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क्या उद्धव को किनारे कर शिंदे का साथ देंगे राज ठाकरे? महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, जानें क्या है पूरा मामला

कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने से सियासत गरमा गई है. शिंदे सेना और MNS के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हैं. दोनों दलों के पार्षदों का एक साथ कोंकण डिविजनल कमिश्नर ऑफिस पहुंचना संभावित गठजोड़ की ओर इशारा कर रहा है.

क्या उद्धव को किनारे कर शिंदे का साथ देंगे राज ठाकरे? महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, जानें क्या है पूरा मामला
Eknath Shinde/ Raj Thackeray (File Photo)
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महाराष्ट्र की कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की राजनीति इन दिनों बेहद दिलचस्प दौर से गुजर रही है. किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण सत्ता की चाबी अब गठबंधन की राजनीति पर टिक गई है. इसी बीच शिंदे सेना और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है.

शिंदे की पार्टी कर सकती है MNS से गठबंधन 

सूत्रों के मुताबिक, शिंदे सेना और MNS मिलकर कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका में अपना मेयर बना सकती हैं. यदि यह गठबंधन फाइनल होता है, तो भारतीय जनता पार्टी और ठाकरे गुट को सत्ता से बाहर होना पड़ सकता है. बीते एक दिन से दोनों दलों के नेताओं के बीच लगातार बातचीत चल रही है. हालांकि, अब तक किसी भी पार्टी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इस संभावना को उस वक्त और बल मिला, जब बुधवार 21 जनवरी को शिंदे सेना के 53 और MNS के 5 पार्षद एक ही समय पर कोंकण डिविजनल कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे. ये सभी पार्षद ग्रुप रजिस्ट्रेशन के लिए वहां मौजूद थे. दोनों दलों के पार्षदों का एक साथ पहुंचना महज संयोग है या फिर सोची-समझी राजनीतिक रणनीति, इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

बहुमत के लिए चाहिए कितना आँकड़ा?

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कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में मेयर बनाने के लिए कुल 62 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है. मौजूदा स्थिति की बात करें तो शिंदे गुट के पास 53 पार्षद हैं, जबकि BJP के पास 50 पार्षदों की संख्या है. MNS के पास पहले 5 पार्षद थे, लेकिन ठाकरे गुट से MNS में लौटे पार्षदों के कारण यह संख्या बढ़कर 7 मानी जा रही है. वहीं सूत्र यह भी बता रहे हैं कि शिंदे गुट ठाकरे गुट के दो पार्षदों को अपने साथ लाने की कोशिश में है. अगर इन आंकड़ों को जोड़ा जाए, तो शिंदे सेना और MNS का गठबंधन बहुमत के बेहद करीब नजर आता है. यही कारण है कि इस संभावित गठजोड़ को कल्याण डोंबिवली की राजनीति का गेमचेंजर माना जा रहा है.

कैसे शुरू हुई गठबंधन की चर्चा?

कोंकण डिविजनल कमिश्नर के कार्यालय में शिंदे सेना और MNS पार्षदों की मुलाकात MP श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के और MNS नेता राजू पाटिल से भी हुई. इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. मीडिया से बातचीत में MP श्रीकांत शिंदे ने कहा कि MNS ने शिंदे सेना को समर्थन दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी विकास के लिए साथ आएगा, शिंदे सेना उसे साथ लेकर चलेगी.

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फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह गठबंधन आधिकारिक रूप से सामने आता है या नहीं. लेकिन इतना तय है कि कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका की राजनीति में बड़ा बदलाव अब ज्यादा दूर नहीं दिख रहा.

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