×
जिस पर देशकरता है भरोसा

ट्रंप ने भारत में राजदूत बनाने की जताई थी इच्छा... भारतीय मूल के डिफेंस विशेषज्ञ एश्ले टेलिस अमेरिका में गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

भारतीय मूल के अमेरिकी डिफेंस विशेषज्ञ एश्ले जे टेलिस को चीन के लिए जासूसी के आरोप में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया. उनके पास एक हजार से अधिक पन्नों वाले टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए. दोषी पाए जाने पर उन्हें 10 साल की कैद और 2,50,000 डॉलर तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है.

ट्रंप ने भारत में राजदूत बनाने की जताई थी इच्छा... भारतीय मूल के डिफेंस विशेषज्ञ एश्ले टेलिस अमेरिका में गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
Source: Social Media
Advertisement

अमेरिका में भारतीय मूल के अमेरिकी डिफेंस स्ट्रैटजिस्ट और विदेश नीति विशेषज्ञ एश्ले जे टेलिस (Ashley J. Tellis) को चीन के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स अवैध रूप से अपने पास रखे और कई मौकों पर चीनी अधिकारियों से संपर्क बनाए.

टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स बरामद

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के अनुसार, 64 साल के टेलिस ने एक हजार से अधिक पन्नों वाले संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स अवैध रूप से अपने वियना, वर्जीनिया स्थित घर में रखे थे, जिन्हें जांचकर्ताओं ने बरामद किया. उन्हें इस वीकेंड गिरफ्तार किया गया और सोमवार को औपचारिक आरोप तय किए गए. यदि दोषी साबित होते हैं, तो उन्हें अधिकतम 10 साल की कैद और 2,50,000 डॉलर तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. इसके अलावा, 100 डॉलर का विशेष शुल्क और संपत्ति जब्त होने का खतरा भी है. सजा की प्रक्रिया फेडरल जज और यूनाइटेड स्टेट्स सेंटेंसिंग गाइडलाइन्स के तहत तय की जाएगी.

Advertisement

अमेरिकी अधिकारियों का बयान

अमेरिकी अटॉर्नी लिंडसे हॉलिगन ने कहा, 'हम अमेरिकी जनता की सुरक्षा को विदेशी और घरेलू खतरों से बचाने पर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. यह मामला हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है. तथ्य और कानून स्पष्ट हैं और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी.'

एश्ले जे टेलिस कौन हैं?

मुंबई में जन्मे टेलिस वाशिंगटन स्थित Carnegie Endowment for International Peace में सीनियर फेलो हैं. भारत और दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने 2001 से अमेरिकी विदेश मंत्रालय में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों प्रशासन में सलाहकार के तौर पर काम किया है. उनके पास टॉप सीक्रेट सिक्योरिटी क्लियरेंस है, जिससे उन्हें अत्यंत संवेदनशील जानकारी तक पहुंच प्राप्त थी.

Advertisement

टेलिस की शैक्षणिक योग्यता 

टेलिस ने सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई से बैचलर्स और यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी पूरी की. अपने करियर के दौरान उन्होंने अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में विशेष सहायक के रूप में पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के साथ काम किया और दक्षिण-पश्चिम एशिया के लिए वरिष्ठ निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दीं.

भारत-अमेरिका संबंधों में टेलिस की क्या रही भूमिका?

भारत पर अमेरिका के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक माने जाने वाले टेलिस ने 2000 के दशक के मध्य में अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते की वार्ताओं में अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी काम किया. जनवरी 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान वाशिंगटन पोस्ट ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि ट्रंप उन्हें भारत में अमेरिकी राजदूत बनाने का इरादा रखते थे, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि इस गिरफ्तारी से अमेरिकी सुरक्षा और विदेश नीति समुदाय में हलचल मची है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अमेरिका-चीन संबंधों और वैश्विक सुरक्षा दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है. टेलिस की गिरफ्तारी से न केवल अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता सामने आई है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि विदेशी संपर्क और संवेदनशील जानकारी के मामले में अमेरिका बेहद सख्त है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें