हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी, नई पॉलिसी से लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
Haryana: सरकार का दावा है कि यह नीति देश की सबसे बेहतर उद्योग नीतियों में से एक होगी, जो रोजगार, निवेश और नई तकनीक पर विशेष ध्यान देगी.
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Haryana: हरियाणा की सरकार जल्द ही अपनी नई उद्योग नीति 2026 लाने जा रही है, जिसका ड्राफ्ट अब तैयार हो चुका है. इस नीति के बारे में हाल ही में नई दिल्ली में उद्यमियों से बैठक करके सुझाव लिए गए हैं, और अब इन सुझावों के आधार पर पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. सरकार का दावा है कि यह नीति देश की सबसे बेहतर उद्योग नीतियों में से एक होगी, जो रोजगार, निवेश और नई तकनीक पर विशेष ध्यान देगी.
हरियाणा की सरकार जल्द ही अपनी नई उद्योग निति 2026 लाने जा रही हैं, जिसका ड्राफ्ट अब तैयार हो चुका हैं. इस निति के बारे में हाल ही में नई दिल्ली में उद्यमियों से बैठक करके सुझाव लिए गए हैं, और अब इन सुझावों के आधार पर पॉलिसी क अंतिम रूप दिया जा रहा हैं , सरकार का दावा हैं कि यह निति देश की सबसे बेहतर उद्योग नीतियों में से एक होगी, जो रोजगार , निवेश और नई तकनीक पर विशेष ध्यान होगी.
युवाओं और महिलाओं को मिलेगा ज्यादा रोजगार
नई उद्योग नीति में हरियाणा के युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को विशेष लाभ मिलेगा. अगर कोई कंपनी हरियाणा के स्थानीय युवाओं को नौकरी देती है, तो उसे सरकार से ज्यादा प्रोत्साहन राशि मिल सकती है. इसके अलावा, अगर कोई कंपनी दिव्यांग व्यक्तियों और स्थानीय महिलाओं को नौकरी देती है, तो उसे हर साल करीब 1.2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है. सरकार की योजना है कि जो कंपनियां ज्यादा संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगी, उन्हें ज्यादा सब्सिडी भी दी जाएगी.यह कदम राज्य के बेरोजगारी दर को घटाने और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है.
रिसर्च और पेटेंट को मिलेगा बढ़ावा
इस नई नीति में रिसर्च और इनोवेशन को भी प्राथमिकता दी जाएगी. अगर कोई बड़ी कंपनी अपने उद्योग में रिसर्च सेंटर स्थापित करती है, तो उसे 50% तक की सब्सिडी मिल सकती है. इसके अलावा, बड़ी इंडस्ट्री को 10 करोड़ रुपये तक और मेगा प्रोजेक्ट्स को 50 करोड़ रुपये तक की मदद दी जा सकती है.
सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा में कंपनियां अपने उत्पादों का पेटेंट करें. इस नीति के तहत, यदि कोई कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट कराती है, तो उसे 50 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट प्राप्त करने पर उसे 1 करोड़ रुपये तक की मदद मिल सकती है. इससे हरियाणा को इनोवेशन और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने में मदद मिलेगी.
मजबूत निगरानी व्यवस्था
नई नीति में एक मजबूत निगरानी सिस्टम भी लागू किया जाएगा. इसके लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री करेंगे. यह कमेटी बड़े प्रोजेक्ट्स की मंजूरी देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी प्रोजेक्ट्स सही दिशा में चल रहे हैं. इसके अलावा, एक हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड भी बनाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता उद्योग मंत्री करेंगे. यह बोर्ड छोटे और बड़े उद्योगों के लिए अलग-अलग समितियों के माध्यम से काम करेगा, जिससे निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया और भी पारदर्शी होगी.
पॉलिसी की खास बातें
नई उद्योग नीति में कंपनियों को सिर्फ निवेश के आधार पर नहीं, बल्कि उनके कार्य और प्रदर्शन के आधार पर फायदा मिलेगा. इस नीति में स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जाएगी, जो अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से 30% से 100% तक हो सकती है. सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पॉलिसी को पूरी तरह से सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लागू किया जाएगा, जिससे सभी कंपनियों को एक ही पोर्टल पर सभी सुविधाएं मिलेंगी. इसमें ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग और तय समय में मंजूरी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे उद्यमियों के लिए काम करना और भी आसान हो जाएगा.
इसके अलावा, सरकार ने ऐसे उद्योगों के लिए अतिरिक्त 5% तक की सब्सिडी देने का भी प्रस्ताव किया है, जो ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.
जल्दी लागू होगी पॉलिसी
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उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने सभी क्षेत्रों के उद्यमियों से सुझाव ले लिए हैं और अब पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जल्द ही इस नीति को कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखा जाएगा और फिर इसे लागू कर दिया जाएगा. पॉलिसी के लागू होने से हरियाणा में उद्योगों का विकास तेजी से होगा और राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
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