंत्री का यह बयान अमेरिकी रुख में बदलाव का संकेत देता है। ट्रंप और उनके सहयोगी लगातार भारत पर आक्रामक हैं.

दो महान देश, चीजें सुलझा लेंगे 

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में भारत के साथ संबंधों पर बात की है. जब उनसे सवाल हुआ कि क्या ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भारत का झुकाव चीन और रूस की तरफ हो गया है. इस पर उन्होंने अमेरिका और भारत के व्यापारिक मतभेद दूर होने की उम्मीद जताई. 

बेसेंट ने कहा कि दो महान देश मिलकर चीजें सुलझा लेंगे. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला लोकतंत्र है. उनके मूल्य चीन की तुलना में हमारे मूल्यों के बहुत करीब हैं और रूस की तुलना में भी वह हमारे करीब है.

SCO बैठक पर बेसेंट का बड़ा बयान 

Advertisement

स्कॉट बेसेंट ने चीन में हुई एससीओ की मीटिंग पर कहा कि यह एक लंबे समय से चली आ रही बैठक है. मुझे लगता है कि यह काफी हद तक औपचारिक मीटिंग होती है. बेसेंट ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक से अमेरिका के लिए चिंता की बात को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि एससीओ एक दीर्घकालिक बैठक है और यह काफी हद तक औपचारिक है. वर्षों से हो रही इस बैठक का कोई खास असर जमीन पर देखने को नहीं मिलेगा.

बेसेंट ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाने के वॉशिंगटन के फैसले के पीछे व्यापार वार्ता में धीमी प्रगति को एक प्रमुख कारण बताया है. उन्होंने कहा कि ट्रेड पर बातचीत के तेजी से ना चल पाने ने मुश्किल पैदा की है. बेसेंट ने इस दौरान रूस से तेल खरीद के लिए भारत की आलोचना भी की. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि भारत के साथ व्यापार अमेरिका के लिए एकतरफा आपदा की तरह है. अमेरिका को इसमें नुकसान उठाना पड़ा है.

ट्रंप प्रशासन रूस पर लगाएगा प्रतिबंध!

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस दौरान रूस पर भी गुस्सा निकाला. उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से हाल ही में शांति वार्ता के बावजूद यूक्रेन पर बमबारी जारी रखने के लिए रूस की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन रूस पर प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है और इसके लिए सभी विकल्प विचाराधीन हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें

ट्रंप प्रशासन ने पहले ही भारतीय वस्तुओं पर 25% का पारस्परिक शुल्क और रूस से जुड़ी तेल आयात पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगा दिया है. इस तरह भारतीय निर्यात और तेल आयात पर कुल 50% शुल्क लग गया है, जो दुनिया के सबसे ऊंचे टैरिफ में से एक है. नवारो ने प्रधानमंत्री मोदी को "महान नेता" बताते हुए भी चेताया कि पुतिन और शी जिनपिंग के साथ भारत की नजदीकियां "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की साख" को कमजोर करती हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें